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जनजातियों को पैसे नहीं प्यार चाहिए : केंद्रीय मंत्री जुअल ओरम

मुंबई। माय होम इंडिया गत १० वर्षो से पूर्वोत्तर भारत और शेष भारत के लोगोको जोड़ने का , सेतु का काम कर रहा है। पूर्वोत्तर भारत में भारतीय राष्ट्रवाद को अपने सारे जीवन को समर्पित करते हुए किसी एक व्यक्ति को प्रतिवर्ष ‘वन इंडिया अवार्ड’ यह पुरस्कार दिया जाता है।

इस वर्ष यह पुरस्कार त्रिपुरा में उग्रपंथी, अलगाववादीयों के खिलाफ त्रिपुरा के सामान्य जनजातियों को हिम्मत के साथ जुटाकर उन्हें सफलतापूर्वक मुकाबला करनेवाले श्री बिक्रम बहादुर जमातिया को इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

इस कार्यक्रममें मुख्य अतिथि के रूप में आदिवासी मामलो के केन्द्रीय मंत्री श्री जुअल ओराम के हाथो बिक्रम बहादुर जमातीया जी को सन्मानचिन्ह, मानपत्र और १ लाख रु की राशि भेंट की।
आदिवासी मामलों के केंद्रीय मंत्री श्री जुअल ओरम ने कहा की हम पूर्वोत्तर भारत में भौगोलिक कारण से दूर है, लेकिन लचर नहीं है । यहाँ की जनजातियों को पैसे से ज्यादा स्नेह चाहिए । माय होम इंडिया द्वारा त्रिपुरा के श्री विक्रम बहादुर जमतिया को दिए जाने वाले वन इंडिया सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे उन्होंने कहा कि माय होम इंडिया पूर्वोत्तर भारत के लोगों को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने का काम करता है।
की सफलता की मैं कामना करता हूँ ।
पुरस्कार पाने के बाद जमातियाजी ने भारी संख्या में उपस्तिथ मुंबईवासियों को धन्यवाद देते हुए अपने संघर्षमय जीवन के किस्से बताए।
इस कार्यक्रम में विशेष अतिथी के रूप में ओएनजीसी के संचालक वेद प्रकाश महावर ने उनकी त्रिपुरा से जुड़े संस्मरण सुनाए। उन्होंने पूर्वोत्त्तर की जनजातियों के साहस, ईमानदारी, कार्यकुशलता की सराहना करते हुए उनके जीवन के विविध पहलुओं की जानकारी दी।

माय होम इंडिया के संस्थापक सुनील देवधर ने पूर्वोत्तर के मुंबई में रहने वाले लोगों से दोस्ती करने का आव्हान किया ।इस कार्यक्रम में माय होम इंडिया के अध्यक्ष डॉ हरीश शेट्टी जी कोकुया कैमलिन के उपाध्यक्ष श्री श्रीराम दांडेकर जी ने विचार रखे । जमातिया के जीवन पर रचित डाक्यूमेंट्री दिखाई गयी और ओमप्रकाश तिवारी के द्वारा रचित मानपत्र का वाचनभी किया गया।

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