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इन गवाहों की हिम्मत और ईमानदारी ने सलमान को सलाखों के पीछे पहुँचाया

साल 2002 के हिट ऐंड रन केस में आज सलमान खान पर कोर्ट का फैसला आना है। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से जिन गवाहों को पेश किया गया उनसे इस केस को समझा जा सकता है।

1. हिम्मतराव पाटील, कॉन्स्टेबल

इस मामले के पहले गवाह रवींद्र हिम्मतराव पाटिल मुंबई पुलिस में कॉन्स्टेबल थे। पाटिल की मौत 2007 में टीबी से हो गई थी। घटना के दिन 28 सितंबर, 2002 को वह सलमान के पुलिस एस्कॉर्ट पर तैनात थे।

बांद्रा के चीफ मेट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट कोर्ट को दिए अपने बयान में उन्होंने बताया था कि घटना के दिन सलमान अपने भाई कमाल खान के साथ एक पार्टी में शामिल होने जुहू जा रहे थे।

पाटिल ने बताया था कि सलमान गाड़ी खुद चला रहे थे और बार से निकलने के बाद वे जेडब्ल्यू मैरियट होटेल गए थे। वे रात के सवा दो बजे मैरियट से निकले।

कॉन्स्टेबल पाटिल ने बताया, 'अभियुक्त नशे में थे और कार चला रहे थे। हम सेंट एंड्रयूज रोड पर आए और उनकी कार की रफ्तार 90 से 100 किलोमीटर की रफ्तार थी। मैंने अभियुक्त से रफ्तार कम करने के लिए कहा क्योंकि आगे दाहिनी ओर एक मोड़ आने वाला था। मोड़ पर अभियुक्त अपनी कार पर कंट्रोल नहीं रख सके और गाड़ी फुटपाथ पर चढ़ गई। वहां लोग फुटपाथ पर सो रहे थे। सलमान और कमाल मौका-ए-वारदात से फरार हो गए।"

2. मुस्लिम नियामत शेख, वर्कर, अमेरिकन एक्सप्रेस बेकरी

मामले के दूसरे गवाह मुस्लिम नियामत शेख का बायां पैर घटना में जख्मी हो गया था। अमेरिकन एक्सप्रेस बेकरी में काम करने वाले नियामत शेख ने कोर्ट से कहा, 'मैंने एक आवाज़ सुनी और मैंने खुद को कार के नीचे पाया। बेकरी के लोगों ने मेरी मदद की। लोग कह रहे थे कि सलमान खान कार से नीचे उतरे थे।'

उन्होंने अपने बयान में ये भी कहा कि सलमान को उन्होंने कार की दाहिनी तरफ से नीचे उतरते देखा। हालांकि जिरह के दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि उनका बयान घटना के ढाई महीने बाद रिकॉर्ड किया गया। इससे पहले बांद्रा के चीफ मेट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट कोर्ट में नियामत ने कहा कि उन्होंने ये नहीं देखा कि ड्राइवर वाली सीट या बायीं तरफ से कौन बाहर निकला था।

3. मुन्नू खान, मजदूर, अमेरिकन एक्सप्रेस बेकरी

घटना के तीसरे गवाह मुन्नू खान भी अमेरिकन एक्सप्रेस बेकरी में मजदूर थे और घटना में उनका दाहिना पैर जख्मी हुआ था।

कोर्ट को दिए अपने बयान में उन्होंने कहा कि कार में तीन लोग थे। सलमान ड्राइवर वाली सीट की तरफ से बाहर निकले। उनका एक बॉडीगार्ड भी गाड़ी से बाहर निकला जबकि तीसरा आदमी गाड़ी के पीछे से बाहर निकला।

मुन्नू खान के मुताबिक, 'सलमान खान नशे की वजह से गिर पड़े। वे खड़े हुए और फिर गिर पड़े। और उसके बाद वे वहां से भाग गए…'

हालांकि बाद में जिरह के दौरान वे ये नहीं बता सके कि सलमान खान के नशे में होने की बात को पुलिस के सामने दिए गए उनके बयान में क्यों नहीं दर्ज किया गया।

