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सरकारी बीमा : कुछ अच्छा और कुछ महंगा

व्यक्तिगत दुर्घटना कवर अच्छा है, लेकिन जीवन बीमा योजना सस्ती नहीं है और अटल पेंशन योजना निकासी को लेकर कठिन है। पेश है प्रिया नायर और ऐश्ली कुटिन्हो का जायजा कुछ दिन पहले तीन सरकारी पॉलिसी – प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और अटल पेंशन योजना को काफी उत्साह के साथ शुरू किया गया। इन योजनाओं का मकसद मुख्य रूप से कम आय वाले सेगमेंट के लिए सस्ता बीमा मुहैया कराना है। पहली नजर में ये योजनाएं कम प्रीमियम योगदान के साथ आकर्षक दिख रही हैं और जीवन और दुर्घटना बीमा पॉलिसी दोनों के लिए प्रीमियम कम से कम तीन वर्षों के लिए समान बने रहने की संभावना है। इसके अलावा ये योजनाएं न सिर्फ जन धन खाताधारकों के लिए बल्कि सभी बचत बैंक खाताधारकों के लिए खुली हुई हैं। चंडीगढ़ के वित्तीय योजनाकार मणिकरन सिंगल कहते हैं, 'बैंक अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए इन योजनाओं पर ध्यान देंगे, लेकिन मेरी राय यह है कि यदि आप पर्याप्त रूप से इस तरह के कवर से वंचित हैं तभी इनकी खरीदारी करें।' 

एडलवाइस टोकियो लाइफ इंश्योरेंस के मुख्य परिचालन अधिकारी नीलेश परमार के अनुसार दावों की प्रक्रिया इन योजनाओं की पेशकश कर रही कंपनियों के लिए समस्या बन सकती है। वह कहते हैं, 'चूंकि चिकित्सा जांच के लिए कोई जरूरत नहीं है, इसलिए स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़े लोग इन्हें अपना सकते हैं जिससे बीमा कंपनियों के लिए इनका निष्पादन कठिन हो सकता है।' वह कहते हैं कि कंपनियां जन धन योजना के साथ पंजीकृत लोगों से बड़ी संख्या में दावेदारी पहले ही दर्ज कर रही हैं, क्योंकि वे 30,000 रुपये के फ्री टर्म कवर और एक लाख रुपये के ऐक्सीडेंट कवर के लिए पात्र हैं। आइए, इन योजनाओं के लाभ और खामियों पर विस्तृत रूप से नजर डालते हैं:

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना एक वर्ष की अवधि की जीवन बीमा योजना की पेशकश कर रही है जो हर साल नवीकृत होगी। यह 18 और 50 साल के बीच की उम्र के सभी बचत बैंक खाताधारकों के लिए उपलब्ध है। इसमें किसी भी वजह से मौत होने की स्थिति में 2 लाख रुपये की बीमित रकम का भुगतान किया जाएगा। सालाना देय प्रीमियम 330 रुपये है जो आपके द्वारा 31 मई से पहले इसे शुरू किए जाने पर आपके बैंक खाते से काट लिया जाएगा। विलंब से नामांकन 31 अगस्त तक संभव है जिसे अन्य 3 महीने के लिए बढ़ाया जा सकता है। बाद में जुडऩे वाले लोग निर्धारित फॉर्मेट में अच्छे स्वास्थ्य का स्व-प्रमाणपत्र पेश कर संबद्घ कवर के लिए पूरे सालाना प्रीमियम के भुगतान के साथ इसमें सक्षम हो सकते हैं।

लाभ: कम प्रीमियम के अलावा, इस जीवन बीमा योजना का एक बड़ा लाभ यह है कि इसके लिए किसी मेडिकल टेस्ट की जरूरत नहीं है और इससे जुड़ी दस्तावेजी प्रक्रिया भी लगभग शून्य है, क्योंकि यह आपके बैंक खाते से संबद्घ है। एडलवाइस टोकियो के परमार कहते हैं, 'अन्य कई योजनाओं में सख्त दस्तावेजी प्रक्रिया और चिकित्सा जांच का सामना करना पड़ता है। लेकिन इसमें आपको स्व-प्रमाणन की जरूरत है। इसलिए यह ग्राहकों के नजरिये से सकारात्मक है।' एक साल के अंदर आत्महत्या की स्थिति में बीमित रकम नहीं चुकाए जाने का सामान्य प्रतिबंध इसमें लागू नहीं है।

