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क्राय के गाला रात्रिभोज में शामिल हुए विवेक आनन्द ओबेरॉय ,एकत्र किया उम्मीद से ज्यादा धन

क्राय (चाइल्ड राइट्स एंड यू )का गाला फंडरेज़र कल रॉयल इंडिया सेन डिएगो ,ऑरेंज काउंटी ,अमेरिका में सम्पन्न हुआ। यहाँ बताती चलूँ कि क्राय (चाइल्ड राइट्स एंड यू )अमेरिका की लाभ-निरपेक्ष संस्था है जो की सुविधा से वंचित बच्चों के अधिकार और सुरक्षा के लिए काम करती है। यह संस्था भारत के विभिन्न समूहों के साथ मिल कर काम करती है और उनकी सहायता करती है।आज के गाला रात्रिभोज के अतिथि कलाकार श्री विवेक आनन्द ओबेरॉय थे। देवेन परलीकर जो इस कार्यक्रम के संचालक थे उन्होंने बहुत ही अच्छे तरीके से कार्यक्रम का प्रारम्भ किया। विवेक आनन्द ओबेरॉय ने अन्दाज़ डांस एकेडमी की नृत्यांगनाओं के साथ बहुत ही शानदार तरीके से हॉल में प्रवेश लिया। सबसे पहले मंच पर रॉयल इंडिया सेन डिएगो के मालिक श्री सैम काम्बो जी आये उन्होंने कहा मैं गाला का सदस्य हूँ। मैं बच्चों के लिए काम करता हूँ। मुझे लगता है कि यदि एक भी बच्चे के चेहरे पर मुस्कान आती है तो हमको दुआएं मिलती हैं। इसके बाद मंच पर आये श्री पैट्रिक जी उन्होंने आते है सभी स्वयं सेवियों का धन्यवाद कहा.उन्होंने कहा की आज का कार्यक्रम उनकी अथक मेहनत का फल है। उन्होंने कहा डिनर कमेटी ने रात ११ बजे तक कार्य किया। आपने आगे बताया कि पेन्डमिक के दो साल बहुत कठिन थे। संस्था ने १६ स्टेट में खाना ,मास्क ऑक्सीमीटर ,वितरित किया तथा वैक्सीन भी लगवाई।

पैट्रिक के बाद मंच पर जे ललिताअम्मा आई जो भारत में पी ओ र डी (पीपल्स ऑर्गेनाइजेशन रूलर डेवलपमेंट )नाम की संस्था चलती हैं। उन्होंने बताया कि यह उनकी स्वयं की ज़िन्दगी में बहुत समस्या थी इस लिए उन्होंने यह संस्था बनायीं। उन्होंने कहा कि उनके परिवार में लड़के और लड़कियों में भेद किया जाता था। वो कहते थे लड़कियों को क्यों पढ़ाना है। जैसे ही लड़की बड़ी हुयी नहीं की बस उसकी शादी करवा देनी चाहिए ऐसी सोच थी उनकी। मेरी पढ़ाई भी कक्षा ५ के बाद बंद करवा दीगयी थी। बहुत कहने पर मुझको १० वीं तक पढ़ने की अनुमति मिली। उसी समय मैंने देखा कि बहुत से बच्चों की पढ़ाई रुकवा दी जाती है। और जल्दी शादी करवा दी जाती है। तभी से मैंने सोच लिया कि इनके लिए कुछ तो करना है। मैं घर घर में गयी उनको समझाया कि बच्चियों को पढ़ने भेजो। मेरे ऐसा करने पर कुछ लोग तो पढ़ने के लिए भेजने लगे पर कुछ नाराज हो गए उन्होंने मेरा बहिष्कार तक कर दिया। फिर धीरे धीरे मैंने कुछ औरतों का एक समूह बनाया। ६ सालों की मेहनत से इनके अन्दर आत्म विश्वाश जगा। मैंने सरकार के कुछ कार्यक्रमों से उनको जोड़ा। इसके बाद धीरे धीरे महिलाएं बाहर आने लगीं। और बहुत से पुरुष भी हमारे साथ जुड़ने लगे। और लोगों का विचार बदलने लगेगा। उन्होंने लड़कियों को पढ़ने के लिए भेजना प्रारम्भ किया।

२००७ में मैं क्राय से जुडी उसके बाद मेरी संस्था को बहुत ही सहायता मिली। क्राय का साथ मिलने से हमारे बच्चे बहुत आगे बढ़ गए। २५००० बच्चे मेरे साथ कार्य करते हैं। १२१ गांव भी हमारे साथ कार्य करते हैं। मैं बताना चाहूंगी की रेवती सभी बच्चों के लिए अनुकरणीय है। उसकी भी पढ़ाई भी रोक दी गयी थी। आज उसको अशोक यूथ चेंज मेकर अवार्ड मिला है। एक और बच्ची है जिसकी अभियंता की डिग्री पूरी हो चुकी है और विप्रो कम्पनी में उसको नौकरी मिल गयी है।नवीन की पढ़ाई छुड़ा कर उसको काम पर लगा दिया था। उसको वापस पढ़ाई करने के लिए लाये और अभी उसने अपनी अभियंता की डिग्री का दूसरा साल पूरा किया है। मुझे क्राय की सहायता मिली तो ये सारे बच्चे आगे निकल सके। इसके बाद ललिता अम्मा ने तेलगु भाषा में एक गीत गाया जिसका मतलब था कि अभिवावक बच्चों को स्कूल भेजो।