4. कलीम इकबाल पठान

चौथे गवाह कलीम इकबाल पठान भी घायल होने वाले लोगों में से एक थे। कोर्ट में उन्होंने कहा, 'गाड़ी सफेद रंग की थी। सलमान दाहिनी तरफ से बाहर निकले।' बाद में जिरह के दौरान उन्होंने कहा, 'अंधेरे की वजह से वे ये नहीं जानते कि गाड़ी बेकरी की सीढ़ियों पर चढ़ी थी या नहीं।' पठान उन लोगों की पहचान भी नहीं कर सके जो उन्हें बचाने के लिए आए थे।

5. मलय बाग

मामले के पांचवें गवाह रेन बार में काम करने वाले मलय बाग ने बताया कि 27 सितंबर, 2002 को उन्होंने सलमान खान और उनके दोस्तों की खिदमत कर रहे थे। कोर्ट में उन्होंने कहा, 'उनकी टेबल पर मैंने वाइट रम और शराब रखी। उन्होंने प्रॉन और चिकेन के लिए भी कहा था।' जिरह के दौरान मलय अपने बयान पर कायम रहे।

6. बालू लक्ष्मण मुथे, कॉन्स्टेबल
मामले के छठे गवाह ने कॉन्स्टेबल बालू लक्ष्मण मुथे घटना के दिन सलमान के भाई सोहेल खान की सुरक्षा में ड्यूटी पर थे। उन्होंने अपने बयान में कहा, 'सलमान, कमाल और सोहेल रेन बार से 28 सितंबर, 2002 के दिन रात दो बजे के करीब बाहर आए। मैं सोहेल के साथ वहां से घर चला गया। तीन बजे के वक्त किसी ने आकर बताया कि सलमान की कार का ऐक्सिडेंट हो गया है। मैंने सोहेल को बताया और वहां से हम मौके पर पहुंचे। सलमान वहां पर नहीं थे।'
जिरह के दौरान कॉन्स्टेबल बालू अपने बयान पर कायम रहे।

7. मोहम्मद अब्दुल्ला शेखः घायल, पूर्व कर्मचारी, अमेरिकन एक्सप्रेस बेकरी
चीफ एग्जामिनेशन के दौरान शेख ने दावा किया कि जब उन्हें मलबे से निकाला गया तब उन्होंने सलमान को देखा था। शेख ने बताया कि उनके घायल साथियों, अन्य बेकरी कर्मचारियों और एक टैक्सी ड्राइवर ने कहा कि सलमान ने ही ऐक्सिडेंट किया था। क्रॉस-एग्जामिनेशन के दौरान शेख ने कहा कि उनका सहकर्मी नूरुल्लाह (एकमात्र मृतक) और वह साथ सो रहे थे और लैंड क्रूजर के नीचे आ गए। शेख ने बताया कि उन्होंने घटनास्थल पर सलमान को देखा था।

8. कल्पेश सर्जू वर्मा: पार्किंग अटेंडेंट, जेडब्ल्यू मैरियट होटेल, जुहू
चीफ एग्जामिनेशन के दौरान कल्पेश ने गवाही दी कि उनके सहकर्मी योगेश ने सलमान की लैंड क्रूजर को पार्क किया था और जब सलमान दो लोगों के साथ होटेल से निकले तब कल्पेश उनकी गाड़ी को होटेल के पोर्च (बरामदे) तक लाए थे। कल्पेश ने कहा कि उन्होंने सलमान को ड्राइवर की सीट पर बैठते हुए देखा था, कमाल उनके पीछे वाली सीट पर बैठे थे। इन दोनों के साथ तीसरा शख्स सलमान का बॉडीगार्ड था। कल्पेश ने याद करते हुए कहा कि सलमान ने जाते वक्त उनके सहकर्मियों के लिए 500 रुपए दिए थे।

क्रॉस-एग्जामिनेशन के दौरान कल्पेश ने कहा कि कमाल पीछे की तरफ अकेला बैठा था, सलमान के पीछे।

