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पश्चिम रेलवे द्वारा गुजरात में प्याज़ की बम्पर पैदावार के परिवहन हेतु विशेष व्यवस्था

विभिन्न गंतव्यों के लिए अब तक 15 रेकों का लदान

माननीय रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु के निर्देशानुसार गुजरात में लाल प्याज़ की बम्पर पैदावार को त्वरित गति से देश के विभिन्न हिस्सों में पहुँचाने हेतु पश्चिम रेलवे द्वारा दो अतिरिक्त मालगाड़ियों की विशेष व्यवस्था की गई है। अब तक कुल 15 ऐसे रेकों का लदान किया जा चुका है। गुजरात से प्रतिदिन 2 रेकों में प्याज़ का लदान कर उन्हें देश के विभिन्न हिस्सों में भेजा जा रहा है।

पश्चिम रेलवे के भावनगर मंडल के महुवा जं. तथा वारतेज स्टेशनों पर लदान कार्य किया जा रहा है। इन स्टेशनों से एक-एक रेक का लदान कर देश के विभिन्न हिस्सों जैसे जालंधर, दिल्ली तथा कानपुर इत्यादि शहरों में भेजा जा रहा है। अब तक महुवा जं. तथा वारतेज स्टेशन से लगभग 41000 टन प्याज़ उत्तर भारत के विभिन्न शहरों में भेजा जा चुका है। उल्लखनीय है कि भावनगर क्षेत्र को प्रति वर्ष अच्छे प्याज़ उत्पादन क्षेत्र के रूप में जाना जाता है। इस अतिरिक्त परिवहन व्यवस्था से स्थानीय प्याज़ कृषकों को उनकी फसल हेतु अच्छी कीमत प्राप्त होग। साथ ही इस जल्द खराब होने वाली फसल का त्वरित परिवहन कर इसे यथासमय देश के विभिन्न भागों में भेजा जा सकेगा।

एक अतिरिक्त रेक के फलस्वरूप प्याज़ की परिवहन क्षमता को 50 प्रतिशत अधिक बढ़ाया जा सका है, जिससे अधिक से अधिक प्याज़ का परिवहन सुनिश्चित हो रहा है। प्रत्येक मालगाड़ी औसतन 2500 टन प्याज़ का परिवहन देश के विभिन्न हिस्सों में कर रही है। गुजरात के प्याज़ कृषक देश के कुल प्याज़ उत्पादन का लगभग 6 प्रतिशत उगाते हैं। प्याज़ कृषकों के उत्पादन को देश के विभिन्न हिस्सों में पहुँचाने हेतु 2 अतिरिक्त रेक उपलब्ध कराये गये हैं। इस वर्ष प्याज की बम्पर पैदावार हुई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दोगुनी है। रेलवे द्वारा पिछले वर्ष के मुकाबले 50 प्रतिशत अधिक मालगाड़ियाँ चलाकर प्याज़ वहन क्षमता में 50 प्रतिशत की अतिरिक्त वृद्धि की गई है। इन प्याजों को भारत के उत्तरी, पूर्वी तथा उत्तर पूर्वी भागों में भेजा जा रहा है, जिससे कृषकों को अपनी फसल की बिक्री के लिए अतिरिक्त बाज़ार उपलब्ध होंगे।



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