आप यहाँ है :

अमरीका में एकल की गूँज, एकल विद्यालय फाउंडेशन रात्रिभोज में शामिल हुए विवेक ओबेरॉय एकत्रित हुए 20लाख डॉलर

कैलिफोर्निया। हयात यात रेज़ीडेंसी लॉन्ग बीच कैलिफोर्निया में एकल विद्यालय अमेरिका का रात्रि गाला भोज संपन्न हुआ। जिसमे विशेष अतिथि अभिनेता विवेक ओबेरॉय और मंच संचालक के रूप में थ्री इडियट से प्रसिद्ध हुए अभिनेता ओमी वैद्य और एमिली चर्च मुख्य वक्ता की तरह शामिल हुईं ।

सबसे पहले एकल की एक्ज़ीक्युटिव डयरेक्टर श्रीमती रंजनी सहगल जी मंच पर आयीं उन्होंने सौंदर्य ख़िताब जितने वाली ,गायिका ,अभिनेत्री प्रियदर्शनी जी रॉय को मंच पर आमंत्रित किया जिन्होंने भारत और अमेरिका का राष्ट्रिय गीत बहुत ही मोहक अन्दाज़ में गाया। इसके बाद इस कार्यक्रम के संचालक ओमी वैद्य जी मंच पर आये अपनी मनोहारी बातों से लोगों का खूब मनोरंजन किया तथा थ्री इडियट के भाषण को उसके सही रूप में सुनाया। इन्होने एकल के अध्यक्ष श्री सुरेश जी को मच पर आमंत्रित किया।

 

सुरेश जी ने कहा कि पहले एकल मात्र बच्चों की शिक्षा के लिए ही प्रारम्भ किया था। पर फिर हमने सेहत ,साफसफाई ,अर्थव्यवस्था का विकास तकनिकी उपकरणों की सहायता से किया । उन्होंने आगे कहा हम विद्यालयों को पांच सालों तक सहयोग देते हैं उसके बाद गाँव स्वयं अपने अपने विद्यालयों को सहयोग करते हैं। बहुत से स्कूल अभी स्वयं समर्थ है। स्वयं समर्थ के बारे विस्तार से बताते हुए सुरेश जी ने कहा कि गाँव हमारे साथ हमारे कामों में सहभागी होते हैं जो गाँव सहभागिता नहीं करते हैं हम वहाँ विद्यालय नहीं खोलते हैं। यदि आप देखिये तो गांवों में सरकारी विद्यालय काम नहीं करते हैं क्योंकि शिक्षक पढ़ाने आते ही नहीं हैं। तो सोचने की बात यह है कि यहाँ एकल विद्यालय क्यों काम कर रहा है। हम स्थानीय लोगों को चुनते हैं। उनको प्रशिक्षण देते हैं फिर गाँव में भेजते हैं। बच्चे उनसे पढ़ना अधिक पसंद करते हैं जो उनकी भाषा बोलते हों। स्वयं समर्थता आसानी से और जल्दी नहीं आती है। इसके लिए समय लगता है। हाँ पहले साल में १००% धन लगते हैं दूसरे साल ८०% लगाते हैं। गाँव के लोग अनाज बेचते हैं और विद्यालय को सहयोग करते हैं। एकल स्वयं सेविकों की सहायत से हो चलता है ,हमारे बहुत से स्वयंसेवी गाँव से ही है जो विद्यालयों की सहायता करते हैं। कुछ ने स्कूल चलाने के लिए अपने घर के पीछे की ज़मीन दी है एकल ने कभी बड़ी ईमारत बनाने में पैसे खर्च नहीं किये हैं। उन्होंने आगे कहा अन्नदानं परं दानं विद्यादानमतः परम् ।/अन्नेन क्षणिका तृप्ति र्यावज्जीवं च विद्यया ॥ तो विद्या दान सबसे बड़ा दान है।

 

 

एकल विद्यालय बोर्ड के सभी सदस्यों ,एकल अमेरिका के अध्यक्ष और इस गाला के सह संयोजक (co convener )श्री सुरेश अय्यर जी ,एकल की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्रीमती रंजनी सहगल ,गाला के सह संयोजक (co convener ), डॉ भारत पटेल ,गाला सह संयोजक (co convener )अनिल पारेख ,अलोक पान्डेय ,एकल भारत के CEO श्री बजरंग बागरा ,प्रदीप गोयल ,विनोद झुनझुनवाला ,सुभाष गुप्ता ,को मंच पर बुलाया साथ में अभिनेता विवेक ओबरॉय को और ओमी वैद्य को भी मंच पर आमंत्रित किया।

