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पश्चिम रेलवे ने टिकट दलालों से जप्त किए 87 लाख रु. के अवैध टिकट

मुंबई। पश्चिम रेलवे के रेल सुरक्षा बल द्वारा जुलाई से सितम्बर, 2020 तक की अवधि के दौरान टिकट दलालों के खिलाफ चलाये गये विशेष अभियान के दौरान पकड़े गये 298 मामलों में ई-टिकटों और यात्रा- सह- आरक्षण टिकटों सहित लगभग 87.55 लाख रु. मूल्य के कुल 5547 अवैध टिकट जब्त किये गये और 315 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्री सुमित ठाकुर द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पिछले साल जुलाई से सितम्बर तक इसी अवधि में पकड़े गये 146 मामलों में ई-टिकटों सहित 50.16 लाख रु. मूल्य के कुल 2099 टिकट जब्त किये गये थे और 171 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया था। इस तरह पिछले साल की तुलना में इस साल पकड़े गये मामलों की संख्या दुगुनी से भी अधिक हो गई है। इसी प्रकार गिरफ्तार व्यक्तियों और जब्त टिकटों की संख्या तथा ई-टिकटों के मूल्य में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। विशेष अभियानों के दौरान यह देखा गया कि रियल मैंगो सॉफ्टवेयर के उपयोग के माध्यम से ई-टिकटों की बुकिंग में गड़बड़ी की गई थी। ये सभी विशेष अभियान जुलाई से सितम्बर, 2020 तक की अवधि के लिए चलाये गये। दलालों द्वारा टिकटों की अवैध बुकिंग की सूचना मिलने के बाद, डिटेक्टिव विंग / आरपीएफ क्राइम ब्रांच, साइबर सेल और डिवीजनों के समर्पित कर्मचारियों की विशेष टीमों का गठन किया गया था और विशेष ड्राइव इस तरह की अवैध गतिविधियों के खिलाफ शुरू किये गये। यह पाया गया कि कई फर्जी आईडी का उपयोग करके टिकटों की अवैध बुकिंग की गई थी, जिनमें कुछ अधिकृत IRCTC एजेंट भी शामिल हैं, जो नकली आईडी का उपयोग करते हैं और रियल मैंगो जैसे अवैध सॉफ़्टवेयर का भी उपयोग कर मासूम यात्रियों से अतिरिक्त पैसे वसूलते हैं।

पश्चिम रेलवे ने अपने सभी ग्राहकों से अनुरोध किया है कि वे केवल अधिकृत स्रोतों से ही अपनी यात्रा के टिकट खरीदें। यात्रियों के साथ-साथ सभी नागरिकों को भी समय-समय पर पीए सिस्टम की उद्घोषणाओं, स्टिकरों, पोस्टरों, ट्रेनों और रेल परिसरों में पैम्पलेट वितरण के माध्यम से पश्चिम रेलवे द्वारा दलालों के खिलाफ अलर्ट किया जाता है।रेल अधिनियम की धारा 143 के कानूनी प्रावधानों और टाउट्स से टिकट / ई-टिकट खरीदने के परिणामों के बारे में यात्रियों को शिक्षित करने के लिए पश्चिम रेलवे द्वारा जागरूकता अभियान भी चलाये जाते हैं।

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