फाइन प्रिंट: किसी की सालाना सैलरी के 10 गुना के बराबर लाइफ कवर के तहत 2 लाख रुपये का कवर 2000 रुपये प्रति माह कमाने वाले व्यक्ति के लिए ही पर्याप्त साबित हो सकता है। पॉलिसीलिटमस डॉटकॉम के सह-संस्थापक साजी जॉर्ज कहते हैं, 'सामान्य मध्य वर्ग के लिए ऑनलाइन टर्म इंश्योरेंस प्लान खरीदना समझदारी वाला निर्णय हो सकता है। यदि वे नियोजित हैं तो वे समूह टर्म योजनाओं के तहत पहले से ही कवर में शामिल हैं जिन पर काफी कम प्रीमियम वसूला जाता है।'

जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत टर्म लाइफ इंश्योरेंस प्रति 1000 रुपये की बीमित रकम के लिए 1.445 रुपये पर उपलब्ध है। यह मौजूदा वाणिज्यिक समूह पॉलिसी दरों से लगभग दोगुना है जो 0.75 रुपये से 1.25 रुपये (प्रति 1000 रुपये बीमा राशि) के साथ अलग अलग हैं। जॉर्ज कहते हैं, 'ऐसा लगता है कि योजना के तहत जीवन बीमा कवर खरीदने वाले सामान्य नागरिकों से अधिक दाम वसूला जा रहा है।' माईइंश्योरेंसक्लब डॉटकॉम के मुख्य कार्याधिकारी दीपक योहान्नन कहते हैं कि दो लाख रुपये की बीमित रकम के लिए 330 रुपये के प्रीमियम के समान अनुपात को देखते हुए 1 करोड़ रुपये की बीमित राशि वाले टर्म प्लान के लिए प्रीमियम 16,500 रुपये बैठेगा जो बहुत सस्ता नहीं है। 

लाइफ कवर 55 साल की उम्र में समाप्त होता है। इसका मतलब है कि अपना कवर बढ़ाने के इच्छुक लोग बाजार से नया टर्म प्लान खरीद सकते हैं जो बेहद महंगा साबित हो सकता है। 2 लाख रुपये की बीमित रकम के लिए टर्म प्लान माइक्रो इंश्योरेंस के तहत उपलब्ध नहीं है। सिंगल कहते हैं, 'आपको एंडोमेंट या यूलिप (यूनिट-लिंक्ड इंश्योरेंस) पॉलिसी के जरिये ही 2 लाख रुपये का लाइफ कवर मिल सकता है जिसमें 2 लाख रुपये के कवर के लिए प्रीमियम कम से कम 20,000 रुपये सालाना पर होगा।' योहान्नन कहते हैं, 'ज्यादातर मौतें 55 साल की उम्र के बाद होती हैं। इसलिए यदि कवरेज 55 साल पर बंद हो जाए तो बीमा कंपनियों के लिए व्यवसाय का जोखिम वाला हिस्सा दूर हो जाता है। यह उनके लिए लगभग शून्य जोखिम है। प्लान उनके लिए समझदारी भरा साबित हो सकता है जिनकी उम्र 40 साल या इससे ऊपर है।' अन्य नुकसान यह है कि प्रीमियम तीन साल के बाद बदलता है। इसलिए यदि विपरीत दावों की तादाद अधिक है तो प्रीमियम बढ़ सकता है। किसी नियमित टर्म लाइफ प्लान में प्रीमियम पॉलिसी की पूरी अवधि तक समान बना रहता है। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एक व्यक्तिगत दुर्घटना कवर है और यह सामान्य बीमा कंपनियों द्वारा पेश स्थायी विकलांगता लाभ से संबद्घ है। यह योजना 18 से 70 साल की उम्र के बीच के किसी भी व्यक्ति के लिए उपलब्ध है। इसमें प्रीमियम 12 रुपये सालाना है।

