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गुरूत्वाकर्षण को चुनौती देने वाला ये शख़्स कुछ भी कर सकता है

क्या आपने कभी किसी को कोक की बोतल पर टीवी को बैलेंस (Balance) करते हुए देखा है? या फिर एक लकड़ी के डंडे पर गैस सिलेंडर को बैलेंस करते हुए देखा है? अगर आपने ऐसा नहीं देखा है तो आज हम आपको एक ऐसे शख्य के बारे में बताने जा रहे हैं जो इस अद्भुत कला को सीख चुका है और किसी भी चीज को आसानी से बैलेंस कर सकता है. दरअसल, गाजा (Gaza) में रहने वाले मोहम्मद अल-शेनाबरी जब भी किसी नई वस्तु को देखते हैं तो जल्दी से उसके संतुलन बिंदु को ढूंढने लगते हैं और उस वस्तु को इस तरह से खड़ा करते हैं जो गुरुत्वाकर्षण के नियमों को झूठा साबित कर देता है.

24 साल के मोहम्मद अल-शेनाबरी (Mohammed Al-Shenabari) ने इस कला को खुद सीखा है. हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अल-शेनाबरी का कहना है कि वह लगभग किसी भी वस्तु को संतुलित कर सकते हैं. अल-शेनाबरी ने कहा कि वह इन वस्तुओं को अपने दिमाग और शरीर के हिसाब से संतुलित करते हैं. संघर्ष और गरीबी का सामना कर रहे गाजा में लगातार मनोवैज्ञानिक समर्थन सत्रों का आयोजन होता है, जहां अपनी इस कला के कारण अल-शेनाबरी एक लोकप्रिय मनोरंजक बन गए हैं.

उत्तरी गाजा के अपने घर में अल-शेनाबरी ने कुर्सी को उसके एक पैर पर संतुलित किया और उसने टेढे पाइप पर दो गैस कनस्तरों को संतुलित किया. साथ ही कोक की बोतल पर टीवी को बैलैंस किया. अल-शेनाबरी ने कहा, ”आपको बस वस्तु का आधार पता करने की जरूरत है और उसके बाद किसी भी चीज को संतुलित कर सकते हैं”.

पेशे से एक फिटनेस और बॉडीबिल्डिंग कोच, अल-शेनाबरी ने कहा, ”उनकी स्वस्थ जीवनशैली ने उन्हें वस्तुओं को संतुलित करने के लिए आवश्यक “फोकस” को धीरे-धीरे विकसित करने में मदद की”. उन्होंने कहा, ”जब मैं वस्तुओं को संतुलित करता हूं तो मुझे ऐसा लगता है कि मैं वस्तुओं की ऊर्जा को एक चुंबंक की तरह खींच रहा हूं”. उन्होंने बताया, ”एक साल पहले उन्होंने यूट्यूब पर एक कोरियाई बैलैंस आर्टिस्ट ”नाम सेओके ब्युन” का वीडियो देखा था, जिसमें उन्होंने गोल पत्थरों पर की मदद से चट्टानों को संतुलित किया था. इस वीडियो से मैं काफी प्रभावित हुआ, जिसके बाद मैंने भी इस कला को सीखने का ठान लिया”.

उन्होंने कहा, ”मैंने काफी दिनों तक इस कला को सीखने का प्रयास किया, जिसके बाद अब मैं कुछ ही समय में यह जान लेता हूं कि इस वस्तु का संतुलित आधार क्या है”. आपको बता दें, गाजा, इजराइल और मिस्र के बीच स्थित है, जहां हमास के आंतकवादी समूह के कब्जे के बाद से ही लोग नाकाबंदी में रह रहे हैं. सालों से नाकेबंदी और इजराइल और हमास के बीच तीन विनाशकारी युद्ध के बाद गाजा के कई अन्य युवाओं की तरह अल-शेनाबरी भी बेहतर अवसरों की तलाश में इस क्षेत्र को छोड़ना चाहते हैं. उनका सपना रियलिटी टीवी शो पर अपनी कला को दिखाना और एशिया की यात्रा करना है.

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