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विश्व गौरेया दिवस पर सफल आयोजन

मितौली-खीरी, विश्व गौरैया दिवस 20 मार्च के उपलक्ष्य में प्राथमिक विद्यालय दानपुर में ग्रामीणों एवं छात्रों की उपस्थिति में गौरैया सरंक्षण पर एक शैक्षिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमे पर्यावरणविद के के मिश्र ने बच्चों को गौरैया चिड़िया के महत्व को बताते हुए कहाँ की चिड़िया जंगल लगाती है, ये न हो तो पीपल बरगद जैसे पौधे नही उगाए जा सकते, पर्यावरण को स्वस्थ्य व् हरा भरा रखने के लिए पक्षी सरंक्षण जरुरी है, गौरैया हमारे घरों के आस पास के स्वस्थ्य वातावरण की सूचक है,जैसे जंगल में यदि बाघ है तो जंगल समृद्ध माना जाता है उसी तरह गौरैया यदि हमारे आस पास है तो यकीनन यहाँ का पर्यावरण स्वस्थ्य है, सो गौरैया हमारे घरों के बाघ हैं।
बच्चों से पेड़ पौधे लगाने का वादा लिया गया और उन्हें गौरैया के लिए तपती धूप में छायादार स्थानों पर दाना पानी रखने की शपथ दिलाई गई।

गौरैया मित्र मदन चंद मिश्रा ने छात्र छात्राओं और अभिभावकों को बताया कि कौन कौन से पौधे व् बेलें लगाई जाए जिससे गौरैया उनमें घोसला बनाए और गौरैया से जुड़े परम्परागत क़िस्से सुनाए। विद्यालय प्रबंध समिति के पदाधिकारी व् सदस्य भी उपस्थित रहे और उन्होंने इस घर आँगन के परिंदे को सरंक्षित करने की मुहिम में अपना योगदान सुनश्चित किया।

सर्वप्रथम 2010 में दुधवालाइव डॉट कॉम, बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी, बर्ड लाइफ इंटरनेशनल इंग्लैण्ड, आदि संस्थाओं ने गौरैया बचाओ अभियान की।

मुहीम शुरू की, नतीजतन 20 मार्च विश्व गौरैया दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया, और तत्कालीन दिल्ली सरकार ने गौरैया को राज्य पक्षी घोषित किया, बाद में बिहार का भी राज्य पक्षी गौरैया को बनाया गया, उत्तर प्रदेश में सन 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सभी सरकारी एवं गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं में गौरैया दिवस मनाना अनिवार्य किया। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक संजय कुमार शुक्ल, हरे राम, राम हेतु, राजपाल, एवं ग्राम प्रधान रवि प्रकाश सिंह तथा ग्रामीण उपस्थित रहे।

पर्यावरण व वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र प्रतिष्ठित अंतराष्ट्रीय जर्मनी के द बॉब पुरस्कार तथा उत्तर प्रदेश सरकार से सम्मानित दुधवा लाइव डॉट कॉम के संस्थापक के के मिश्र ने सभी को धन्यवाद देते हुए कहा कि पर्यावरण एवं वन्य जीव सरंक्षण सभी नागरिकों का संवैधानिक कर्तव्य है और नैतिक भी इसलिए पशु पक्षी और जीवों के सरंक्षण की जिम्मेदारी हमारी बनती है, साथ ही उत्तर प्रदेश के नव नियुक्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आशा भी उनके जीवों के प्रति स्नेह को देखते हुए की निकट भविष्य में उत्तर प्रदेश के वनों व् वन्य जीवों को सुंदर सरंक्षण प्राप्त होगा। के के मिश्र ने गौरैया मित्रों को लकड़ी के नेस्ट बॉक्स भी वितरित किए।



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