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पश्चिम रेलवे पर बड़े उत्‍साह से मनाया गया ‘स्‍वच्‍छता ही सेवा’ पखवाड़ा

भारतीय रेल द्वारा 16 सितम्‍बर, 2019 से अपने सभी रेल परिसरों अर्थात स्‍टेशनों, ट्रेनों, कार्यालयों, कॉलोनियों, कारखानों, अनुरक्षण डिपो, अस्‍पतालों इत्‍यादि पर स्‍वच्‍छता में बृहद सुधार सुनिश्चित करने हेतु मनाया जा रहा ‘स्‍वच्‍छता ही सेवा’ पखवाड़ा पश्चिम रेलवे पर भी 30 सितम्‍बर, 2019 को सम्‍पन्‍न हो गया। इस पखवाड़े के दौरान रेल परिसरों में प्‍लास्टिक के उपयोग को समाप्‍त करने पर विशेष जोर देते हुए विभिन्‍न कार्यक्रम आयोजित किये गये। उल्‍लेखनीय है कि पश्चिम रेलवे द्वारा नवरात्रि त्‍योहार की शुरुआत की पूर्व संध्‍या पर ‘प्‍लास्टिक को नो बोलो’ गीत रिलीज किया गया, जिसे गुजरात में प्रसिद्ध गरबा गीत ‘सनेडो’ की सुमधुर धुन पर तैयार किया गया है। यह गीत पश्चिम रेलवे के विभिन्‍न सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्मों पर रिलीज़ होने के साथ ही सुपरहिट हो गया है और माननीय रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल और पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री ए. के. गुप्‍ता सहित विभिन्‍न वरिष्‍ठ रेल अधिकारियों द्वारा काफी सराहा गया है। प्‍लास्टिक के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए तैयार किये गये इस गरबा गीत को नवरात्रि मंडल स्‍थलों के साथ-साथ विभिन्‍न पब एवं डिस्‍कोथेक में भी बड़े उत्‍साह से बजाया जा रहा है। यह गीत 2 अक्‍टूबर, 2019 से ‘सिंगल यूज़ प्‍लास्टिक’ पर भारतीय रेलवे द्वारा प्रतिबंध लगाये जाने के परिप्रेक्ष्‍य में पश्चिम रेलवे के जनसम्‍पर्क विभाग द्वारा तैयार किया गया है और पिछले दिनों रिलीज़ हुए ‘मैं हूँ प्‍लास्टिक हटेला’ वीडियो की तरह पश्चिम रेलवे का यह म्‍यूजि़क वीडियो भी सोशल मीडिया और अन्‍य प्‍लेटफॉर्मों पर बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्‍पर्क अधिकारी श्री रविंद्र भाकर द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पश्चिम रेलवे स्‍वच्‍छता पर महात्‍मा गांधी की शिक्षा का अनुसरण करने हेतु प्रतिबद्ध है तथा इसके लिए महात्‍मा गांधी की 150 वीं जयंती के अवसर पर पश्चिम रेलवे ने एक बड़ा स्‍वच्‍छता अभियान आयोजित किया। स्‍वच्‍छता पखवाड़ा की शुरुआत ‘स्‍वच्‍छता जागरूकता’ दिवस से की गई तथा सभी सक्रिय सहभागियों को स्‍वच्‍छता की शपथ दिलाई गई, जिनमें लिपिक वर्गीय कर्मचारी/विभागीय/संविदा खानपान कर्मचारी, जूता पॉलिश करने वाले लड़के, सहायक, ठेके के हाउसकीपिंग स्‍टाफ, यूटीएस, पीआरएस, टिकट जाँच के फ्रंट लाइन स्‍टाफ एवं अन्‍य स्‍टेशन कर्मचारी और विभिन्‍न रेल अधिकारी शामिल थे।

17 सितम्बर, 2019 को ‘स्वच्छता ही सेवा’ पखवाड़े का दूसरा दिन ‘स्वच्छ संवाद’ संकल्पना पर आधारित रहा, जिसमें पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री ए. के. गुप्ता ने बांद्रा टर्मिनस स्टेशन पर विभिन्न यात्रियों से बातचीत की तथा उन्होंने स्वच्छता के महत्त्व से सम्बंधित संदेश दिया। उन्होंने बांद्रा टर्मिनस स्टेशन के कॉनकोर्स हॉल में विभिन्न रेल कर्मियों के साथ संवाद भी किया। इस दिन पश्चिम रेलवे के विभिन्न स्टेशन परिसरों एवं अन्य स्थानों पर बड़े पैमाने पर श्रमदान का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य फोकस प्लास्टिक कचरे के संग्रहण पर रहा। उल्लेखनीय है कि इस श्रमदान में पूरे पश्चिम रेलवे पर 8563 रेल अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने अपने परिजनों तथा 100 से अधिक स्वयंसेवी संगठनों एवं कर्मचारी यूनियनों, कॉपोरेट कर्मचारियों और उनके सहयोगी संगठनों ने सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई। 18 सितम्बर, 2019 को भी पश्चिम रेलवे के विभिन्न मंडलों में महा श्रमदान अभियान का आयोजन किया गया। सिंगल यूज़ प्लास्टिक के नुकसानों को उजागर करने तथा स्वच्छता के महत्त्व के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ नाटक मंचित किये गये। सिगल यूज़ प्लास्टिक के बदले पर्यावरण मित्रवत विकल्पों का प्रयोग करने को बढ़ावा देने के लिए पश्चिम रेलवे पर कपड़े के 36 सौ से अधिक थैले वितरित किये गये। स्वच्छता पखवाड़े के दौरान पश्चिम रेलवे के विभिन्न स्टेशनों पर कुल लगभग 109.38 टन प्लाटिक कचरे का संग्रहण किया गया।

