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पश्चिम रेलवे ने उल्लास और गौरव के साथ मनाया 70वां स्थापना दिवस

मुंबई। पश्चिम रेलवे ने अपने सम्माननीय यात्रियों के हमेशा सर्वश्रेष्ठ सेवाऍं प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए 5 नवम्बर, 2020 को अपना स्थापना दिवस पूरे पश्चिम रेलवे पर उत्साह एवं गौरव के साथ मनाया। इस अवसर पर 70 वें स्थापना दिवस के महत्व और गौरवशाली अतीत को रेखांकित करने की दृष्टि से अनेक रेलवे स्टेशनों, प्रधान कार्यालय तथा मंडल भवनों और हेरिटेज लोकेशनों को सुंदर प्रकाश व्यवस्था कर विशेष तरह से सजाया गया तथा प्रधान कार्यालय एवं मंडल कार्यालयों में एक आदर्श और पर्यावरण मित्रवत पहल के रूप में पौधारोपण किया गया। इस विशेष अवसर का उत्सव मनाने और तथा पश्चिम रेलवे के समृद्ध एवं गौरवशाली इतिहास को सब तक पहुॅंचाने के उद्देश्य से एक विशेष सोशल मीडिया अभियान भी चलाया गया, जिसके अंतर्गत पश्चिम रेलवे की स्वर्णिम विरासत और पश्चिम रेलवे पर स्थित महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों जैसे विषयों पर शॉर्ट वीडियो और वेब कार्ड सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर शेयर किये गये। इस गौरवपूर्ण अवसर पर स्थापना दिवस समारोह का भी आयोजित किया गया, जिसका सीधा प्रसारण यू ट्यूब पर किया गया। इस समारोह में पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री आलोक कंसल और पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा श्रीमती तनुजा कंसल प्रमुख अतिथि के रूप में शामिल हुए।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री सुमित ठाकुर द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 70 वें स्थापना दिवस के समारोह का आयोजन 5 नवंबर, 2020 संध्या को मुंबई सेंट्रल स्थित “रेल निकुंज” हॉल में किया गया। इस समारोह के प्रारम्भ में पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री आलोक कंसल, पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा श्रीमती तनुजा कंसल, पश्चिम रेलवे के अपर महाप्रबंधक श्री आलोक कुमार तथा पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन की उपाध्यक्षा श्रीमती विनीता जैन द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित किया गया। पश्चिम रेलवे के अपर महाप्रबंधक श्री आलोक कुमार ने अपने उद्घाटन सम्बोधन में कहा कि कोविड-19 की कठिन परिस्थिति से जब सम्पूर्ण विश्व जूझ रहा था, तब पश्चिम रेलवे के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने पश्चिम रेलवे के पहियों को अपने श्रम और संकल्प के ज़रिये कभी भी थमने नहीं दिया।

इसके पश्चात एक शॉर्ट फिल्म प्रदर्शित की गई, जिसमें वर्ष 2020-21 के दौरान पश्चिम रेलवे की उत्कृष्ट उपलब्धियों को समाहित किया गया था। इस फिल्म में यह भी दर्शाया गया था कि किस प्रकार पश्चिम रेलवे ने कोविड 19 के कारण उत्पन्न आपदा को अवसर के रूप में परिवर्तित किया। उल्लेखनीय है कि लॉकडाउन के दौरान पश्चिम रेलवे पर सड़क ऊपरी पुलों / सड़क निचले पुलों, पैदल ऊपरी पुलों का निर्माण इत्यादि कार्य पूर्ण किए गए तथा लाइन क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ माल गाड़ियों एवं पैसेंजर ट्रेनों की गति बढ़ाने सम्बंधी कार्य भी किए गए। पश्चिम रेलवे की गौरवशाली विरासत एवं समृद्धि अतीत और समय के साथ इसकी प्रगति पर एक और शॉर्ट फिल्म प्रदर्शित की गई, जिसमें वर्ष 1855 में गुजरात के अंकलेश्वर से उत्राण तक 29 मील ब्रॉड गेज लाइन के उद्घाटन से लेकर वर्तमान 6500 रूट कि.मी. के विशाल नेटवर्क वाली पश्चिम रेलवे की प्रगति गाथा को बखूबी दर्शाया गया।