ललिताअम्मा की बातें सुन कर वहां बैठा हर व्यक्ति खुशियों और आश्चर्य से भर गया। सभी ने खड़े होकर ललिताअम्मा के लिए तालियां बजाई। इसके बाद मंच पर आये हर दिल अज़ीज़ विवेक आनन्द ओबेरॉय। लोग अपने चहीते कलाकार को सुनने लिए आतुर थे। विवेक जी ने तेलगू में बोल कर सभी को आश्चर्य चकित कर दिया। विवेक जी ने कहा कि ये कुछ देने की शाम नहीं कुछ पाने की शाम है। उन्होंने आगे कहा कि मैं सेवा में विश्वास करता हूँ। मुझे इसकी प्रेरणा मेरी माँ से मिली। मुझे लगता है हीरो केप में नहीं हीरो साड़ी में होते हैं, जैसे मेरी माँ ,वो उन बच्चों के साथ काम करतीं थीं जो कैंसर की अन्तिम स्टेज पर होते थे। वह उनके लिए खाना लेकर जातीं थीं ,उनको किताबें पढ़ कर सुनाती थी ऐसा उन्होंने ३० सालों तक किया। विवेक जी ने बताया की उनको उनकी पहली फिल्म कम्पनी के लिए ३०००० रुपये मिले थे उन्होंने अपनी माँ से पूछा कि इसको कहाँ इन्वेस्ट करना है। मैं आपके लिए कुछ करना चाहता हूँ इन पैसों से। माँ ने कहा कि जो लोग उतने भाग्यशाली नहीं है यदि तुम उनक लिए कुछ करोगे तो बहुत अच्छा होगा। मेरे चौकीदार की बेटी थी उसकी तबियत ठीक नहीं थी उसके पास ऑपरेशन करने के लिए पैसे नहीं थे। वो रो रहा था मैंने जब उससे पूछा कि क्या हुआ तो उसने सारी बात बताई। तो मैंने उसकी सहायता करने की सोची और उसका ऑपरेशन करवाया। इस काम से मुझको बहुत संतोष मिला। इसके बाद उसी तरह के १२८ बच्चों की मैंने सहायता की। जो ख़ुशी उनको देख कर मिलती है कहीं और नहीं मिलती। तो आप सभी जो यहाँ उपस्थित हैं उनसे अनुरोध करता हूँ कि आप आपने दिल खोल कर दान कीजिये।

इसके बाद दान करने का सिलसिला प्रारम्भ हुआ लोगों ने बहुत बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया और उम्मीद से अधिक करीब १,५०,००० डॉलर्स इकट्ठा किये। कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण वस्तुओं की ऑन लाइन नीलामी भी हुयी। जिन वस्तुओं की नीलामी हुयी वो इस प्रकार हैं ,ममता सिद्धार्थ की पेन्टिंग “पीस ऑफ़ नेचर “,भारती प्रजापति की “गॉडेस “,मैसूर उद्योग की मैसूर कलमकारी साड़ी ,रत्ना नेकलेस का ,शीतल ज़वेरी जूलरी ,टेलर स्विफ्ट का गुलाबी गिटार ,गॉड फादर फिल्म का पोस्टर इत्यादि।

इस कार्यक्रम की सफलता का सारा श्रेय डिनर कमेटी को जाता है। विशेष धन्यवाद सोनाली सोनी ,देवेन परलीकर,एडवर्ड रेमिआस ,सैम काम्बो ,पर्सी प्रेसवाला ,लौरा वासक्वेज़ ,सीमा पाई ,रश्मि कलिता ,लिपिका शर्मा ,पैट्रिक बोको ,एडम मैकग्रेगर का जिनके अथक परिश्रम के कारण आज का यह कार्यक्रम इतना सफल रहा। अन्दाज़ डांस एकेडमी की नृत्यांगनाओं ने खूबसूरत बॉलीवुड नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मनोरंजन किया।

सुन्दर कार्यक्रम की यादें उसकी तस्वीरें होतीं हैं और इन यादों को तस्वीरों के रूप में संयोजित करने में सहयोग दिया डॉ अविनाश श्रीवास्तव ,अभिजीत ,और नम्रता। देवेन परलीकर ने कमाल का संचालन किया और मानसी मेहरा की कॉमडी ने सभी को खूब हँसाया इसके बाद सभी ने बहुत ही स्वादिष्ट भोजन का आनन्द लिया।

यदि आप क्राय के लिए दान करना चाहते हैं या नीलाम किये जाने वाली वस्तुओं के लिए बिड करना चाहते हैं तो
https://cryamerica.org/site/microsite/San-Diego-Gala-2022/index.html पर जा कर कर सकते हैं ।

 

 

 

 

 

(रचना श्रीवास्तव अमरीका में रहती हैं व वहाँ रहने वाले भारतीयों के बारे में व भारतीय समाज द्वारा आयोजित कार्यक्रमों के बारे में नियमित रूप से लिखती है)

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