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  • पढ़िए मार्मिक कहानी : वडोदरा की बच्ची के लिए सांता बने सात समंदर पार के दंपति…

    पढ़िए मार्मिक कहानी : वडोदरा की बच्ची के लिए सांता बने सात समंदर पार के दंपति…

    कुछ महीने पहले भारत आए एक ऑस्ट्रेलियाई कपल की ट्रेन कुछ मिनटों के लिए गुजरात के वडोदरा स्टेशन के बाहर रुकी और उनके कैमरे से एक फोटो ली गई। इस फोटो में फ्लाईओवर के नीचे एक छोटी बच्ची थी, जिसके बदन पर कपड़े नहीं थे। ट्रेन तो वहां से चली गई और ऑस्ट्रेलियन कपल दोबारा अपने देश भी पहुंच गए, लेकिन उनका मन जाने वडोदरा स्टेशन के बाहर उस फ्लाईओवर के नीचे ही रह गया।

  • साधना  कट वाली साधना नहीं रही

    साधना कट वाली साधना नहीं रही

    गुजरे जमाने की खूबसूरत और बेहतरीन अभिनेत्रियों में से एक साधना का 73 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से बीमार थीं। लड़कियों के बीच चूड़ीदार सलवार का फैशन प्रचलित करने का श्रेय उन्हीं को जाता है। उनका हेयर स्टाइल एक जमाने में साधना कट नाम से फेमस हुआ था।

  • स्मार्ट नागरिक, स्मार्ट प्रशासन और स्मार्ट जनसेवक की ज़रुरत

    स्मार्ट नागरिक, स्मार्ट प्रशासन और स्मार्ट जनसेवक की ज़रुरत

    भारत देश का मौजूदा दौर कई परिवर्तनकारी क़दमों का हमराह बन रहा है। वह शिक्षा में गुणवत्ता का पहलू हो या स्वच्छ भारत के स्वप्न को साकार करने का सवाल, समयबद्ध परिणाममूलक काम की हिदायत हो या फिर जनता पर भरोसे को मज़बूत करने का ऐलान, तय है कि देश में नई बयार सी चल पड़ी है कि हम अपनी सोच बदलें,अपनी आदतें बदलें और बदलाव की खातिर अपनी सहभागिता को प्रभावी बनाएं।

  • पश्चिम रेलवे ने जीते 5 राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कारॉ

    पश्चिम रेलवे ने जीते 5 राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कारॉ

    मुंबई।पश्चिम रेलवे ने पिछले कुछ वर्षों के विजयी सिलसिले को जारी रखते हुए इस बार भी विभिन्न श्रेणियों में ऊर्जा मंत्रालय द्वारा स्थापित 5 राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार जीते हैं। ये पुरस्कार प्रतिवर्ष राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस पर प्रदान किये जाते हैं। पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री जी. सी. अग्रवाल ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए पूरी टीम को बधाई दी है।

  • सुरेश प्रभु को किए एक ट्वीट पर बीमार महिला के इलाज को चलती ट्रेन में पहुंचा डॉक्टर

    अभी कुछ दिन पहले ट्रेन में भूख से जूझते बच्चों को रेल मंत्री सुरेश प्रभु को किए एक ट्वीट से खाना पहुंचने की खबर तो आपने सुनी ही होगी, रेलवे की तत्परता का ऐसा ही एक और किस्सा सामने आया है।

  • गुजराती अभिनेता ने आय लव यू बोलकर ठीक कर लिया अपना कैंसर

    गुजराती अभिनेता ने आय लव यू बोलकर ठीक कर लिया अपना कैंसर

    अर्चन त्रिवेदी के साथ प्यार के तीन शब्दों ने चमत्कार कर दिया। कम से कम त्रिवेदी तो यही मानते हैं। अर्चन त्रिवेदी का कहना है कि उन्होंने प्यार के तीन शब्दों 'आई लव यू' की मदद से अपना ब्लड और लंग्स का कैंसर ठीक कर डाला। कैंसर से पीड़ित होने के बाद उन्होंने जिससे भी बात की उसकी शुरुआत 'आई लव यू' से की। त्रिवेदी का कहना है कि लाखों बार बोले गए 'आई लव यू' ने किसी जादू की तरह उनका कैंसर ठीक कर दिया।

  • ट्रेन में टीटीई ने की महिला से छेड़खानी, प्रभु को ट्वीट के बाद गिरफ्तार

    नई दिल्ली से रांची जा रही रांची संपर्कक्रांति ट्रेन के स्लीपर कोच में टीटीई ने ही महिला से छेड़छाड़ शुरू कर दी। महिला ने ट्वीटर पर रेल मंत्री से शिकायत कर दी। इस पर रेल मंत्रालय तुरंत सक्रिय हुआ और टीटीई को मुगलराय में ट्रेन से उतार कर गिरफ्तार कर लिया गया।

  • वो बड़ा खेल और भारत

    वो बड़ा खेल और भारत

    उन्नीसवीं शताब्दी में और बीसवीं शताब्दी के शुरु में एशिया में अपना प्रभुत्त्व जमाने के लिए रूसी साम्राज्य और ब्रिटिश साम्राज्य के बीच खींचतान हुई। इस खींचतान को तब नाम दिया गया था - द ग्रेट गेम यानी वो बड़ा खेल।

  • भारतीय भाषा मंच शुभारम्भ एवं संगोष्ठी

    भारतीय भाषा मंच शुभारम्भ एवं संगोष्ठी

    भारतीय भाषाओं की चिंताजनक स्थिति, दशा एवं दिशा पर देश भर में गंभीर चिंतन एवं चर्चा के बाद विभिन्न भाषाओं के विद्वानों, बुद्धिजीवियों की ओर से यह सुझाव आया इस क्षेत्र में व्यापक सुधारों को वास्तविक रूप प्रदान करने के समन्वित प्रयास के रूप मे भारतीय भाषा मंच का गठन किया गया।

  • राजनांदगाँव में मुक्तिबोध ; कुछ काव्य बिम्ब

    राजनांदगाँव में मुक्तिबोध ; कुछ काव्य बिम्ब

    हिंदी कविता के महानतम हस्ताक्षरों में से एक गजानन माधव मुक्तिबोध का छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव शहर से नाता कितना गहरा था,यह बताने की ज़रुरत शायद नहीं है। इतना याद रहे कि सन 1958 से मृत्यु पर्यन्त वे राजनांदगांव दिग्विजय कालेज में व्याख्याता रहे। यहीं उनके तत्कालीन आवास स्थल को मुक्तिबोध स्मारक के रूप में यादगार बनाकर वहां हिंदी के दो अन्य साहित्यकार पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी और डॉ.बलदेव प्रसाद मिश्र की स्मृतियों को संजोते हुए सन 2005 में एक सुन्दर संग्रहालय की स्थापना भी की गई है।

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