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फिल्मी परदे पर लव जिहाद कब रुकेगा?

उर्दुवुड उर्फ बॉलीवुड दशकों से कहानी की डिमांड और क्रिएटिविटी के नाम पर हिंदुस्तान में ‘लव जिहाद’, ‘सेक्स जिहाद’ को धड़ल्ले से परोस रहा है। हर बार हल्ला होता है, आवाजें उठती हैं मगर फिर वही जिहाद के 3 पात …पुनः वही कहानी दोहरा दी जाती है यानी लड़का मुसलमान और लड़की हिंदू..!

तो हिंदुस्तान के भाई बहन ‘तांडव’ सीरीज में भगवान का मजाक उड़ाने के बाद अब अमेज़न प्राइम एक बार फिर लेकर आया है हिंदू धर्म विरोधी मसाला… और इस ‘लव जिहाद’ मसाले का नाम है ‘तूफान’..! इस फ़िल्म में फरहान अख़्तर एक बॉक्सर की भूमिका में है जिसका नाम है अजीज अली! अभिनेत्री मृणाल ठाकुर जोकि ब्राह्मण परिवार की लड़की पूजा शाह बनी हैं…वो इस लफंगे अज़ीज़ अली के ‘आदाब’ जाल में फंस जाती हैं और उसकी प्रेमिका बन उससे शादी करती हैं ताकि मुसलमान नाम के ढेर सारे बच्चे पैदा किए जा सकें और ऐसा नहीं होगा तो सूटकेस तैयार है।

तूफान फ़िल्म के ट्रेलर में ऐसे कई दृश्य हैं जिनमें ‘लव-सेक्स-जिहाद’ की साजिश का एजेंडा साफ नजर आता है, ट्रेलर देखने पर पता चलता है कि फिल्म का मुख्य किरदार एक मुस्लिम युवक है जिसका नाम ‘अजीज़ अली’ है , वो मारपीट वाला मवाली गुंडा है और लोगों से आए दिन मारपीट करता है। मारपीट में आई चोट के इलाज के लिए वह डॉक्टर पूजा शाह के पास जाता है और ब्राह्मण पूजा शाह को अजीज अली से प्यार हो जाता है।

अजीज अली एक बॉक्सिंग से कोच से मिलता है जिसका किरदार निभाया है परेश रावल ने। बॉक्सिंग कोच उसे ओलंपिक लेवल का बॉक्सर बना देता है। एक दृश्य में कोच अजीज अली से कहता है कि तुम जिस ईश्वर को मानते हो उसके सामने माथा टेक आओ, तो अज़ीज अली अपनी प्रेमिका पूजा शाह को ‘आदाब’ कहता है, जवाब में पूजा शाह भी उसे ‘आदाब’ कहती है।

बड़ा सवाल उठता है कि आखिर बॉलीवुड में यह संयोग हमेशा ही क्यों होता है जिसमें लड़का मुसलमान होता है और लड़की हिंदू होती है। बड़ा सवाल उठता है कि आखिर ऐसा ही संयोग क्यों बनता है कि हिंदू धर्म के देवी-देवताओं का मजाक बनाया जाता है और दूसरे धर्म के उपासकों पर चुप्पी साध ली जाती है। अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर OTT प्लेटफार्म से लगातार सनातन धर्म के खिलाफ प्रोपेगेंडा परोसा जा रहा है और यह देश चुपचाप उन्हें सहन करता जा रहा है अब वक्त आ गया है कि इनके इस प्रोपेगेंडा के खिलाफ मुकम्मल आवाज उठाई जाए ताकि इनके बहरे कानों को समझ आ सके कि हमारी भी भावनाएं आहत होती हैं।

साभार https://kreately.in/ से

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