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पश्चिम रेलवे के उड़न दस्ते द्वारा विभिन्न ट्रेनों में विशेष आकस्मिक जाँच

पश्चिम रेलवे को तत्काल आरक्षण के मामलों में नकली / रंगीन फोटो कॉपी टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों के कई मामलों की सूचना मिली थी। इस समस्या पर अंकुश लगाने के लिए, पश्चिम रेलवे के फ़्लाइंग स्क्वाड ने उन विशिष्ट ट्रेनों में विशेष जाँच की, जिनमें ऐसे कई मामलों की रिपोर्ट प्राप्त हुई थी। ये गहन आकस्मिक जाँच 9 और 10 सितम्बर, 2020 को विभिन्न ट्रेनों में की गई।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्री सुमित ठाकुर द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उत्तरी और पूर्वी दिशा के इलाकों से छूटने वाली विभिन्न ट्रेनों में टिकटों की तत्काल बुकिंग के मामलों में ऐसी अधिकतर शिकायतों की जानकारी मिली। पश्चिम रेलवे के सहायक वाणिज्यिक प्रबंधक (टिकट चैकिंग) श्री परवेज़ खान के नेतृत्व में अक्सर ऐसी शिकायतों वाली ट्रेनों के चार्टों को गहराई से स्कैन किया गया। इस दौरान 500 किलोमीटर और उससे अधिक दूरी पर स्थित पीआरएस काउंटरों से तत्काल में बुक किये गये टिकटों के पीएनआर, टिकट और यात्रियों के विवरण की समुचित छॅंटनी की गई। एक विस्तृत ग्राउंडवर्क के बाद, कुछ ट्रेनों और पश्चिम रेलवे क्षेत्राधिकार में उनके परिचालन वाले रेल खंडों की पहचान विशेष आकस्मिक जाँच के लिए सुनिश्चित की गई। ऐसी रेलगाड़ियों के लिए नागदा इंटरचेंज और जलगांव इंटरचेंज हेतु दो टीमें बनाई गईं और औचक निरीक्षण किया गया। तदनुरूप पश्चिम रेलवे के जलगाँव-सूरत- वडोदरा- रतलाम खंड के बीच 9 और 10 सितम्बर, 2020 को पश्चिम रेलवे की टीमों द्वारा 48 घंटों की गहन जाँच की गई।

श्री ठाकुर ने बताया कि चैकिंग के दौरान फ्लाइंग स्क्वायड टीम ने मुंबई की ओर अवध एक्सप्रेस में 20 यात्रियों का पता लगाया, जिनके पास मूल यात्रा टिकट नहीं था। चूंकि ये टिकट यात्रा उत्पत्ति स्टेशन से काफी दूर स्थानों पर उत्पन्न हुए थे, इसलिए उनकी डिलीवरी की सम्भावना बहुत कम थी। इन यात्रियों को “बिना टिकट” मानते हुए उनसे कुल 31,895 रु. रेलवे बकाया राशि के रूप में उनकी यात्रा के अंतिम चरण में वसूल किये गये। विभिन्न यात्रियों के लिए बुक किये गये टिकटों पर अवैध यात्रा करने के लिए दो अन्य यात्रियों को पकड़ा गया और टिकटों के हस्तांतरण के लिए उनसे 2810 रु. वसूले गये। ट्रेन नम्बर 02834 हावड़ा- अहमदाबाद स्पेशल ट्रेन में 30 अगस्त, 2020 को की गई एक अन्य विशेष जाँच में 19 यात्रियों को वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरक्षित बर्थ पर यात्रा करते हुए पाया गया, जबकि वे वरिष्ठ नागरिक के रूप में अर्हता प्राप्त करने के लिए अपनी कम उम्र के कारण पात्र नहीं नहीं थे। इन यात्रियों ने अपने पहचान पत्र के अनुसार संशोधित (वास्तविक से अधिक) आयु वाली ई-आरक्षण पर्ची तैयार करवाई थी। इनसे 28,240 रु. रेलवे बकाया राशि के रूप में वसूल किये गये।

पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री आलोक कंसल ने पश्चिम रेलवे के के उड़न दस्ते के अच्छे प्रयासों की सराहना की है। पश्चिम रेलवे ने सभी रेल उपयोगकर्ताओं से उचित रेल टिकट खरीदने और रेलवे के साथ सहयोग करने का अनुरोध किया है।

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