आप यहाँ है :

सफलता की कहानी ः ग्रामीणों की आमदनी का जरिया बन रहे गौठान

रायपुर। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी सुराजी गांव योजना के तहत बने गौठान अब ग्रामीणों की आमदनी का जरिया बन रहे हैं। गौठान गांव में बहुदेउद्देशीय केन्द्र के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। इसके तहत नरवा को सुधारा जा रहा है, घुरवा में खाद का निर्माण और बाड़ी में सब्जी भाजी के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, वही गौठान में विभिन्न गतिविधियों के लिए महिला स्व-सहायता समूहों को दायित्व सौंपे गयें हैं, गौठान में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा जैविक खाद का निर्माण, फेंसिंग पोल का निर्माण, सब्जी उत्पादन इत्यादि गतिविधियां संचालित की जा रही है।

कांकेर जिले के नरहरपुर विकासखण्ड के ग्राम श्रीगुहान मे पिछले छः महीने से गौठान संचालित किया जा रहा है, जिसमें श्रीगुहान की जय मॉ लक्ष्मी स्व-सहायता समूह की दस महिला सदस्यों द्वारा सब्जी उत्पादन किया जा रहा है, लॉकडाउन के समय में भी उनके द्वारा लगभग डेढ़ लाख रूपये की आमदनी प्राप्त की गई है। नोवल कोराना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए लॉकडाउन की अवधि में महिला स्व-सहायता समूहों के सदस्यों द्वारा घर-घर सब्जी बेचकर डेढ़ लाख रूपये की कमाई की गई है। जय मॉ लक्ष्मी स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती अमिता वट्टी और अमोत्री सलाम ने बताया कि गौठान में सब्जी उत्पादन करने के लिए पंचायत के माध्यम से बोर खनन करवाया गया है। गौठान की जमीन में समूह की महिलाएं कड़ी मेहनत कर लौकी, करेला, बरबट्टी, चेचभाजी, कद््दू, लालभाजी, टमाटर, बैगन, धनिया इत्यादि सब्जी उत्पादन कर लोगों को घर पहुंच सुविधा के माध्यम से सब्जी बेचकर आय अर्जित कर रहीं हैं। इसके अलावा स्व-सहायता समूह की सदस्यों द्वारा आस-पास के गावों और हाट बजारों में भी जाकर सब्जी बेचा जा रहा है।

स्व-सहायता समूह की सदस्यों द्वारा गौठान भूमि में हरा चारा का भी उत्पादन किया जा रहा है, जिससे पशुओं को ताजा एवं हरा चारा मिल रहा है। गौठान भूमि के डेढ़ एकड़ जमीन में जोताई का कार्य पंचायत के सहयोग से किया गया है अब सब्जी लगाने का कार्य फिर से शुरू किया जायेगा। स्व-सहायता समूह की सदस्यों ने गौठान के निर्माण के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के प्रति आभार व्यक्त किया है।

image_pdfimage_print


Leave a Reply
 

Your email address will not be published. Required fields are marked (*)

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

सम्बंधित लेख
 

Back to Top