इस फिल्म में भाप के इंजनों से लेकर विद्युत इंजनों के विकास क्रम को दर्शाते हुए यह भी प्रदर्शित किया गया था कि कैसे पश्चिम रेलवे ने तीव्र एवं गतिमान यात्रा हेतु लोगों की बढ़ती अपेक्षाओं पर ख़ुद को खरा उतारा है। कभी 3 डिब्बों की सेवाओं से शुरुआत करने वाला पश्चिम रेलवे का उपनगरीय खंड क्रमबद्ध वृद्धि के फलस्वरूप आज 15 डिब्बों की सेवाऍं भी परिचालित कर रहा है। पश्चिम रेलवे ने सामाजिक विकास के साथ-साथ आर्थिक प्रगति में भी अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है, जिसे भी इस फिल्म में बखूबी प्रदर्शित किया गया।

इस गौरवशाली अवसर पर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री आलोक कंसल द्वारा डिजिटल माध्यम से पश्चिम रेलवे के कर्मचारियों को लाभान्वित करने हेतु कई इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों का उद्घाटन भी किया गया। कई जगहों पर रेलवे कॉलोनियों का उद्घाटन किया गया, जिनमें उमरगांव स्टेशन पर रेलवे क्वार्टरों के 24 यूनिट, मुंबई सेंट्रल मंडल के उधना स्टेशन पर 44 यूनिट और रतलाम स्टेशन पर 8 यूनिटों का उद्घाटन किया गया। राजकोट मंडल के अलियावाड़ा स्टेशन पर गेटमैनों तथा ट्रैक मैनों हेतु 8 क्वार्टर और भावनगर मंडल के वीरपुर स्टेशन पर ट्रैक मैनों हेतु 10 क्वार्टरों का उद्घाटन किया गया। वड़ोदरा मंडल के अंकलेश्वर में रेल सुरक्षा बल कर्मियों के लाभार्थ 6 क्वार्टरों का उद्घाटन किया गया। अहमदाबाद मंडल के वीरमगाम स्टेशन पर सेक्शन इंजीनियरों हेतु रेल पथ कार्यालय का उद्घाटन भी किया गया। इसी अनुक्रम में, जगजीवन राम अस्पताल में तीन नए वार्ड, नई पैथोलॉजी लैब और एक नई डिस्पेंसरी का उद्घाटन भी महाप्रबंधक श्री कंसल द्वारा किया गया।

श्री ठाकुर ने बताया कि इस उपलक्ष्य में पश्चिम रेलवे द्वारा अपने अधिकारियों तथा कर्मचारियों के लिए एक स्लोगन प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इस स्लोगन प्रतियोगिता में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इसे काफी अच्छा प्रतिसाद मिला। “पश्चिम रेलवे” की थीम वाली इस प्रतियोगिता में हिंदी तथा अंग्रेजी श्रेणी रखी गई थी। हर श्रेणी के लिए तीन पुरस्कारों की घोषणा की गई। पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री आलोक कंसल तथा पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा श्रीमती तनुजा कंसल की ओर से सभी विजेताओं को वर्चुअल माध्यम से नक़द पुरस्कार एवं मेरिट सर्टिफिकेट से पुरस्कृत किया गया।

स्थापना दिवस के अवसर पर रेल परिवार को सम्बोधित करते हुए श्री कंसल ने कहा कि हम सब विभिन्न माध्यमों के ज़रिये पश्चिम रेलवे के 7 दशकों के विकास के साक्षी रहे हैं। उन्होंने पश्चिम रेलवे के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्य के प्रति उनकी निष्ठा एवं बेहतरीन उपलब्धियों के लिए हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के दौरान मज़दूरों की कमी होने के बावजूद पश्चिम रेलवे द्वारा पार्सल ट्रेनें चलाई गई और अपनी पार्सल विशेष ट्रेनों के ज़रिए ही आवश्यक वस्तुओं और चिकित्सा सम्बंधी मदों का निर्बाध परिवहन सुनिश्चित किया गया। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि ऐसे संकट के समय प्रवासी मज़दूरों की सहायता के लिए श्रमिक विशेष ट्रेनें चलाई गईं और लाखों की संख्या में मुफ़्त फूड पैकेट वितरित किए गए।

