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छत्तीसगढ़ के में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय पंथी नृत्य प्रतियोगिता

रायपुर। बेमेतरा जिले के तहसील मुख्यालय नवागढ़ में गुरू घासीदास लोककला महोत्सव 2017 के अंतर्गत तीन दिवसीय राज्य स्तरीय पंथी नृत्य प्रतियोगिता का शुभारंभ आज गुरू गद्दी गिरौदपुरी के जगत्गुरू श्री विजय कुमार के मुख्य आतिथ्य में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के सहकारिता, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री तथा क्षेत्रीय विधायक श्री दयालदास बघेल ने की। छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन व संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वाधान में 27 से 29 दिसम्बर 2017 तक आयोजित इस तीन दिवसीय पंथी नृत्य प्रतियोगिता में राज्य के विभिन्न जिलों से अब तक 150 पंथी नृत्य दलों ने अपना पंजीयन कराया है। कार्यक्रम के अध्यक्षता करते हुए संस्कृति, पर्यटन एवं सहकारिता मंत्री श्री दयालदास बघेल ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि प्रदेश में 18 दिसम्बर से 31 दिसम्बर तक अलग-अलग क्षेत्रों में परम पूज्य बाबा गुरू घासीदास जयंती समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान बाबा के संदेश को पंथी नृत्य के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाबा ने सभी समाज के लोगों को सत के मार्ग पर चलने का संदेश दिया था। बाबा की वाणी “मनखे मनखे एक समान” के संदेश ने आज सभी लोगों में सामाजिक समरसता की भावना जागृत कर दी है। श्री बघेल ने गुरू गद्दी गिरौदपुरी के जगतगुरू श्री विजय कुमार का अभिवादन करते हुए कहा कि बाबा गुरू घासीदास के संदेश को समाज के सभी वर्ग आत्मसात कर रहे है। उन्होंने बताया कि पंथी नृत्य के प्रारंभ में रागी का सुधी संदेश का महत्व सभी को समझना है। उन्होने कहा कि सुधी में बाबा के संदेश सत्य से धरती, सत्य से आकाश और सत्य से सृष्टि का निर्माण कह गए घासीदास। श्री बघेल ने कहा कि बाबा गुरू घासीदास के जन्म स्थली गिरौदपुरी में राज्य सरकार द्वारा भव्य जैतखाभ का निर्माण कराया गया है। श्री बघेल ने कहा कि प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह हमेशा कहते है कि बाबा गुरू घासीदास के आशीर्वाद से ही आज प्रदेश का सर्वांगीण विकास हो रहा है। संस्कृति मंत्री ने लोगों को बाबा गुरू घासीदास के बताये मार्ग पर चलने का आव्हान किया। उन्होंने बताया कि पंथी नृत्य प्रतियोगिता के प्रथम पुरस्कार के रूप में 1 लाख 51 हजार रूपए, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 1 लाख 1 हजार रूपए तथा तृतीय पुरस्कार के रूप में 75 हजार रूपए प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा प्रतियोगिता में शामिल सभी पंथी नृत्य दलों को संत्वाना पुरस्कार भी दिए जाएंगे। जगतगुरू श्री विजय कुमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि पंथी नृत्य के माध्यम से समाज को एकता के सूत्र में पिरोने की शुरूआत नवागढ़ क्षेत्र से हुई है।

उन्होंने कहा कि बाबा गुरू घासीदास के संदेश को लोग पंथी नृत्य के माध्यम से जन-जन तक पहुंचा रहे है। बाबा गुरू घासीदास ने समाज को सत्य, अहिंसा और समानता के मार्ग दिखाए थे, साथ ही अनेकों बार उन्होंने अद्भुत चमत्कार भी दिखाये थे। उन्होंने कहा कि बाबा के संदेश व दिखाये मार्ग से प्रेरित होकर समाज में कई जातियां शामिल होकर आज सतनामी के रूप में जाने जा रहे है। उन्होंने बाबा घासीदास के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने आयोजकों के इस प्रयास की सराहना करते हुए आयोजकों को धन्यवाद ज्ञापित किया। इससे पूर्व मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों ने गुरू बाबा घासीदास के तैल चित्र पर माल्यार्पण एवं समक्ष दीप प्रज्जवलित कर पंथी नृत्य प्रतियोगिता का शुभारंभ किये। इस अवसर पर समाज के वरिष्ठ जन, नगर पंचायत नवागढ़ के अध्यक्ष श्री गिरेन्द्र महिलांग एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री डी.आर. भगत एवं अन्य विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।



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