आप यहाँ है :

इस बार चित्रकूट के घाट पर होगी राष्ट्रप्रेमियों की भीड़

मध्यप्रदेश के सतना जिले के चित्रकूट में 24 से 27 फरवरी तक गवाह बनेगा उस ऐतिहासिक पल का जब संपूर्ण भारत से ग्रामोदय मेले को देखने के लिए लाखो की संख्या मे लोग वहाँ पहुंचेंगे और इस वैचारिक महाकुंभ का हिस्सा बनेंगे। दीनदयाल शोध संस्थान और उद्यमिता केन्द्र द्वारा नानाजी देशमुख की जन्म शताब्दी पर लगाये जाने वाले इस चार दिवसीय मेले में केन्द्र सरकार के विभिन्न विभागों एवं उपक्रमों के प्रदर्शन स्टाल, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं राज्य शासन के विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों से संबंधित स्टाल लगाये जायेंगे।

चित्रकूट धाम के बारे मे विरला ही होगा जो कोई नहीं जानता होगा ये स्थान मंदाकिनी नदी के किनारे पर बसा भारत के सबसे प्राचीन तीर्थस्थलों में एक है। ये शांत और सुन्दर चित्रकूट प्रकृति और ईश्वर की अनुपम देन है। चारों ओर से विन्ध्य पर्वत श्रृंखलाओं और वनों से घिरे चित्रकूट को अनेक आश्चर्यो की पहाड़ी कहा जाता है। मंदाकिनी नदी के किनार बने अनेक घाट और मंदिर में पूरे साल श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है।

माना जाता है कि भगवान राम ने सीता और लक्ष्मण के साथ अपने वनवास के चौदह वर्षो में ग्यारह वर्ष चित्रकूट में ही बिताए थे। ऐसे मे ये स्थल इस आयोजन के द्वारा एक और ऐतिहासिकपहल करने जा रह है जब सिर्फ पर्यटक या श्रद्धालु ही नहीं बल्कि वैचारिक महाकुंभ का हिस्सा बनने जा रहा है।

देश इस वर्ष को एकात्‍म मानववाद के प्रणेता पं दीनदयाल उपाध्‍याय और इस दर्शन के शिल्‍पी नानाजी देशमुख की जन्‍मशती के रूप मे मना रहा है। चित्रकूट और उसके आसपास का इलाका नानाजी देशमुख की कर्मस्थली रही है। पं. दीनदयाल उपाध्याय एवं राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख के जन्मशताब्दी वर्ष के अवसर पर दीनदयाल शोध संस्थान द्वारा ग्रामोदय मेला का आयोजन किया जा रहा है।हर साल 27 फरवरी को नानाजी देशमुख की जयंती मनाई जाती है। इस वर्ष जन्मशताब्दी के अवसर पर राष्ट्रीय स्तर का मेला आयोजित किया जा रहा है। इसमें कार्यक्रम के पहले दिन 24 फरवरी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघ चालक मोहन भागवत, केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह, नरेन्द्र सिंह तोमर, थावरचंद गहलोत, राजीव प्रताप रूढ़ी, गिरीराज सिंह, फग्गन सिंह कुलस्ते तथा मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल होंगे।

इनके अलावा इस कार्यक्रम में 8 राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्री तथा पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय के राज्य मंत्री शिरकत करेंगे। इनके साथ ही गोवा की राज्यपाल श्रीमती मृदुला सिन्हा, बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविद तथा हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी भी इस मेले में शामिल होंगे। ग्रामीण विकास पर देश का जनमानस समझने के लिए राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघके सरसंघ चालक डॉ मोहन भागवत जनसंवाद करेंगें। यह कार्यक्रम आयोजन के अंतिम दिन यानी 27 फरवरी को होगा। कार्यक्रम कितना भव्य होगा इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मंत्रालयों के उपक्रम को प्रदर्शित करने के लिए यहां 3 बडे पंडाल बनाए गए हैं।

पत्रकार बंधु एवं मीडिया के क विद्यार्थियों के लिए भी इस आयोजन मे बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। माखनलाल पत्रकारिता विवि द्वारा यहां ग्रामीण विकास पत्रकारिता पर 7 दिवसीय कार्यशाला भी आयोजित की जा रही है जिसमे देश के ख्‍यातनाम पत्रकार ग्रामीण भारत को सशक्‍त बनाने में पत्रकारीय भू‍मिका पर वैचारिक मंथन करेंगे। और देश के कोने कोने तक राष्ट्रीय वैचारिक ज्ञान गनगा का प्रवाह करेंगे। ये कार्यक्रम कई मामलो मे सरहनीय पहल है क्योंकि यहां पहली बार प्रदर्शनियों के प्रदर्शन के साथ समाज में वैचारिक वातावरण बनाने के लिए कृषि एवं कौशल विकास को लेकर सेमिनार, परिचर्चाएं, प्रतियोगिताएं और जनसंवाद को प्रमुखता दी गई है।

चार दिवसीय मेले के दौरान राष्ट्रीय स्तर के देशभर से कलाकारों का आगमन होगा जो प्रस्तुतियां देंगे । स्थानीय कलाकारों द्वारा भी अपनी कला का प्रदर्शन किया जाएगा। ग्रामीणों से जनसंवाद व परिचर्चा की जाएगी। सही मायनों मे ये कार्यक्रम देश के महान विचारक और महान कर्मयोगी दीन दयाल उपाध्याय और राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख को सच्ची श्रध्दांजलि होगी देश ही नहीं दुनिया भर उनके द्वारा किए गए सद्प्रयासो की झलक देखने को मिलेगी।

(सिद्धार्थ झा स्वतंत्र पत्रकार व लोक सभा टीवी में सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं)



Leave a Reply
 

Your email address will not be published. Required fields are marked (*)

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

सम्बंधित लेख
 

ईमेल सबस्क्रिप्शन

PHOTOS

VIDEOS

Back to Top