मनु भाई और अजय कश्यप इस शाम के बड़े दानकर्ताओं में से एक हैं। इन दोनो ने ५००,००० डॉलर दान में दिए और कहा कि एक करोड डॉलर तक की जितनी भी धन राशि एकत्रित होगी उतनी ही और दान करेंगे।

इसके बाद रंजनी जी पुनः मंच पर आई। उन्होंने बहुत ही आकर्षक अंदाज में एकल की गतिविधियों की जानकारी दी। अभी भारत में करीब ८६४०१ एकल विद्यालय हैं जिसमे करीब २३४०९०२ बच्चों ने शिक्षा पायी है। एकल का लक्ष्य था के २०२२ तक १०००,००० विद्यालय खोल लेंगे पर अब यह लक्ष्य २०१९ में ही पूरा हो जायेगा। एकल भारत में शिक्षा देने साथ खेती करवाने सिलाई कढ़ाई सीखने और आरोग्य फाउंडेशन इत्यादि पर भी ध्यान देते हैं। उन्होंने कुछ सफलता भरी कहानियां साझा की और कहा कि आसाम की पिंकी यू नी स ऍफ़ के साथ काम कर रही है। झारखण्ड की कल्पना बी. टेक इलेक्टिकल इंजीनियरिंग से कर रही है। इस शिक्षा के बारे में बताते हुए कहा कि हम बच्चों को टेबलेट की सहायता से पढ़ाते हैं। एकल की बस गाँव गाँव में जाती है। इसी बस में कम्प्यूटर्स लगे होते हैं जहाँ बच्चे आकर शिक्षा प्राप्त करते हैं।

 

 

ग्लोबल लर्निंग एक्सप्राइजेज की एग्जीक्यूटिव डाइरेक्टर एमिली चर्च को मंच पर आमंत्रित किया गया जिन्होंने डिजिटल शिक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया और एकल के साथ सहभागिता करके भारत में एकल के द्वारा चलाये जा रहे विद्यालयों में डिजिटल केंद्र की स्थापना की जाएगी। सुरेश जी ने यहाँ बताया की ग्लोबल लर्निंग एक्सप्राइजेज का गणित और भाषा का सॉफ्टवेयर स्वहागली में था पर राजीव अग्रवाल जी ने १० दिनों में ही उसको हिन्दी में परवर्तित कर दिया उसके बाद इस सॉफ्टवेयर को उर्दू और बंगाली भाषाओँ में भी परिवर्तित किया गया।

भारत एकल के सी ई ओ बजरंग बागरा जी ने बताया कि यह संगठन बैंक के द्वारा पैसे स्थानांतरण पर ही कार्य करता है न की चेक और नगद भेजे गए पैसों पर। इससे अकॉउंट में पारदर्शिता बनी रहती है।

 

तत्पश्चात एकल अभियान ट्रस्ट के चेरमैन प्रदीप गोयल जी मंच पर आये उन्होंने बताया कि एकलव्या शुरू किया जिसके अंतर्गत इन्होने किसानो को ऑर्गनिक खेती करना सिखाया। जिसके कारण किसानो की आमदनी बहुत बढ़ गयी। इन्होने इस रात्रि के विशेष अतिथि अभिनेता श्री विवेक जी ने मंच पर आमंत्रित किया।

 

 

विवेक जी ने कहा कि मैं अपना नाम विकानन्द जो की महान व्यक्ति स्वामी विवेका नन्द जी के नाम पर रखा गया था ,उसको सार्थक करना चाहता हूँ अतः सेवा करना चाहता हूँ। मुझे बहुत कुछ मिला है उसमे से ही मैँ लोगों को लौटना चाहता हूँ। इन्होने आगे कहा कि हम भारतीय काम के रूप में लौटते हैं। हमारी जड़ें भारत में हैं पर हम फल यहाँ देते हैं। एकल से जुड़ने पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि उनको समाज के लिए कुछ भी करना अच्छा लगता है.उन्होंने बताया कि उनकी पहली फिल्म ‘कम्पनी’ के लिए उनको तीन लाख रूपये मिले थे। वह बहुत प्रसन्न थे सोच रहे थे की क्या किया जाय इस पैसे को कहाँ लगाया जाय। एक दिन वह घर से निकल रहे थे तो उनका चौकीदार जिससे की उनकी रोज हेलो होती थी रो रहा था क्या हुआ पूछने पर उसने बताया कि उसकी बेटी के दिल में छेद है शल्य चिकित्सा के लिए उसके पास पैसे नहीं है विवेक जी ने कहा की वह पैसे जो की उनको फिल्म से मिले थे उन्होंने अपने चौकीदार को दे दिए और आज उसकी बेटी स्वस्थ है। विवेक जी के भाषण को लोगों ने बहुत सराहा।

