Monday, May 20, 2024
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पुस्तकालयों के विकास में प्रोद्योगिकी की भूमिका महत्त्वपूर्ण

कोटा। आई.आई.एल.एम.विश्वविद्यालय, गुरुग्राम, हरियाणा में “रीइमेजिनिंग स्मार्ट लाइब्रेरीज़: इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज, इनोवेशन एंड नॉलेज क्रिएशन (आईसीआरएसएल-2024)” विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन मे राजकीय सार्वजनिक मण्डल पुस्तकालय कोटा के संभागीय पुस्तकालय अध्यक्ष डॉ दीपक कुमार श्रीवास्तव ने प्रथम सत्र मे आयोजित “पेनल डिस्कशन” की थीम “लाईब्रेरी सर्विसेज एण्ड ईमार्जिंग टेक्नोलोजीज, इनोवेशन” मे बतौर पेनेलिस्ट अपना उदबोधन देते हुये कहा कि- पुस्तकालय सेवाओ को बेहतर बनाने के लिए टेक्नोलोजी का बहुत योगदान हे लेकिन टेक्नोलोजी का निर्माण करते समय डीजाईन थिंकिंग तथा स्थानीय आवश्यकताओ को ध्यान मे रखकर बेहतर पुस्तकालय सेवाओ के लिए टेक्नोलोजी का निर्माण किया जाना चाहिए |

उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि 2016 मे जब दृष्टिबाधितों के लिए टेक्स्ट टू स्पीच पुस्तकालय सेवा प्रारम्भ की तो सुखद स्थिति तब गड़बड़ा गई जब गणित एवं विज्ञान के फार्मूलाज को स्पीच मे कनवर्ट करने की बात आई तब इस टेक्नोलोजीकल फेलयोर से “वोईस डोनेशन इनिशिएटीव का उद्भव हुआ |

इस अवसर पर डॉ बुद्धा चन्द्रशेखर मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुवादिनी प्रतिष्ठान शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार एवं प्रोफेसर डॉ पदमकली बनर्जी उप कुलपति आई.आई.एल.एम. विश्वविद्यालय गुरुग्राम एवं चांसलर द्वारा सम्मानित किया गया |

इस चर्चा डॉ दीपक के अलावा रमाकांत रथ लाईब्रेरीयन हेरियट वाट विश्व विद्यालय दुबई (यू.ए.ई), एच. डब्ल्यू .कुशाला संजीवनी असिस्टेंट लाईब्रेरीयन यूनिवर्सिटी ऑफ इंडीजीनीयस मेडीसीन श्रीलंका , प्रोफेसर डॉ प्रोजस रॉय संयुक्त निदेशक पुस्तकालय एवं सूचना विभाग स्कूल ऑफ ओपेन लर्निंग दिल्ली विश्व विद्यालय दिल्ली, लता सुरेश हेड नॉलेज रिसोर्स सेंटर मिनिस्टरी ऑफ कॉर्पोरेट अफेयर्स भारत सरकार , डॉ नीरज कुमार सिंह उप पुस्तकालयाध्यक्ष ए.सी. जोशी लाईब्रेरी पंजाब विश्वविधालय चंडीगढ़ पंजाब मौजूद रहे |

इस अवसर पर डॉं दीपक कुमार श्रीवास्तव ने अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के द्वितीय दिवस के प्रथम सत्र मे “एआई ट्रांसफोर्मींग दी लाईवज ऑफ विजुअली इम्पेयर्ड इंडीवीजुयल्स : दी रोल ऑफ पब्लिक लाईब्रेरीज़” विषय पर पेपर प्रजेन्ट किया | वही नाईजीरीयन शोधार्थी शागिरु बाला मुजा एवं डॉ दीपक कुमार श्रीवास्तव के साझा पत्र को “बेस्ट पेपर एवार्ड” से सम्मानित किया गया | इस सम्मेलन के संयोजक डॉ. के.पी. सिंह ने बताया कि दुनिया भर से प्राप्त 130 से अधिक शोध पत्र प्राप्त हुये जिन्हे समीक्षा के बाद 83 को प्रकाशन के लिए चयन किया गया है लगभग 300 से अधिक प्रतिनिधि और पुस्तकालय पेशेवरो ने इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेंगे। कार्यक्रम का प्रबंधन डॉ अनिल झारोटिया यूनिवर्सिटी लाईब्रेरीयन नॉर्थ केप यूनिवर्सिटी एवं डॉ धर्मेंद्र हरित यूनिवर्सिटी लाईब्रेरीयन अंसल यूनिवर्सिटी ने किया |

 

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