9. अमीन कासम शेख : दूसरी बेकरी का कर्मचारी, अमेरिकन एक्सप्रेस 1, हिल रोड
चीफ एग्जामिनेशन के दौरान शेख ने बताया कि वह A-1 बेकरी के बाहर सो रहे थे और जब ऐक्सिडेंट हुआ तो तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। वहां उन्होंने मुस्लिम शेख और अब्दुल शेख को कार के नीचे से निकालने में मदद की और दोनों को ऑटोरिक्शा में अस्पताल ले गए।

क्रॉस-एग्जामिनेशन के दौरान उन्होंने बताया कि सलमान की कार की लेफ्ट साइड का आगे वाला दरवाजा, बेकरी के शटर में फंस गया था।

10. सलीम माजिद पटेल: कस्टम्स क्लीयरिंग एजेंट
चीफ एग्जामिनेशन के दौरान पटेल ने कहा कि उन्हें फरवरी 2001 में ऐक्टर चंकी पांडे के भाई चिकी पांडे से मिलवाया गया, जब चिकी पांडे को एक टोयोटा लैंड क्रूजर के लिए कस्टम्स क्लीयरेंस चाहिए था। पटेल ने सभी फॉर्मेलिटीज पूरी करने में पांडे की मदद की और देखा कि रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड्स में गाड़ी के मालिक का नाम 'अब्दुल रहमान' था।

क्रॉस एग्जामिनेशन नहीं हुआ।

11. आलोक @ चिकी शरद पांडे,कंस्ट्रक्शन बिजनस 
चीफ एग्जामिनेशन के दौरान पांडे ने बताया कि उन्होंने लैंड क्रूजर लेने में सलमान की मदद की थी और उसकी कीमत चेक से सलमान के पिता सलीम खान ने दी थी।

क्रॉस एग्जामिनेशन के दौरान उन्होंने बताया कि बांद्रा वेस्ट में होली फैमिली हॉस्पिटल के पास सेंट ऐंड्रयूज रोड पर 5-7 स्पीडब्रेकर्स हैं। (इस पर बचाव पक्ष ने दलील दी कि ऐसे में वहां सलमान तेज गाड़ी नहीं चला रहे होंगे।) पांडे ने गवाही में यह भी कहा कि ऐक्सिडेंट के बाद वह सलमान के घर गए और उन्होंने देखा कि सलमान शॉक में थे। उन्होंने सलमान को गले लगाया और उनसे शराब की बू नहीं आ रही थी।

12. गुरुचरण मल्होत्रा, कार इंश्योरेंस एजेंट
चीफ एग्जामिनेशन के दौरान मल्होत्रा ने कहा कि लैंड क्रूजर का इंश्योरेंस 23 अप्रैल 2002 और 22 अप्रैल 2003 के बीच कराया गया था। क्रॉस एग्जामिनेशन नहीं हुआ।

13. मार्क मार्शल डिसूजा: पूर्व कर्मचारी, अमेरिकन एक्सप्रेस क्लीनर्स 
चीफ एग्जामिनेशन के दौरान डिसूजा ने बताया कि वह 1988 से लॉन्ड्री में काम कर रहे थे और सलमान अक्सर वहां से गुजरते थे।क्रॉस एग्जामिनेशन के दौरान डिसूजा ने कहा कि उन्हें याद नहीं कि उन्होंने 12 साल पहले पुलिस को क्या बताया था।

14. दत्तारे भालाशंकर: ऐनालाइजर, फॉरेंसिक साइंस लैब, पुणे, सलमान का ब्लड सैंपल टेस्ट करने वाले
चीफ एग्जामिनेशन के दौरान उन्होंने बताया कि 30 सितंबर 2002 को उन्हें बांद्रा पुलिस के एक लेटर के साथ एक बोतल मिली और उन्होंने 1 अक्टूबर को उसकी जांच की। उन्होंने बताया कि मुझे खून में 62 मिलिग्राम इथायल अल्कोहल मिला। इससे लगता है कि सलमान ड्रिंक कर रहे थे।

