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विदेशों में रह रहे सैकड़ों लोगों को कोरोना से बचाने वाले एअर इंडिया के कर्मचारियों का दर्द

पूरे देश ने रविवार शाम पांच बजे कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे सेनानियों के सम्मान में ताली, थाली और घंटी बजाया लेकिन इसके कुछ देर बाद ही एयर इंडिया को अपने पायलटों और क्रू मेंबर्स के समर्थन में एक भावुक अपील जारी करनी पड़ी। दरअसल, चीन के वुहान, इटली, ईरान और दुनिया के अन्य हिस्सों में फंसे भारतीयों को निकालने में जुटी एयर इंडिया के पायलटों और कर्मियों को अपने-अपने मोहल्लों-सोसायटियों में एक तरह से सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है। एयरलाइन ने कर्मियों के पड़ोसियों से अपील की है कि हमारे कर्मचारियों का बहिष्कार न करें।

एयरलाइन ने कहा कि कोरोना की वजह से फंसे भारतीयों को विदेश से लाने के लिए गई फ्लाइट्स के कर्मियों को अपने कर्तव्य का पालन करने से उनके आरडब्ल्यू रोक रहे हैं। एयरलाइन के मुताबिक, इन लोगों के विदेश से लौटने के वजह से कई बार सोसायटी में पुलिस भी बुला ली जाती है।

एयर इंडिया ने कहा है कि विदेश से भारतीयों को लाने के क्रम में क्रू मेंबर्स समेत सबकी सुरक्षा के पर्याप्त कदम उठाए जाते हैं। यहां गौर करने वाली बात यह है कि एयर इंडिया एकमात्र एयरलाइन है जिसने चीन, इटली और जापान में फंसे भारतीयों को वहां से निकालने के लिए स्पेशल फ्लाइट्स भेजी है।

एयर इंडिया ने रविवार को जारी बयान में कहा, “यह चिंताजनक है कि कई मोहल्लों में आरडब्ल्यूए या पड़ोसी हमारे कर्मियों का बहिष्कार करके उनकी ड्यूटी में बाधा पहुंचा रहे हैं। यहां तक कि पुलिस को भी बुला रहे हैं क्योंकि अपनी ड्यूटी को पूरा करने के लिए ये लोग विदेश से लौटे हैं। लोग सुविधाजनक तरीके से यह भूल जा रहे हैं कि इन्ही लोगों के रिश्तेदारों और बच्चों को हम कोरोना प्रभावित देशों से यही लोग सुरक्षित अपने देश ला रहे हैं।”

बयान में पुलिस और प्रशासन से भी अपील की गई है कि देश के हर नागरिक की तरह उसके कर्मचारियों के सम्मान और स्वतंत्रता की रक्षा की जाए।

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