पखवाड़े के दौरान ‘स्वच्छ स्टेशन’ संकल्पना के अवसर पर पश्चिम रेलवे द्वारा प्लास्टिक के खिलाफ जागरूकता जगाने के लिए ‘मैं हूँ प्लास्टिक हटेला’ शीर्षक से एक लघु फिल्म का प्रदर्शन सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों पर किया गया। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर सुपरहिट हो गई है और इसे पूरे देश के विभिन्न भागों से काफी सराहना मिल रही है। इस वाइरल हो चुकी लघु फिल्म को ट्विटर और फेसबुक सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर अब तक बड़ी संख्या में लाइक्स मिल चुके हैं और इसे पसंद करने वालों की तादाद लगातार बढ़ती जा रही है। 1 मिनट 41 सैकेंड की इस रोचक लघु फिल्म को रेल मंत्रालय के ट्विटर हैंडल से भी ट्वीट करके सराहा गया, वहीं सीएनबीसी आवाज़ सहित अनेक संचार माध्यमों ने इसे एक अनूठी जागरूकता पहल बताते हुए इसकी जमकर तारीफ की। माननीय रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल ने भी ‘लेस प्लास्टिक इज़ पैं€टास्टिक’ कैप्शन के साथ अपने सोशल मीडिया हैंडल पर वीडियो शेयर किया तथा जागरूकता फैलाने के लिए पश्चिम रेलवे के अनूठे तरीके को सराहा। इस लघु फिल्म में ‘प्लास्टिक हटेला’ किरदार के माध्यम से दुनिया पर हो रहे प्लास्टिक के दुष्प्रभावों को बेहद असरदार और रोचक ढंग से दर्शाया गया है।

महात्मा गांधीजी की 150 वीं जयंती के अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2 अक्टूबर, 2019 से पूरे देश में ‘सिंगल यूज़ प्लास्टिक’ पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा को दृष्टिगत रखते हुए इस लघु फिल्म का सम-सामयिक महत्त्व और अधिक बढ़ गया है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले पिछले दिनों पश्चिम रेलवे द्वारा बिना टिकट यात्रा के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए ‘रैप सॉन्ग’ के रूप में चलाये गये – ‘तेरा टाइम आयेगा’ अभियान को भी बड़ी संख्या में लोगों द्वारा पसंद किया गया था। इस लघु फिल्म का प्रदर्शन पश्चिम रेलवे के सभी स्टेशनों पर लगे डिजिटल स्क्रीन के अलावा विभिन्न मंडल रेल कार्यालयों और कारखानों में लगे डिजिटल संचार माध्यमों के ज़रिये भी किया जा रहा है। ‘स्वच्छ रेल – स्वच्छ भारत’ अभियान के अंतर्गत भारतीय रेल पर पहली बार किसी ट्रेन के डिब्बे में सर्वप्रथम प्लास्टिक क्रशिंग मशीन की महत्त्वपूर्ण उपलब्धि पश्चिम रेलवे के लोअर परेल कारखाने द्वारा एलएचबी पेन्ट्रीकार (03840WR) में PET बॉटल क्रशिंग मशीन की स्थापना करके हासिल की गई है। यह मशीन प्रतिदिन 3000 प्लास्टिक बोतलों को क्रश करने की क्षमता रखती है।

