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  • ट्रंप की अमरीका में जीत पर मुम्बई में ख़ुशी

    ट्रंप की अमरीका में जीत पर मुम्बई में ख़ुशी

    मुंबई। अमरीका में राष्ट्रपति पद के लिए डोनाल्ड ट्रम्प की जीत पर मुम्बई में भी ट्रम्प के चाहने वालों में ख़ुशी का माहौल है। सबसे ज्यादा ख़ुशी लोढा ग्रुप के प्रबंध निदेशक अभिषेक लोढा एवं लोढ़ा ग्रुप के उनके सहकर्मियों को है।

  • स्वयंसेवी क्षेत्र में रोजगार के प्रचुर अवसर

    स्वयंसेवी क्षेत्र में रोजगार के प्रचुर अवसर

    समाज कार्य का अर्थ लोगों को उनकी प्रतिदिन की सामाजिक समस्याओं का हल खोजने में मदद करना है। वर्तमान में समाज कार्य की अवधारणा में व्यापक परिवर्तन आया है। यह कार्य केवल दया या परोपकार की भावना से ही नहीं जुड़ा है बल्कि रोजगार के रूप में भी युवाओं को बहुत आकर्षित कर रहा है।जिन छात्रों की रुचि कॅरियर के साथ-साथ समाजसेवा भी है।

  • प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी की मुहिम का ज़ी एंटरटेनमेंट ने स्वागत किया

    प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी की मुहिम का ज़ी एंटरटेनमेंट ने स्वागत किया

    मुंबई। 8 नवंबर को प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा बड़े नोट बंद करने और भ्रष्टाचार व काले धन के खिलाफ पूरे देश के नागरिकों के खड़े होने के आव्हान पर ज़ी एंटरटेनटमेंट एंटरप्राईज़ेज़ ने दिल खोलकर स्वागत किया है।

  • श्री कृष्ण गोपाल ने कहा- शर्मनाक था गुजरात दंगा, दोबारा नहीं होना चाहिए

    श्री कृष्ण गोपाल ने कहा- शर्मनाक था गुजरात दंगा, दोबारा नहीं होना चाहिए

    हाल ही में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेताओं और मुस्लिम बुद्धिजीवियों की दिल्ली में हुई बैठक में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के कम से कम तीन टीचर (जिनमें से दो रिटायर हो चुके हैं) ने बताया कि आरएसएस के नेताओं ने 2002 के गुजरात दंगों को “शर्मनाक” बताया।

  • शैक्षणिक क्षेत्र में अति विशिष्ट योगदान के लिए  डॉ.चन्द्रकुमार जैन को प्रतिभास्थली न्यास सम्मान

    शैक्षणिक क्षेत्र में अति विशिष्ट योगदान के लिए डॉ.चन्द्रकुमार जैन को प्रतिभास्थली न्यास सम्मान

    राजनांदगांव। नर्मदा के पावन तट पर जबलपुर में चालीस एकड़ के विशाल परिसर में स्थापित प्रतिभस्थली ज्ञानोदय विद्यापीठ में दिग्विजय कालेज के हिंदी विभाग के राष्ट्रपति सम्मानित प्रोफ़ेसर डॉ.चन्द्रकुमार जैन को प्रतिभास्थली न्यास सम्मान से अलंकृत किया गया।

  • कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी !

    कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी !

    आगामी 12 ,13 ,14 नवंबर को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में लोकमंथन कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है। जैसा कि इस आयोजन का नाम अपने विषय में स्वयं ही बता रहा है, लोक के साथ मंथन। किसी भी समाज की उन्नति में विचार विमर्श एवं चिंतन का एक महत्वपूर्ण स्थान होता है और जब इस मंथन में लोक शामिल होता है तो वह उस राष्ट्र के भविष्य के लिए सोने पर सुहागा सिद्ध होता है।

  • पतंजलि के उत्पादों पर अँग्रेजी की छाया

    पतंजलि के उत्पादों पर अँग्रेजी की छाया

    पतंजलि के सभी उत्पादों पर अंग्रेजी प्राथमिक भाषा बन गयी है कई उत्पादों से तो हिंदी गायब कर दी गयी है, पीछे खिसका दी गयी अथवा अंग्रेजी से नीचे छोटे फॉण्ट में पहुँचा दी गयी अथवा अंग्रेजी के नीचे लिखी जा रही है जो बेहद शर्मनाक और निंदनीय है. एक स्वदेसी कंपनी अपनी भाषा को अंग्रेजी के समाने अपमानित करे यह असहनीय है.

  • अंतरराष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन, पेरिस में  हिंदी के नाम पर अंग्रेजी का बोलवाला

    अंतरराष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन, पेरिस में हिंदी के नाम पर अंग्रेजी का बोलवाला

    पेरिस विश्वविद्यालय, फ्रांस के एक संस्थान राष्ट्रीय प्राच्य भाषा एवं सभ्यता संस्थान (INALCO) ने विदेश मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से 14 सितंबर, 2016 से 16 सितंबर, 2016 तक अंतरराष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन का आयोजन पेरिस में संस्थान के परिसर में किया।

  • लोक का अर्थ, मंथन की परंपरा और राष्‍ट्रीय आयोजन

    लोक का अर्थ, मंथन की परंपरा और राष्‍ट्रीय आयोजन

    मंथन भारत का आधारभूत तत्‍व है, इसलिए विमर्श के बिना भारत की कल्‍पना भी की जाएगी तो वह अधूरी प्रतीत होगी। यहां लोकतंत्र शासन व्‍यवस्‍था की सफलता का कारण भी यही है कि वेद, श्रुति, स्‍मृति, पुराण से लेकर संपूर्ण भारतीय वांग्‍मय, साहित्‍य संबंधित पुस्‍तकों और चहुंओर व्‍याप्‍त संस्‍कृति के विविध आयमों में लोक का सुख, लोक के दुख का नाश, सर्वे भवन्‍तु सुखिन: और जन हिताय-जन सुखाय की भावना ही सर्वत्र दृष्‍टि‍गत होती है।

  • जिन्दगी के गुम हो गये अर्थों की तलाश

    जिन्दगी के गुम हो गये अर्थों की तलाश

    आज महानगरीय जनजीवन एवं फ्लैट संस्कृृति की चारदीवारी में कैद आदमी जिंदगी का स्वाद ही भूल गया है। वह भूल गया है घर और मकानों के बीच का फर्क। जिन्दगी के मायने तलाशन होंगे, रंगों और ब्रश की छुअन से उकेरने होंगे ऐसे चेहरे, जो याद दिलाते रहें शांति, सौहार्द और पारिवारिक एकता की तस्वीर को।

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