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छोटी फिल्मों के सबसे बड़ा महाकुंभ मुंबई में शुरु

मुंबई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2020 का आगाज़ बड़े ही जोरों शोरों से हो चुका है।मंच तैयार हो चुके हैं और निमंत्रण पत्र बांटे जा चुके हैं। दुनिया भर के तमाम फ़िल्मकार, लेखक और सिनेमा प्रेमी सात दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम में भागीदारी करने को लेकर खासे उत्साहित हैं।बड़ी संख्या में लोग सिनेमा के इस उत्सव का हिस्सा बन रहे हैं। प्रमुख रूप से दिखाई जाने वाली फिल्मों में देशी, विदेशी, ऑस्कर नामित फिल्मों के अलावा सत्यजीत रे की डाक्यूमेंट्री फिल्मों का भी प्रदर्शन किया जाएगा।इतना ही नहीं, विभिन्न श्रेणीयों में सर्वोत्तम डाक्यूमेंट्री फिल्मों को सम्मानित भी किया जाएगा।

इस बार के मुंबई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2020 के कुछ खास आकर्षणों में से एक ड्रोन सिनेमेटोग्राफी वर्कशॉप होगी जो अपने आप में एक खासी दिलचस्पी का विषय है। इस कार्यशाला का संचालन श्री राम सरथ कुमार, (सी ओ ओ), इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ ड्रोन, चेन्नई के द्वारा किया जाएगा। इसके साथ ही फिल्म एडिटिंग कार्यशाला का भी आयोजन होगा जिसको प्रसिद्ध फिल्मकार श्री भीम सिंह लेनिन संचालित करेंगे। डिजाइनिंग एनीमेशन फिल्म्स’ नामक कार्यशाला में बुल्गारिया के फ़िल्मकार एनीमेशन फिल्म मेकिंग से जुड़ी कई बारीकियों पर अपने विचार रखेंगे।

इसके अतिरिक्त स्क्रीन राइटिंग, स्टोरी टेलिंग जैसी कई विधाओं पर सिनेमा जगत के नामचीन लोगों के अनुभव और जानकारी को जानने का मौका मिलेगा। आई डी पी ए, हर बार की तरह इस बार भी कई रोचक विषयों पर ओपन फोरम के मंच से लोगों के बीच फिर सिनेमा पर तकनीकी से लेकर बाज़ारवाद तक के मुद्दों पर चर्चा करेगा। जिससे सिनेमा में विशेषकर डाक्यूमेंट्री फिल्मों की स्तिथी और वितरण जैसे कई विषयों पर लोगों की जानकारी में इजाफा होगा। इतना ही नहीं इस बार मिफ 2020 के मंच पर कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आनंद उठाया जा सकेगा जिनका प्रस्तुतीकरण मुंबई विश्वविद्यालय और सेंट ज़ेवियर कॉलेज जैसे शिक्षण संस्थाओं द्वारा किया जाएगा।

१६वें मुंबई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2020 संस्करण में लगभग ७२९ राष्ट्रीय और २४ अन्य देशों की १४४ अंतर्राष्ट्रीय फिल्मों की प्रविष्टियां सम्मलित होने का अनुमान है।जिनमें यूरोपियन देशों, फ़िनलैंड, और रशिया से आयी एनीमेशन फिल्में आकर्षण का प्रमुख केंद्र होंगी।मिफ के आयोजन के मौके पर फिल्म्स डिवीज़न ने इस बार सिनेमा से जुड़ी मूर्तिकला और फोटो प्रदर्शनी का भी आयोजन किया है जो भारतीय सिनेमा के इतिहास को पुनः जीवंत करने का माध्यम है।फिल्म डिवीज़न में स्थित ‘इंडियन म्यूजियम ऑफ़ इंडियन सिनेमा भी दर्शकों के लिए बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के खुला रहेगा। साथ ही गूगल टेक्नोलॉजी इत्यादि के विभिन्न स्टॉल भी सिनेमा प्रेमियों को अपनी ओर खींचने की कोशिश करेंगे।

मुंबई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल हर दो साल के बाद आयोजित किया जाता है और इसमें विशेषकर दुनियाभर से आयी हुई बेहतरीन डाक्यूमेंट्री फिल्मों का प्रदर्शन होता है। साथ ही सिनेमा जगत की जानी मानी हस्तियां ओपन फोरम और विभिन्न वर्कशॉप के माध्यम से युवाओं के बीच अपना अनुभव साझा करती हैं। डाक्यूमेंट्री फिल्मों के प्रदर्शन और उन पर चर्चा के लिए मुंबई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का मंच हमेशा ही एक सराहनीय प्रयास है और यह सिर्फ अपने देश ही नहीं बल्कि विदेशों के भी फिल्मकारों के प्रोत्साहित करता रहा है।

 

 

 

 

 

(चारु शर्मा वृत्त फिल्म निर्माता हैं और फिल्म से जुड़े विषयों पर लिखती हैं)

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