Saturday, September 30, 2023
spot_img

Monthly Archives: November, 2016

बैंकों के आगे ये लंबी लाईन क्यों है

मिडिया वाले रोज ये दिखा रहे है कि सरकार के 500₹/1000₹ के नोट बंदी के फैसले के कारण लोग परेशान हो रहे है। बैंक वाले जनता को परेशान कर रहे है।

केन्द्रीय सरकार की कैशलेस अर्थव्यवस्था पहल में आईआरसीटीसी का योगदान

कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने के क्रम में एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अग्रणी ऑनलाइन बाजार कम्पनी इंडियन रेलवे कैटरिडग एंड टूरिज्म कॉरर्पोशन (आईआरसीटीसी) ने तकनीक को बढ़ावा देते हुए अपने परिचालन विशेषतः ई-कैटरिंग तथा पर्यटन खंडों में और अधिक डिजिटलाइजेशन लाने का निर्णय लिया है।

मीडिया के सामाजिक सरोकार पर डॉ.चंद्रकुमार जैन का प्रभावी मार्गदर्शन

राजनांदगांव। दिग्विजय कालेज के प्रोफ़ेसर डॉ.चंद्रकुमार जैन ने कहा है कि पिछले 15 वर्षों में मीडिया के स्वरूप में बहुत तेज बदलाव देखने को...

डिजिटल भारत के एक गाँव की सच्चाई ये भी

आपको पता है कि आपको सबसे ज्यादा आश्चर्य का शिकार कब होना पड़ता है । अगर नही पता तो मैं बताता हूँ । जब हम अपने आस पास बनावटी माहौल में जिंदगी जी रहे होते हैं और हमें सबकुछ सही होता प्रतीत होता है । तभी अगर आप अपने मूल स्थान से ठीक सटे किसी इलाके में पहुंचे और आप अपनी नजरों से देखें की वहां का जीवन कैसे समय के सापेक्ष लगातार दम तोड़ता जा रहा है !

18 बड़ी कंपनियों की दवाईयों के सैंपल फैल हुए

नई दिल्‍ली। 18 बड़ी दवा कंपनियां दवा नियामकों के टेस्ट में फेल हो गई हैं। सात राज्‍यों के दवा नियामकों के मुताबिक 18 बड़ी कंपनियों की 27 दवाइयों में घ्‍ाटिया गुणवत्ता, गलत लेबल, सामग्री की गलत मात्रा, नमी, रंग घुलने और टूटने की समस्‍या का मामला सामने आया है।

‘विपक्ष का ‘भारत बन्द’ फेल होना क्या दर्शाता है ? क्या जनता सरकार के साथ है ।’

आज नोटबन्दी के फैसले को 20 दिन पूरे हो रहे हैं और लगभग इतने ही दिन की मेहनत सरकार की आलोचना करते हुऐ विपक्ष को भी हो चुके हैं । जब से मोदी सरकार ने नोटबन्दी का फैसला लिया है तब से लगातार विपक्ष के विरोध के कारण शीतकालीन सत्र भी बाधित है ।

मोदीजी भ्रष्टाचार मिटाने के लिए सरकारी बाबुओं का धन जप्त करो

सरकार के 500 और 1,000 रुपये के नोटों को बंद करने के फैसले से मची अफरातफरी ने पिछले दो हफ्ते से कालेधन के मुद्दे पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया है। लेकिन इस बहस में बड़ी हिस्सेदारी आंख पर पट्टी बांधे हुए उन लोगों की है जो हाथी के अलग-अलग अंगों को छूकर उसे परिभाषित करने में लगे रहते हैं और आखिर तक उनमें उस जानवर के स्वरूप को लेकर सहमति नहीं बन पाती है।

सुनो देशभक्त शेरों….

पृथ्वीलोक से लौटे देवदूतों ने, स्वर्गलोक में मोदी का यशोगान सुनाया सुनते ही देवराज इंद्र का सर चकराया!

हिन्दी प्रेमी मोदीजी के राज में हिन्दी की कानूनी बेइज्जती

राष्ट्रीय हरित अधिकरण(एनजीटी) ने अपनी कार्यवाही के दौरान हिंदी पर प्रतिबंध लगाते हुए साफ किया कि वह वादी जो उसके समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होते हैं वह अपने दस्तावेज केवल अंग्रेजी में ही प्रस्तुत करें। हरित पैनल ने कहा कि 2011 एनजीटी (चलन एवं प्रकिया) नियमों के नियम 33 के अनुसार अधिकरण की कार्यवाही केवल अंग्रेजी में ही होनी चाहिए।

देश के विकास के लिए 5 साल नहीं 100 साल आगे की योजना चाहिएः श्री रजत सेठी

नोट बंदी को लेकर देश भर में तरह तरह के मुहावरों, किस्सों, अफवाहों और गप्पबाजी का ऐसा दौर चल रहा है कि आम आदमी तो क्या अर्थशास्त्र की सामान्य समझ रखने वालों को भी समझ में नहीं आ रहा है कि नोटबंदी नाम के इस अजूबे को कैसे समझे।
- Advertisment -
Google search engine

Most Read