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गुरूग्राम में महक उठे दक्षिण भारतीय व्यंजन

नई दिल्ली। दिल्ली एनसीआर में अमूमन पुरानी दिल्ली का स्पाइसी जायका बेहद लोकप्रिय है लेकिन चटोरी जीभ लिए यहां के लोगों को अपनी तरह के विशिष्ट जायके लिए आयोजित तरह-तरह के फूड फेस्टिवल खासा आकर्षित करते हैं। इसी क्रम में लोगों को सप्ताह अंत में देश के दक्षिण क्षेत्र के चार राज्यों; तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश एवम् तेलांगना के पारम्परिक व्यंजनों का जायका लेने का अद्भुत अवसर मिला।

मौका था मुंबई में पहले सफल संस्करण के बाद गुरूग्राम के लीज़र वैली में आयोजित किये गये दो दिवसीय फूड फेस्टिवल ’एलएफ 91- अ हेरिटेज फूड फेस्टिवल’ का। ज़ी लाइव और लिविंग फूड्ज़ द्वारा फॉर्च्यून बिरयानी क्लासिक बासमती राइस प्रेजेन्ट्स एलएफ 91 अ हेरिटेज फूड फेस्टिवल का यह दूसरा संस्करण था, जहां शहरी क्षेत्रों में क्षेत्रीय भोजन की विरासत को लाने का एक प्रयास किया गया। दक्षिण भारत के राज्यों के सुदूर भागों के लगभग सैकड़ों व्यंजनों ने लोगों को दीवाना बनाया।

दुकानों, स्ट्रीट फूड विशेषज्ञों और पीढ़ियों से चला आ रहा दक्षिण भारतीय गंतव्यों के भोजन के साथ-साथ फेस्टिवल के दोनों ही दिन सेलीब्रिटी शेफ की मास्टरक्लास एवम् लोकप्रिय कलाकारों का गीत-संगीत भी आकर्षण का केन्द्र रहा। जहां पहले दिन शेफ कुणाल कपूर ने अपने अंदाज और पकवान से लोगों को लुभाया वहीं दूसरे दिन शैफ पंकज भदुरिया ने अपने हाथों का जादुई स्वाद देते हुए दक्षिण भारत के विभिन्न व्यंजनों के बारे में बताया।

लीजर वैली पार्क में 4 स्टेट ज़ोन्स तैयार किये गये थे, जहां अलग-अलग राज्यों के विभिन्न व्यंजन और शेफ उपस्थित रहे, उन्होंने लोगों को स्वाद चखाने के साथ फूड से जुड़े रोचक तथ्यों को भी साझा किया। दोनों ही दिन लोगांं ने फेस्टिवल का भरपूर लुत्फ उठाया और शाम के समय आयोजित परफॉर्मेंस पर थिरकते नज़र आये। पहले दिन पारम्परिक ढोल के बाद, डीजे एजे व लोकप्रिय पंजाबी गायक बब्बल राय और जस्सी गिल के गीतों पर जमकर थिरके। वहीं दूसरे दिन भी ढोल संगीत, गायक रित्विज और लोकप्रिय रघु दीक्षित प्रोजेक्ट के गीतों पर उपस्थित सभी लोग जमकर थिरके और सप्ताहअंत का अंत भरपूर जोश के साथ किया।

बब्बल राय ने मैं तेरा अक्षय, जट्ट दे टिकाने, वन ड्रीम सहित कई गाने प्रस्तुत किये। जस्सी गिल ने अपने चिर-परिचित अंदाज में बापू जिमीदार, सारा गुस्सा, गिटार सिख्दा, अट्टी करती, लादेन, निकले करंट, गबरू आदि पर जबरदस्त एनर्जी का माहौल सजाया। दूसरे दिन रघु दीक्षित प्रोजेक्ट ने अपने हिट गाने प्रस्तुत किये और जस्सी द्वारा पहले दिन तैयार माहौल का क्रम जारी रखा। कुल 91 तरह के भोजन का आनंद उठाने का मौका देते इस फेस्टिवल में द रॉयल केरला साध्या और मास्टरक्लास मुख्य आकर्षण रहे।

एलएफ91 फूड फेस्टिवल के स्वरूप बनर्जी ने बताया कि एलएफ 91 दिल्ली एनसीआर के लोगों को दक्षिण भारत के व्यंजनों का स्वाद देने का एक प्रयास है, जहां न केवल देश के विभिन्न हिस्सों से व्यंजनो को शामिल किया गया बल्कि विभिन्न संस्कृतियों से सदियों पुराने गुप्त व्यंजनों को बनाए रखने और पारित करने में भी मदद मिलेगी। फेस्टिवल के प्रति काफी सार्थक व सकारात्मक प्रतिक्रिया हमें मिली है। उन्होंने बताया दिल्ली के बाद इस फेस्टिवल का आयोजन बेंगलुरू में होगा, जहाँ उत्तर भारत में बनाये जाने वाले भोजन का संगम दक्षिण से होगा। प्रत्येक शहर में होने वाला दो दिवसीय फेस्टिवल भारत की सांस्कृतिक धरोहर पर आधारित होगा और सर्वश्रेष्ठ खानसामाओं, महाराजाओं और देश की प्रमाणित क्षेत्रीय व्यंजन की दुकानों द्वारा बनाया जाएगा।

शेफ कुणाल कपूर ने फेस्टिवल और आयोजकों के प्रयास की खासी तारीफ की। उन्होंने कहा कि इस तरह के फेस्टिवल आज के लोगों के लिए अपने आप में बहुत खास सौगात है क्योंकि एक मंच पर विभिन्न राज्यों का रेगुलर व वहां के पारम्परिक व्यंजनों का स्वाद चखने का मौका मिलता है, जो अमूमन मुश्किल होता है।

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