आप यहाँ है :

हिंदी की चिंदी करने में लगे हैं भारत सरकार के बाबू

नीति आयोग अभी तक अपना नाम हिंदी में तय नहीं कर पाया है पर वेबसाइट बदलते भारत के लिए राष्ट्रीय संस्थान लिखा है.

यह अनुवाद जो शायद गूगल अनुवादक अनुप्रयोग के द्वारा किया गया है वर्ना संस्थानों के नाम इस तरह नहीं रखे जाते हैं. हमने सूचना का अधिकार अधिनियम के अधीन आवेदन भी लगा दिया है क्योंकि कहीं कहीं अन्य सरकारी वेबसाइटों पर ”भारत का राष्ट्रीय परिवर्तन संस्थान” भी लिखा है.

राष्ट्रीय महत्त्व के इस संस्थान के अधिकारियों की यह लापरवाही अनुचित लगती है. नीति आयोग की हिंदी वेबसाइट का हाल भी बुरा है (अनुलग्नक देखें).

क्या आप में किसी के कोई अधिकारी नीति आयोग में परिचित हैं ताकि अपना मनोगत उन्हें बता सकें।

आप सभी विद्वानों के विचार अपेक्षित हैं.


भवदीय,
प्रवीण कुमार जैन (एमकॉम, एफसीएस, एलएलबी),
कम्पनी सचिव, वाशी, नवी मुम्बई – ४००७०३.

Print Friendly, PDF & Email


सम्बंधित लेख
 

ईमेल सबस्क्रिप्शन

PHOTOS

VIDEOS

Back to Top