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जब केन्द्रीय मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत गजू बन्ना बनकर सम्मानित हुए

कोई केन्द्रीय मंत्री किसी मंच पर हो और लोग उसे मंत्री न मानकर अटपटे और चटपटे शब्दों से उसका सम्मान करे, पुरानी यादों का पिटारा खोलकर किस्सागोई से उसका अतीत याद दिलाए तो माहौल पारिवारिक और अनौपचारिक तो हो ही जाता है।

केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री श्री गजेन्दर सिंह शेखावत जब मुंबई के ओसवाल चैंबर में राजस्थानी समाज की विभिन्न संस्थाओं के बीच पहुँचे तो ऐसा ही कुछ नजारा था।

श्री शेखावत भी इस माहौल में रम गए और उन्होने कहा कि मैं अपनी बात राजस्थानी में कहूँगा। उन्होंने कहा कि मैने 1989 में जोधपुर में कॉलेज का चुनाव लड़ा। इसके बाद मेरे दोस्तों ने मुझे विश्वविद्यालय का चुनाव भी जितवा दिया। मैने डेढ़ साल काम किया और जब मेरा कार्यकाल खत्म हुआ तो भाजपा के नेता श्री ओम प्रकाश माथुर ने कहा कि तुम भाजपा के साथ काम करो। इसके बाद वर्तमान लोकसभा के अध्यक्ष श्री ओम बिड़ला ने मुझे भाजपा की राजनीति में आगे बढ़ाया। भाजपा में आने पर मुझे तत्कालीन संघ प्रचारक श्री लक्ष्मण सिंह जी ने कहा कि पाकिस्तान सीमा पर स्थिति गंभीर है आपको वहाँ जाकर काम करना होगा। 1980 – 90 तक पाकिस्तानी सीमा लगभग खुली ही थी, दोनों देशों के लोग एक दूसरे के यहाँ आ जा सकते थे। इसके बाद जब परिस्थितियाँ गंभीर हो गई तो हमने 4 जिलों की 17 तहसीलों की 1040 किलोमीटर की सीमा पर काम किया। वहाँ 140 एकल विद्यालय खोले, 5 होस्टल शुरु किए। युवाओं को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से सेवा कार्य में जोड़ा। उसी दौरान राजस्थान में अकला पड़ा तो हमने एक लाख गायों की सेवा की जिम्मेदारी उठाई और इसके लिए हमें प्रतिदिन 25 लाख रुपये इकठ्ठे करना पड़ते थे। लेकिन समाज के सहयोग से ये कार्य भी सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और जब अकाल समाप्त हुआ तब तक हमारे पास 2 करोड़ रुपये की राशि बच भी गई थी।

देश में जल संकट की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि हम जल संग्रहण को एक अभियान के रूप में ले रहे हैं। माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश के 14 करोड़ घरों तक नल और जल पहुँचाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने बताया कि प्रधान मंत्री जी ने देश के 33 करोड़ गरीबों के बैंक खाते खुलवाकर देश के 24 हजार करोड़ रुपये की बचत कर एक ऐतिहासिक कार्य किया। प्रधान मंत्री की आयुष्मान योजना 10 करोड़ लोगों को 5 लाख रुपये तक के महंगे इलाज का लाभ मिला।

 

 

उन्होंने कहा कि चुनाव के पहले जब जीएसटी का विरोध हो रहा था तो मैं सूरत में व्यापारियों से मिलने गया और ढाई घंटे उनकी बात सुनने के बाद 20 मिनट बोलकर जीएसटी को लेकर जो गलतफहमियाँ थी वो दूर की।

उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत में हो रहे बदलाव को महसूस कर रही है, आने वाले दस साल में मोदीजी के नेतृत्व में हम एक नया हिंदुस्तान देखेंगे।

