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इस देश के बेशर्म नेता, मंत्री और अफसर इस नन्हीं बच्ची से कुछ सीखेंगे?

नरसिंहपुर(ब्यूरो)। पिछले तीन-चार महीनों से स्कूल में अंधेरा था। न किसी अधिकारी के कानों में जू रेंगी और न किसी नेता का दिल पसीजा। शहर की एक बेटी से रहा न गया तो वो अपने भाई-बहनों की खातिर छात्रवृत्ति और गुल्लक में जमा इकठ्ठे पैसों को ले बिजली विभाग के दफ्तर जा पहुंची।

कहा- ये पैसों ले लो और कनेक्शन जोड़ दो। मामला यहां स्थित ब्रांच प्राथमिक स्कूल का है। बिजली बिल न चुकाने के चलते इस स्कूल का कनेक्शन काट दिया गया था और पिछले 3-4 महीनों से अंधेरा था। इधर, गर्मी बढ़ी तो दिक्कते भी बढ़ गईं। छात्र हलाकान और शिक्षक परेशान हो रहे थे।

बात कुछ यूं है कि इस प्राथमिक स्कूल में लगे आधार कार्ड कैंप और चुनाव के वक्त भरपूर बिजली का उपयोग हुआ, लेकिन बिल शिक्षकों के भरोसे छोड़ दिया। बिल इकठ्ठा होकर 8 हजार रुपए हो गया। शिक्षक-शिक्षिकाएं जब बिल अदा करने में नाकाम रहे तो बिजली विभाग ने कनेक्शन ही काट दिया। नईदुनिया ने बार-बार ध्यान आकर्षण कराया पर कोई आगे नहीं आया। स्कूल के 158 बच्चे अंधेरे में पढ़ने को मजबूर रहे।

मेरे भाई-बहनों को दिक्कत होगी, कनेक्शन जुड़वा दीजिए

रविवार 29 मार्च को नगर की एक बिटिया मेमूना खान जो केन्द्रीय विद्यालय में कक्षा 9वीं की छात्रा है ने अपनी गुल्लक और छात्रवृत्ति के जमा पैसों को निकाल 3 हजार रुपए जुटाए और सहायक यंत्री के नाम एक आवेदन लिख डाला।

कहा कि 8 हजार रुपए के बिल को किस्तों में कर दें, मैं अपनी छात्रवृत्ति और गुल्लक के पैसे 3 हजार रुपए जमा कर रही हूं। क्योंकि बिजली नहीं होने से वहां पढ़ने वाले मेरे छोटे भाई-बहनों को शुरू होने वाली परीक्षा में दिक्कत होगी। मैं अभी 3 हजार जमा कर रही हूं, शेष पैसा किस्तों में जमा कर दूंगी बस बिजली कनेक्शन जुड़वा दीजिए।

मुख्यमंत्री को लिखा था पत्र, बनी थी रोड

केन्द्रीय विद्यालय की इस छात्रा ने अपने विद्यालय की रोड बनाने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। जिस पर विद्यालय तक सीसी रोड भी बनाई गई थी।

मामा कर रहे करोड़ों खर्च और विभाग 8 हजार नहीं

एक तरफ मामा शिवराज सिंह मुख्यमंत्री शिक्षा के नाम पर करोड़ों खर्च कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन बकाया बिल का 8 हजार जमा नहीं कर सका। मैंने खबर पड़ी थी तो मुझे लगा कि मेरे छोटे भाई-बहन नजदीक आ रही परीक्षा के वक्त परेशान होंगे, इसलिए मैंने अपनी गुल्लक के जमा पैसे और छात्रवृत्ति से मिले पैसे इकठ्ठे किए और बिजली दफ्तर पहुंचकर आवेदन देकर पैसे जमा कर दिए। कहा की कनेक्शन जोड़ दो। मैं अपने छोटे भाई के साथ आवेदन देने दफ्तर गई। मेमुना खान, छात्रा केन्द्रीय विद्यालय

छात्रा ने मुझे आवेदन दिया है। ब्रांच स्कूल का बिजली कनेक्शन जोड़ दिया जाए और बकाया बिल को किस्त में विभाजित कर अदा करने की अनुमति दी जाए। उसने अभी 8 हजार 10 रुपए में से 3 हजार जमा किए हैं। मैं सोमवार को स्कूल का बिजली कनेक्शन जुड़वा दूंगा। एमएस मनकोटिया, सहायक यंत्री मप्रपूक्षेविविकंलि नरसिंहपुर

स्कूल में कई माह आधार कार्ड बनाने का कैंप लगा रहा। इसमें भरपूर बिजली का उपयोग किया गया, लेकिन बिल जमा नहीं किया। आधार कार्ड बनाने वाली कंपनी के अधिकारी कहते रहे कि बिल जमा कर दिया है, पर जब बिल आया तब पता चला कि इतना अधिक बिल हो गया है। स्कूल के पास ऐसा कोई फंड नहीं होता जिससे इतनी अधिक राशि जमा कराई जा सके। इस संबंध में सभी संबंधित अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। दयावती तिरकाम, प्रधानपाठिका

साभार-  http://naidunia.jagran.com/ से 

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