क्रॉस एग्जामिनेशन के दौरान भालाशंकर ने बताया कि ब्लड सैंपल की बोतल पर सलमान खान का नाम लिखा था। मैं नहीं बता सकता कि वह किस भाषा में था। उन्होंने गवाही में आगे बताया कि यह महत्वपूर्ण नहीं है कि उन्हें 6ml ब्लड भेजा गया था और उन्हें 2ml कम मिला। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने प्रिजरवेटिव्स के गलत केमिकल फॉर्म्युला बताए थे।

15. राजेंद्र केसकर, आरटीओ इंस्पेक्टर, ऐक्सिडेंट के बाद सलमान की कार की जांच करने वाले अफसर
चीफ एग्जामिनेशन के दौरान केसकर ने बताया कि सलमान की गाड़ी डैमेज्ड थी, खासकर साइड फेंडर की तरफ से, जबकि आगे का बंपर था ही नहीं। मैंने देखा कि लेफ्ट हेडलाइट और साइडलाइट भी टूटी थीं। क्रॉस एग्जामिनेशन के दौरान उनकी दक्षता पर बार-बार सवाल उठने पर केसकर ने बताया कि उन्होंने एक दिन की ट्रेनिंग की है। पुलिस अकैडमी की ओर से जिस गाड़ी पर ट्रेनिंग दी गई थी वह टाटा इंडिका थी। ऐक्सिडेंट वीइकल लैंड क्रूजर की जांच करने से पहले मैंने किसी और लैंड क्रूजर की जांच नहीं की थी।

16. डॉ. शशिकांत पवार: मेडिकल अफसर, जेजे हॉस्पिटल, अल्कोहल टेस्ट के लिए इन्होंने सलमान के ब्लड सैंपल्स लिए थे
चीफ एग्जामिनेशन के दौरान उन्होंने गवाही दी कि 28 सितंबर 2002 को वह ड्यूटी पर थे। उन्होंने बताया, 'मैंने सलमान से शराब के बारे में पूछा तो उन्होंने मना कर दिया लेकिन उनकी सांस से शराब की बू आ रही थी। उनकी पुतलियां फैली हुईं थीं। उनकी चाल नॉर्मल थी और वह बोल भी सही से रहे थे।'

क्रॉस एग्जामिनेशन के दौरान उन्होंने कहा कि पुतलियों के फैलना शराब पीने का कॉन्कलूसिव टेस्ट नहीं होता। यह भी नहीं कहा जा सकता कि सलमान से शराब की बू आ रही थी।

17. ड्राइवर अशोक सिंह, बचाव पक्ष की तरफ से पेश किए गए इकलौते गवाह
अशोक के बारे में कहा जाता है कि वे 1990 से सलमान के परिवार के लिए काम कर रहे हैं। 20 अप्रैल को वे पहली बार बॉम्बे सिटी सिविल ऐंड सेशन कोर्ट के सामने सलमान की तरफ से गवाही देने के लिए पेश हुए। अदालत में अशोक सिंह ने कहा कि घटना के वक्त एसयूवी की ड्राइविंग सीट पर सलमान खान नहीं बल्कि वे खुद थे। उन्होंने कोर्ट से ये भी कहा कि टायर फट जाने की वजह से ये हादसा हुआ था।

ये पूछे जाने पर कि उन्होंने इसका खुलासा अभी तक क्यों नहीं किया, अशोक का जवाब था, 'कोर्ट जाने की बात उनके मन में नहीं आई लेकिन सलीम खान ने उन्हें कोर्ट जाकर सच बताने के लिए कहा।' अशोक ने अपने बयान में कहा, 'घटना के रात ही मैं बांद्रा पुलिस स्टेशन गया था। मैंने घटना की जानकारी दी लेकिन किसी ने मेरी बात नहीं सुनी।'
अशोक सिंह के बयान से पहले सलमान खान से सैंकड़ों सवाल पूछे गए थे लेकिन उन्होंने कहा था उनके खिलाफ चलाया जा रहा मुकदमा झूठा है और उन्होंने उस रात नहीं पी रखी थी।
 
साभार- टाईम्स ऑफ इंडिया से

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