कार्यक्रम का संचालन कर रहे जाने माने कवि और अभिनेता श्री शैलेष लोढ़ा जो गजेन्द्र सिंह जी के बचपन के साथी रहे हैं उन्होंने पूरे माहौल को अनौपचारिक बनाते हुए स्पष्ट कर दिया कि हमारे बीच केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत नहीं बल्कि हमारे जोधपुर के गजू बन्ना बैठे हैं। गजू बन्ना के व्यक्तित्व की विभिन्न विशेषताओं का उल्लेख करते हुए शैलेष जी लोढ़ा ने कहा कि ये स्वागत और सम्मान व्यक्ति का है पद का नहीं। उन्होंने बताया कि पिछली बार जब गजू बन्ना चुनाव जीते तो उन्होंने प्रधान मंत्री मोदीजी से अपनी बात कहने को पाँच मिनट मांगे और मोदीजी ने पाँच मिनट देकर उनकी बात 15 मिनट तक सुनी और कहा कि अगली बार मैं आपको एक घंटा सुनना चाहूँगा।

श्री लोढ़ा ने बताया कि गजू बन्ना ने राजनीति में आने के पहले भारत पाकिस्तान सीमा पर जाकर समाज सेवा का काम किया। वे बास्केटबाल के बेहतरीन खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने जो काम हाथ में लाय उसे पूरा करके दिखाया। वो जब भी कोई काम में हाथ में लेते हैं तो ये नहीं सोचते कि ये करेगा कौन। एक बार स्वदेशी जागरण मंच मेले के आयोजन में उन्होंने देखा कि पूरे मैदान में मिट्टी पड़ीहै तो चुपचाप मिट्टी हटाने में लग गए। वीणाभारती का कार्यक्रम हुआ और अव्यवस्था फैलने लगी तो डंडा लेकर व्यवस्था बनाने में लग गए। कॉलेज में पढ़ते थे तो एक छात्र की गंभीर बीमारी के इलाज के लिए लिए पैसे इकठ्ठे कर उसका इलाज करवाया। इसके साथ ही इनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इन्होंने कभी अपना आपा नहीं खोया। विषम से विषम परिस्थितियों में ये सहज और सरल बने रहते हैं और अपनी वाकपटुता व सरलता से माहौल को सहज बना देते हैं।

इस अवसर पर श्री मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि आपने जो ऊँचाई अर्जित की है वो आपके श्रम और संकल्प की बदौलत मिली है। आपने अपने व्यक्तित्व पर अपने पद को हावी नहीं होने दिया। आप जिस किसी से मिलते हैं आत्मीयता और अहोभाव से मिलते हैं।

इस अवसर पर श्रीगजेन्द्र सिंह शेखावत ने भारत जैन संगठन द्वारा विभिन्न अंचलों में जल संग्रहण के लिए किए गए कार्यों पर लिखी गई पुस्तक सुजलाम सुफलाम का विमोचन भी किया। इस अवसर पर संस्था के श्री शांतिलाल मूथा व वल्लभ भंसाली ने बताया कि भारत जैन संगठन ने पिछले दस साल में 9 करोड़ क्यूबिक मीटर पानी बचाने का कार्य किया है। अगर सका रुपये में मूल्यांकन किया जाए तो 9 गुणा 50 के हिसाब से 450 करोड़ रुपये का पानी बचाया गया है।

उन्होंने कहा कि हम राजस्थान के पाली और जोधपुर के सूखाग्रस्त क्षेत्रों को गोद लेकर वहाँ भी जलसंग्रहण का कार्य करेंगे।

इस अवसर पर श्री गजू बाना का सम्मान विभिन्न संस्थाओं द्वारा किया गया। अंतर्राष्ट्रीय वैश्य फेडरेशन की ओर से श्री राकेश मेहता, श्री डीसी गुप्ता ने उनका सम्मान किया। जीतो की ओर से श्री शांतिलाल राठौर, जोधपुर एसोसिएशन की ओर से श्री दिनेश गाँधी के साथ ही राजस्थानी वेलफेअर एसोसिएशन व अन्य संस्थाओं के पदाधिकारियों ने भी उनका सम्मान किया।

कार्यक्रम में मुंबई भाजपा के अध्यक्ष श्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

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