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प्रतिक्रियाओं से मन्दिर संस्कृति पुस्तक का व्यापक स्वागत

राजस्थान के सुविख्यात लेखक और राजस्थान के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के पूर्व ज्वायंट डायरेक्टर डॉ.प्रभात कुमार सिंघल की पर्यटन पर आधारित 16 वीं पुस्तक ” मन्दिर संस्कृति : धार्मिक पर्यटन ” हाल ही में प्रकाशित हुई। सोमवार 21 मार्च 2022 को कोटा पुलिस रेंज के आइजी रवि दत्त गौड़ ने पुस्तक का विमोचन किया। भारत के मंदिरों पर लिखी इस नवीन पुस्तक पर देश भर से अपनी प्रतिक्रिया दे कर विभिन्न क्षेत्र के लोगों ने व्यापक स्वागत किया है।

आइजी गौड़ ने कहा पुस्तक धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगी साथ ही मंदिरों के इतिहास,कला – शिल्प और उनके पीछे की कथाओं को जानने का माध्यम भी बनेगी। गुरुग्राम से एक पत्रिका के संपादक और हरियाणा सरकार के पूर्व कला – संस्कृति के पूर्व निदेशक अजय कुमार सिंघल ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि मन्दिर हमारी अमूल्य धरोहर है। हिन्दू और जैन धर्म सहित अन्य धर्मों में मंदिरों का महत्व किसी से छिपा नहीं है। मन्दिर सदियों से हमारी आस्था का केंद्र रहे हैं।

हरियाणा में पंचकुला निवासी श्रीमती मृदुला अग्रवाल कहती हैं कि मंदिरों का स्थापत्य और शिल्प कला हमारे गौरवमय अतीत के साक्षी हैं जिसका स्थान आज भी कोई नहीं ले सका। पुरानी शैलियां ही वर्तमान निर्माण में प्रयुक्त हो रही हैं। कितनी महान सोच और कल्पना थी मन्दिर निर्माता शासकों और कारीगरों की। उनकी कला को देख कर हम आश्चर्य में पड़ जाते हैं। मंदिरों का यही पक्ष विदेशी सैलानियों को लुभाता है और वे इनकी तरफ आकर्षित होते हैं। देहरादून से परम कीर्ति शरण ने कहा भारत में मन्दिर पर्यटन का बड़ा माध्यम हैं। लखनऊ के पत्रकार विमल किशोर पाठक कहते हैं अर्वाचीन काल से वर्तमान समय तक मंदिरों का निर्माण किया जा रहा है और सरकार भी इनके विकास पर पूरा ध्यान दे रही है।

जयपुर में एक समाचार पत्र की संपादक एवं वर्तमान में बड़ोदरा निवासी श्रीमती रेणु शर्मा का कहना है कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने हिमालय के चार धाम, वैष्णो माता, काशी विश्वनाथ आदि का विकास कर यात्रियों के लिए विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण तेजी पर चल रहा है। ऐसे में मंदिरों पर आईं इस पुस्तक का निश्चित ही स्वागत किया जाना चाहिए। जिला मुजफ़्फरनगर के कस्बा चरथावल की अध्यापिका श्रीमती पूनम सिंघल ने कहा कि यह खुशी का प्रसंग है कि हमारी मन्दिर शिल्प कला इतनी महान है की यूनेस्को ने भारत की विश्व विरासत सूची में अनेक मंदिरों को शामिल कर पूरी दुनिया को मंदिरों का महत्व बताया और ये विश्व पर्यटन मानचित्र पर उभर कर सामने आए हैं।

जयपुर के इतिहासविद डॉ.बी.के.शर्मा ने कहा कि मन्दिर क्रमिक विकास के साथ वर्तमान रूप में सामने आए। एक चबूतरे पर मूर्ति पूजा के साथ धीरे – धीरे मंदिरों का रूप उभरा और वे भव्य स्वरूप में बनाए जाने लगे। कोई संदेह नहीं की यह पुस्तक मन्दिर संस्कृति को बताने में सर्वांगीण पुस्तक बनेगी। मुंबई से एक कम्पनी में कार्यरत शरद गोयल का कहना है भारत के असंख्य मंदिरों की मणिमाला में प्रमुख मंदिरों के मोती चुनना आसान काम नहीं है। पर्यटकों को एक ही जगह भारत के प्रमुख मंदिरों की जानकारी एक ही पुस्तक में मिल सकेगी। इस दृष्टि से लेखक का प्रयास वंदनीय है।