लाभ: यदि भले ही दुर्घटना की वजह से मौत नहीं हो, पर स्थायी विकलांगता हो गई हो जिससे दोनों आंखों या हाथों या पैरों के इस्तेमाल करने की क्षमता समाप्त हो गई हो तो संबद्घ बीमा कंपनी द्वारा 2 लाख रुपये की रकम चुकार्ई जाएगी। पॉलिसीलिटमस के जॉर्ज कहते हैं, '12 रुपये सालाना प्रीमियम वाली पॉलिसी दो लाख रुपये की बीमा रकम और स्थानीय विकलांगता लाभ की पेशकश करती है जो इसमें लगाई जाने वाली रकम के लिहाज से अच्छी पेशकश है। भले ही आपके पास अन्य कोई पर्सनल ऐक्सीडेंट पॉलिसी हो या न हो, इस स्कीम के तहत 12 रुपये चुकाना समझदारी है।'

फाइन प्रिंट: कम कवर की वजह से यह योजना मध्य वर्ग और उच्च-मध्य वर्ग की नजर में अधिक आकर्षक साबित नहीं हो सकती है। साथ ही कवर की रकम भी उस स्थिति में घटा कर 1 लाख रुपये कर दी गई है जब दुर्घटना से यदि स्थायी विकलांगता हुई हो, जैसे सिर्फ एक आंख या एक हाथ या पैर का नुकसान हुआ हो। अटल पेंशन योजना (एपीवाई) असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों पर केंद्रित योजना है। ग्राहक द्वारा योगदान की न्यूनतम अवधि कम से कम 20 साल होगी। ग्राहकों के पास मासिक प्रीमियम भुगतान का विकल्प होगा। 18 से 40 साल की उम्र के बीच के लोग इसे ले सकते हैं। यह योजना प्रीमियम योगदान के अनुसार प्रति महीने 1000, 2000, 3000, 4000 और 5000 रुपये की गारंटीड न्यूनतम पेंशन की पेशकश करती है। एपीवाई को स्वावलंबम योजना एनपीएस (लाइट) की जगह पेश किया जा रहा है जो अधिक लोकप्रिय नहीं रही थी। स्वावलंबन योजना से जुड़े लोग इसे छोडऩे की इच्छा के साथ स्वत: ही एपीवाई में परिवर्तित हो जाएंगे। 

लाभ: आउटलुक एशिया कैपिटल के मुख्य कार्याधिकारी मनोज नागपाल कहते हैं, 'किसी भी उम्र दायरे के लिए इस स्कीम के लिए पुराने रिटर्न लगभग आठ फीसदी पर हैं। दरें 50-60 साल के लिए तय हैं जिसे देखते हुए यह सरकार द्वारा एक अच्छी पेशकश है।' पांच वर्षों, 2015-166 से 2019-20 के लिए सरकार का सह-योगदान उन ग्राहकों के लिए उपलब्ध है जो 1 जून और 31 दिसंबर 2015 के बीच इससे जुड़े। यह लाभ सिर्फ उन्हीं लोगों के लिए है जो किसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े हुए नहीं हैं और आय कर दाता भी नहीं हैं। कुल योगदान या 1000 रुपये प्रति वर्ष में सरकार 50 फीसदी का योगदान करेगी।

फाइन प्रिंट: एपीवाई के तहत एकत्रित रकम का प्रबंधन सरकार द्वारा निर्धारित निवेश पैटर्न के आधार पर सेक्टर के नियामक द्वारा नियुक्त पेंशन फंडों द्वारा किया जाता है। राष्टï्रीय पेंशन व्यवस्था (एनपीएस) के विपरीत ग्राहक को इसमें निवेश पैटर्न या पेंशन फंड के चयन का विकल्प नहीं है। एपीआई बीच में स्कीम से बाहर निकलने के संदर्भ में एनपीएस के मुकाबले अधिक सख्त कानूनी प्रक्रिया से जुड़ी हुई है। 

(आलेख में एम सरस्वती का भी योगदान)

साभार- http://hindi.business-standard.com/ से 

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