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हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्था द्वारा ‘वॉइस ऑफ यूनिटी’ कार्यक्रम का आयोजन

23 दिसंबर को अहमदाबाद (गुजरात) में हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्थान द्वारा देशवासियों में राष्ट्रीय भावना के निर्माण हेतु रिवर फ्रंट पर वॉइस ऑफ यूनिटी कार्यक्रम में वंदे मातरम गीत और परमवीर वंदना का कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में 112 से अधिक स्कूलों तथा 78 कॉलेजों के कुल 50,000 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया. इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों सहित एक लाख से अधिक नागरिक उपस्थित थे.

कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले विद्यार्थियों में राष्ट्रध्वज के तीनों रंगों की टोपियों का वितरण किया गया, परिणाम स्वरूप एक विशाल राष्ट्रध्वज का विहंगम दृश्य उपस्थित हुआ. कार्यक्रम की शुरुआत 8:30 बजे हुई जिसमे 100 फुट के विशाल स्टेज पर योगेश गढ़वी, बंकिम पाठक, दक्षा गोहिल, नयना शर्मा, शशांक शुक्ल सहित 162 कलाकारों ने देश भक्ति गीतों को प्रस्तुत किया. देशभक्ति गीतों के साथ ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम’ के नारों ने समग्र वातावरण राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग गया. कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में परमवीर चक्र पॉकेट बुक का वितरण भी किया गया.

गुजरात के नवनियुक्त मुख्यमंत्री विजयभाई रुपाणी तथा उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रुप में रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण भी उपस्थित रहीं. NCC के 500 कैडेट ने रक्षा मंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया. कार्यक्रम में ‘तिलक वंदन’ कार्यक्रम के अंतर्गत सैन्य गैलेंट्री अवार्ड विजेता जवानों को सम्मान दिया गया.

नवनियुक्त मुख्यमंत्री विजयभाई रुपाणी ने कहा कि परमवीर वन्दना और वंदे मातरम कार्यक्रम से लोगों में देश प्रेम जगाने का प्रशंसनीय कार्य हुआ है. हमारे लिए भारत एक जमीन का टुकड़ा नहीं है, हम मातृभूमि का परमात्मा के रूप में वंदन करते हैं. अपना सर्वस्व बलिदान देने वाले सैनिकों का सम्मान करने और देशभक्ति की चेतना को जागृत करने के लिए संस्था धन्यवाद के पात्र हैं. गुजरात में वंदे मातरम और सैनिकों के तिलक वंदन जैसा कार्यक्रम शायद पहली बार हो रहा है. मुख्यमंत्री पद पर मेरी पुनः नियुक्ति के बाद मेरा यह पहला सार्वजनिक कार्यक्रम है, देशभक्ति के इस कार्यक्रम में उपस्थित होना मेरा सौभाग्य है. मैं इस संस्था का आभार व्यक्त करता हूं.

रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने कहाकि देश के लिए त्याग करने वाले सैनिकों को याद करना और बालको में देशभक्ति का सिंचन करने वाले इस कार्यक्रम हेतु संस्था अभिनंदन के पात्र हैं. इससे बच्चों में देशभक्ति की भावना जगेगी. हमारी संस्कृति नदी, पानी और वृक्षों के पूजन करने वाली है, भारत सदियों से पर्यावरण के संरक्षण के काम का काम करता आया है, इसीलिए आज जब समग्र विश्व में पर्यावरण के अनेक समस्याओं का सामना कर रहा है ऐसे में पर्यावरण संरक्षण हेतु नेतृत्व के लिए विश्व हमारी ओर देख रहा है.

कार्यक्रम का समापन वंदे मातरम के सामूहिक गान से हुआ, इससे पूर्व परम पूज्य स्वामी श्री परमानंद जी ने पर्यावरण की रक्षा के लिए जागृति फैलाने हेतु हिंदू आध्यात्मिक और सेवा संस्थान के 6 मूल सिद्धांतों, वन एवं वन्य जीवन का संरक्षण, जीव सृष्टि संतुलन, पर्यावरण संरक्षण, परिवारिक और मानवीय मूल्य संरक्षण और संवर्धन, महिलाओं के प्रति सम्मान और राष्ट्रभक्ति जागरण के संकल्प दिलाये.



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