श्री कंसल ने बताया कि त्योहार के सीज़न में भीड़ को देखते हुए पश्चिम रेलवे द्वारा अभी भी यात्रियों की सुविधा के लिए विविध विशेष ट्रेनें एवं त्योहार विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि पश्चिम रेलवे के प्रधान कार्यालय एवं समस्त 6 मंडलों पर बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट की स्थापना की गई है और फ्रेट ट्रांसपोर्टरों के लिए विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं का क्रियान्वयन किया गया है। इससे रेल द्वारा परिवहन में वृद्धि के साथ ही माल राजस्व में भी बढ़ोतरी दर्ज़ की गई है। श्री कंसल ने कहा कि हमें कोविड-19 के विरुद्ध अपनी लड़ाई को लगातार जारी रखना है। उन्होंने यह भी कहा कि हमें माननीय प्रधानमंत्री के “आत्मनिर्भर” बनने के आह्वान के प्रति सजगता से चलने का प्रयास करना चाहिए। श्री कंसल ने कहा कि उन्हें ऐसे अनुकरणीय संगठन का नेतृत्व करते हुए गर्व का अनुभव हो रहा है।

इस समारोह के बाद “भैरव से भैरवी तक” नामक एक वर्चुअल सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समारोह के दौरान रेलवे मज़दूर संघ के अध्यक्ष श्री शरीफ पठान और पश्चिम रेलवे कर्मचारी यूनियन के महासचिव श्री जे. आर. भोसले द्वारा दिए गए विशेष बधाई संदेशों को डिजिटल तौर पर प्रदर्शित किया गया, जिसमें उन दोनों ने पश्चिम रेलवे द्वारा नई ऊंचाइयों को छूने की कामना व्यक्त की। इसके अतिरिक्त, स्थापना दिवस के स्मृति स्वरूप पूरी पश्चिम रेलवे के हाउसकीपिंग एवं सफाई कर्मचारियों को फेस मास्क वितरित किए गए। 70 वें स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर सभी महत्वपूर्ण स्टेशनों पर डिस्प्ले बैनर्स प्रदर्शित किए गए और जिंगल्स बजाए गए। इस दिन को और भी रोचक ढंग से मनाने के लिए सरकारी मोबाइल नम्बर की सुविधा रखने वाले सभी पश्चिम रेलवे कर्मचारियों के लिए विशेष कॉलर ट्यून “धड़क-धड़क” भी बनाई गई। स्थापना दिवस की शुरुआत में श्री कंसल द्वारा हरित पर्यावरण की पहल को बढ़ावा देने के लिए चर्चगेट स्थित मुख्यालय परिसर में पौधे लगाए गए। मंडल कार्यालयों में भी सम्बंधित मंडल रेल प्रबंधकों तथा रेल पदाधिकारियों ने वृक्षारोपण अभियान में भाग लिया।

श्री ठाकुर ने बताया कि पश्चिम रेलवे बहुत से क्षेत्रों में निरंतर अग्रणी रही है। विश्व की प्रथम महिला विशेष ट्रेन की शुरुआत से लेकर पहली 15 डिब्बा उपनगरीय ट्रेन और भारत की पहली पूर्ण रूप से वातानुकूलित उपनगरीय ट्रेन के प्रारम्भ होने के साथ पश्चिम रेलवे परिचालन, संरक्षा और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी अपनाने जैसे विभिन्न क्षेत्रों में कई बार प्रथम कहलाने का दर्ज़ा हासिल कर चुकी है। पश्चिम रेलवे ने 1850 के दशक में ब्रिटिश युग के दौरान अपनी शुरुआत होने के समय से लेकर अब तक की अपनी लम्बी यात्रा के ज़रिए अपनी श्रेष्ठता को कई बार प्रमाणित किया है। पश्चिम रेलवे के वर्तमान स्वरूप का गठन पूर्ववर्ती बॉम्बे, बरोड़ा और सेंट्रल इंडिया रेलवे (बी बी एंड सी आई) के सौराष्ट्र, राजपूताना तथा जयपुर जैसी अन्य रियासती रेलों के साथ विलय होने पर स्वतंत्रता के पश्चात 5 नवम्बर, 1951 को हुआ था और अब इसी पश्चिम रेलवे ने 5 नवम्बर, 2020 को अपना 70 वाॅं स्थापना दिवस अत्यंत गौरवशाली ढंग से गरिमा एवं उल्लास के साथ मनाया।

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