उदयपुर निवासी लेखक एवं पत्रकार पन्ना लाल मेघवाल का कहना है कि मन्दिर मात्र किसी धर्म का पूजा स्थल ही नहीं हैं वरन हमारी संस्कृति के महान संरक्षक की भूमिका भी निभाते हैं। भारत के अनेक मंदिरों पर भव्य अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय सांस्कृतिक महोत्सवों के आयोजनों से संस्कृति को अक्षु्ण बने रहने का अवसर प्राप्त होता है। इनकी वजह से हमारे मन्दिर और संस्कृति देश – दुनिया तक पहुंचते हैं। कोई मन्दिर ऐसा नहीं जहां किसी न किसी अवसर पर सामाजिक समरसता के मेले नहीं जुड़ते हो।

कोटा के पत्रकार सुनील माथुर ने कहा कि एक व्यापक विषय को लेकर प्रमुख 125 मंदिरों को 154 पृष्ठ की पुस्तक में सम्पूर्ण रूप से समाहित करना गागर में सागर भरने जैसा है। एडवोकेट अख्तर खान ‘ अकेला ‘ ने कहा यह पुस्तक किसी शोध से कम नहीं है। लेखक ने काफी परिश्रम कर मन्दिर संस्कृति के हर पहलू को छूने का प्रयास किया है। पत्रकार के. डी.अब्बासी ने कहा लेखक की खूबी है कि यह निरपेक्ष रूप से सभी धर्मो पर निरन्तर लिख रहे हैं। यह पुस्तक एक सराहनीय प्रयास है। सूचना केंद्र के पूर्व पुस्तकालयाध्यक्ष हेमन्त पाराशर ने कहा डॉ.सिंघल निरन्तर लेखन में रत है और सेवा निवृत्ति के बाद अपनी लेखनी से समाज को पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सकारात्मक और त्थयपरक उपयोगी सामग्री दे रहे हैं।

भारतीय रेल के मध्य – पश्चिमी रेल मंडल में कोटा के सीनियर सेक्शन इंजीनियर अनुज कुमार कुच्छ्ल ने कहा कि मंदिरों का पूजा स्थल की दृष्टि से महत्व प्राचीन समय से चला आ रहा है जो निर्बाध बना हुआ हैं। देव दर्शन के लिए सामूहिक धार्मिक यात्राएं धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देती हैं।
बधाइयों का सिलसिला

पुस्तक प्रकाशन पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी गोपाल शर्मा प्रभाकर, राम प्रसाद यादव, प्यारे मोहन त्रिपाठी, श्याम सुंदर जोशी, बाल मुकुंद ओझा, सहित वर्तमान कोटा उप निदेशक हरिओम गुर्जर ने बधाई दी हैं।

कोटा के भारत की महिमा के प्रधान संपादक डी एन गांधी, संपादक बृजराज सिंह सोलंकी, सहायक संपादक कादर खान, पंजाब केसरी के ब्यूरो चीफ योगेश जोशी,एवन न्यूज़ चैनल के ब्यरो चीफ प्रणय विजय, ओमेंद्र सक्सेना , दैनिक राष्ट्र के वाचन के सम्पादक और प्रेस क्लब अध्यक्ष गजेंद्र व्यास, एस टी एन न्यूज़ चैनल के संपादक व वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार अनिल भारद्वाज, दैनिक कोटा ब्यरो समाचार पत्र के सम्पादक कय्यूम अली, वरिष्ठ पत्रकार ओम कटारा, दैनिक कलम का अधिकार कोटा जयपुर संस्करण के सम्पादक के एल जैन,

आईएफडब्ल्यूजे पत्रकार संगठन के जिला अध्यक्ष और दिशाध्वज स्थानीय संपादक के के शर्मा कमल, वरिष्ठ पत्रकार धीरज गुप्ता तेज, न्यूज़ 18 टीवी के ओम प्रकाश, फर्स्ट इंडिया टीवी के भंवर एस चरण, वरिष्ठ पत्रकार अशोक सैनी,दैनिक राष्ट्रदूत के स्थानीय संपादक श्याम रोहिड़ा, वरिष्ठ और स्वतंत्र पत्रकार, वरिष्ठ और स्वतंत्र पत्रकार सुबोध जैन,वरिष्ठ पत्रकार सुधींद्र गोड,रेलवे पी.आर. ओ. बी एन गुप्ता, चम्बल की गोद के संपादक सुभाष देवड़ा, यंग एचीवर न्यूज़ के पत्रकार यतीश व्यास, दैनिक राजमार्ग के स्थानीय संपादक योगेश सेन,नफा नुकसान के स्थानीय संपादक नीलेश शर्मा, दैनिक समाचार जगत के ब्यरो चीफ चन्द्र प्रकाश चंदू, एन डी टीवी के ब्यरो चीफ शाकिर अली, दैनिक सांध्य ज्योति दर्पण के ब्यरो चीफ योगेंद्र योगी, एवन न्यूज़ चनेल के रामगंजमंडी के रिपोर्ट साबिर खान, न्यूज़ नेशन और आर भारत न्यूज़ चैनल के ब्यूरो चीफ न्याज मोहम्मद, आदि ने डॉ.सिंघल को शुभकामनाएँ दी।

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