पखवाड़े के छठे दिन ‘स्वच्छ रेलगाड़ी’ संकल्पना साकार हुई, जिसके अंतर्गत वरिष्ठ अधिकारियों, पर्यवेक्षकों तथा ओबीएचएस स्टाफ की टीमों ने पूरे पश्चिम रेलवे पर विभिन्न ट्रेनों का निरीक्षण कर स्वच्छता के इंतज़ामों को देखा और यात्रियों से फीडबैक लिया। विभिन्न ट्रेनों के डिब्बों में करें/न करें से सम्बंधित स्वच्छता जागरूकता पोस्टर लगाये गये। 28 सितम्बर, 2019 को ‘स्वच्छ प्रसाधन’ संकल्पना के अंतर्गत 2309 शौचालयों का निरीक्षण किया गया। 1301 शौचालयों की सघन सफाई सुनिश्चित की गई तथा इस दौरान पाई गई 376 खामियों को सुधारा गया। स्वच्छता पखवाड़े के दौरान 16 सितम्बर से 30 सितम्बर, 2019 तक कचरा फैलाने के खिलाफ चलाई गई विशेष मुहिम में रेल अधिनियम की धारा 198 के अंतर्गत कुल 3926 यात्रियों से 7,59,780 रु. का जुर्माना वसूल किया गया। पखवाड़े के दौरान सूखे एवं गीले कचरे के अलग-अलग संग्रहण के लिए विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों तथा स्थानीय संस्थाओं की ओर से पूरे पश्चिम रेलवे के स्टेशनों पर 1264 डस्टबिन दान के रूप में प्राप्त हुए। पखवाड़े के अंतर्गत समूचे पश्चिम रेलवे के 51 स्टेशनों पर पौधारोपण के कार्यक्रम आयोजित किये गये, जिनमें 15831 पौधे लगाये गये। विभिन्न स्टेशनों के प्रमुख स्थानों पर स्वच्छता और प्लास्टिक पर पाबंदी के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए 4535 पोस्टर, बैनर और अन्य सामग्री का प्रदर्शन किया गया। सिंगल यूज़ प्लास्टिक का बहिष्कार करने तथा स्टेशन परिसरों को साफ-सुथरा रखने के सामाजिक संदेशों को जन सामान्य तक पहुँचाने के लिए रेलवे स्टेशनों पर लगातार उद्घोषणाएँ की जाती रहीं। ‘स्वच्छता ही सेवा ’ के पैगाम वाली ऑडियो/वीडियो फिल्मों का प्रदर्शन विभिन्न प्रमुख स्टेशनों पर लगी 274 डिजिटल स्क्रीन पर किया गया। स्वच्छता अभियान एवं श्रमदान के अवसर पर शामिल सभी प्रतिभागियों को स्वच्छता के विशेष संदेशों वाले कागज से बने स्केल, पेपर कैप्स, डस्टबिन की आकार वाली पैम्फलेट तथा रिस्ट बेंड जैसी सुरुचिपूर्ण सामग्री बाँटी गई। साथ ही यात्रियों और रेल कर्मियों को ‘नो प्लास्टिक’ के संदेश वाली पेपर कैप और रंगीन पर्चों का वितरण भी किया गया।

पश्चिम रेलवे के चर्चगेट, मुंबई सेंट्रल, बांद्रा, बोरीवली, वडोदरा, आणंद, अहमदाबाद, गांधीधाम, वीरमगाम, महेसाणा, पालनपुर, भुज, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, चित्तौड़गढ, नागदा, सुरेन्द्रनगर, जामनगर, राजकोट, भावनगर टर्मिनस, भावनगर परा, सोनगढ़, वेरावल, सोमनाथ, गोंडल, बोटाड, पालिताना और पोरबंदर सहित कुल 28 प्रमुख स्टेशनों पर प्लास्टिक पाबंदी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सेल्फी पॉइंट स्थापित किये गये। स्वच्छता ही सेवा के संदेश को फैलाने के लिए विभिन्न स्टेशनों पर नुक्कड़ नाटकों का मंचन भी किया गया।

पश्चिम रेलवे द्वारा रेलवे परिवेश में स्वच्छता बनाए रखने की आवश्यकता पर प्रकाश डालने और भारतीय रेलवे में एकल उपयोग प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध के बारे में जनता को सूचित करने के लिए अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस दो दिवसीय प्रदर्शनी का उद्घाटन अहमदाबाद मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री दीपक कुमार झा द्वारा किया गया और यह 29 एवं 30 सितम्बर, 2019 को अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के कॉन्कोर्स हॉल में जन सामान्य के अवलोकनार्थ खुली रही। प्रदर्शनी में सम्बंधित मंडल के डिविजनल अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा विस्तृत जानकारी के साथ एक बायो-टॉयलेट और बॉटल क्रशिंग मशीन के लाइव मॉडल प्रदर्शित किये गये। हानिकारक और विषाक्त प्लास्टिक क्रॉकरी को बदलने वाली बायो-डिग्रेडेबल क्रॉकरी भी प्रदर्शनी में थे। प्रदर्शनी के उद्घाटन के दौरान रेलवे कर्मचारियों की अहमदाबाद सांस्कृतिक टीम द्वारा गरबा नृत्य के साथ प. रे. के सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर अच्छी तरह से प्रचारित किये गये नो टू प्लास्टिक थीम पर आधारित गरबा जिंगल का प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शनी को बड़ी संख्‍या में बच्‍चों और युवाओं सहित विभिन्‍न दर्शकों ने देखा और सराहा। पखवाड़े के अंतिम दिन 30 सितम्‍बर, 2019 को वडोदरा, अहमदाबाद, भावनगर, राजकोट एवं रतलाम मंडलों के मंडल रेल प्रबंधकों द्वारा पत्रकार सम्‍मेलनों को सम्‍बोधित करते हुए सम्‍पूर्ण स्‍वच्‍छता पखवाड़े के दौरान उनके मंडलों में आयोजित विभिन्‍न गतिविधियों की जानकारी प्रदान की गई।

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