 

 

विवेक जी के भाषण के बाद लोगों से दान करने आग्रह किया गया। इसके प्रारम्भ में ओमी ने विवेक जी से एक डॉलर बिल पर हस्ताक्षर करवाया और उसकी नीलामी की। यह एक डॉलर २००० डॉलर में खरीद लिया गया। यहाँ लोगों ने बहुत बढ़ चढ़ कर दान दिया। इस शाम कुल २,०००,००० डॉलर एकत्रित हुए व्यक्तिगत तौर पर ५००० से लेकर ५०,००० तक का दान किया गया। इन्ही दान कर्ताओं में से एक दान करता अपर्णा हांडे जी से जब पूछा कि वह एकल से क्यों जुड़ीं तो उन्होंने कहा कि वह ऐसे गाँव से आयीं हैं जहाँ कोई विद्यालय नहीं था। मैने मन्दिर में पेड़ के नीचे शिक्षा पायी है। अतः मैं एकल से स्वयं को जुड़ा पाती हूँ सीलिए मैने एकल के एक विद्यालय को जीवन भर सहयोग करने का निर्णय लिया है। एकल की और सहयोगी और भारतीय समुदाय की एक प्रतिष्ठित हस्ती श्रीमती सरुमती शिवकुमार ने कहा कि यह संस्था पढ़ाई करने के लिए बच्चों की सहायता करती है।

इस कार्यक्रम का संचालन ओमी वैद्य जी ने बहुत ही मनोरंजक तरीके से किया। उनकी हर बात पर उपस्थित लोगों ने भरपूर दाद दी।

 

अंत में अभी विशेष अतिथियों को मंच पर बुला कर उनका सम्मान भी किया गया।यहाँ बताती चलूँ कि एकल अभियान ट्रस्ट और एकल विद्यालय फाउंडेशन की अम्ब्रेला संगठन को सन २०१७ में भारत सर्कार की ओर से ‘महात्मा गाँधी पीस पुरस्कार ‘ प्रदान किया गया था। इस कार्यक्रम में करीब ४०० लोग उपस्थित थे।गाला सह संयोजक (co convener )अनिल पारेख जी ने बताया कि लॉस एंजेलिस में इस तरह का गाला रात्रि भोज पहली बात आयोजित किया गया है। अनिल जी ने मीडिया के सभी लोगों का बहुत बहुत धन्यवाद किया .

यहाँ खाने की बहुत उत्तम व्यवस्था मनोहर दिल्ली पैलेस थी। कार्यक्रम के अंत में तरकश इंटरटेनमेंट के नवज़ाद ने अपने मधुर गीतों से इस शाम को और भी यादगार बना दिया।

एकल विद्यालय फाउंडेशन एक लाभ निरपेक्ष दानशील संस्था है। जो भारत और नेपाल में कार्य करती है। आप www.ekal.org पर जा कर दान कर सकते हैं और इस संस्था के बारे में अधिक जानकारी भी प्राप्त कर सकते है।

 

 

रचना श्रीवास्तव अमरीका में रहती हैं और वहाँ भारतीयों से जुड़े कार्यक्रमों, आयोजनों व समारोहों के बारे में नियमित रूप से लिखती हैं।

image_pdfimage_print


1 टिप्पणी
 

  • Bajrang Bagra

    सितंबर 21, 2019 - 5:43 pm Reply

    Excellent coverage of an important evening. The event was important not only for stature of people who spoke, what they spoke and funds raised for an impactful social work. Connecting Diaspora to a genuine volunteer based community work was more important.

Leave a Reply
 

Your email address will not be published. Required fields are marked (*)

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

सम्बंधित लेख
 

Back to Top