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देश का डाक विभाग अभी भी अंग्रेजी के गुलामों के कब्जे में

डाक विभाग के समक्ष सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के अधीन आवेदन
1. राजभाषा अधिनियम 1963 के अधीन सन 1972 में भारत सरकार ने निर्देश जारी किया था कि भारत सरकार के अधीन के सभी विभागों और कार्यालयों द्वारा प्रयोग में लाये जा रहे प्रतीक-चिह्न डिगलॉट (द्विभाषी) बनाने होंगे. इस अनिवार्य निर्देश का अनुपालन डाक विभाग नहीं कर रहा है जिसमें डाक विभाग की सभी सेवाओं** के नाम अंग्रेजी में हैं और उनके लिए प्रयोग में लाये जा रहे प्रतीक-चिह्न भी केवल अंग्रेजी में हैं और इस सम्बन्ध में मैंने स्वयं पिछले चार वर्षों में कई बार राजभाषा विभाग एवं डाक विभाग को प्रत्यक्ष रूप में लिखित शिकायत दर्ज करवाई है. इन सेवाओं के नामों और प्रतीक-चिह्नों को अंतिम रूप देने (फाइनल करने ) का निर्णय किसने और कब लिया, सूचना प्रदान करें? सन 1972 जारी भारत सरकार के इस निर्देश के अनुपालन के लिए क्या कदम उठाया है, सूचना दें.
** डाक विभाग की इन सभी सेवाओं के नाम अंग्रेजी में हैं और उनके लिए प्रयोग में लाये जा रहे प्रतीक-चिह्न भी केवल अंग्रेजी में हैं

प्रवीण जैन
अ 201, आदीश्वर सोसाइटी
सेक्टर 9 अ, वाशी, नवी मुम्बई -400703.

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