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  • फिराक़ गोरखपुरीः   तू एक था मेरे अशआर में हज़ार हुआ

    फिराक़ गोरखपुरीः तू एक था मेरे अशआर में हज़ार हुआ

    फ़िराक़ गोरखपुरी बीसवीं सदी के वह शायर हैं, जो जंगे-आज़ादी से लेकर प्रगतिशील आंदोलन तक से जुडे रहे. उनकी ज़ाती ज़िंदगी बेहद कड़वाहटों से भरी हुई थी, इसके बावजूद उन्होंने अपने कलाम को इश्क़ के रंगों से सजाया. वह कहते हैं

  • भावी भारत की राह दिखा रहा है नानाजी देशमुख के सपनों का चित्रकूट

    भावी भारत की राह दिखा रहा है नानाजी देशमुख के सपनों का चित्रकूट

    जब भी आप किसी पिछड़े अलग थलग सुविधाओं से वंचित गाँवो से गुजरते है तो अक्सर आपके दिमाग में चाय की चुस्कियो के बीच ये सवाल जरूर उबलता होगा की आखिर गावों के इस हालात का जिमेदार कौन है,ग्राम पंचायत,प्रशाशन राज्य सरकार या केंद्र।जो हर बजट में भारी भरकम धनराशि देकर अपने कर्तव्य से इतिश्री […]

  • रामजस पर हल्ला, केरल पर चुप्पी क्यों?

    रामजस पर हल्ला, केरल पर चुप्पी क्यों?

    रामजस महाविद्यालय प्रकरण से एक बार फिर साबित हो गया कि हमारा तथाकथित बौद्धिक जगत और मीडिया का एक वर्ग भयंकर दोगला है। एक तरफ ये कथित धमकियों पर भी देश में ऐसी बहस खड़ी कर देते हैं, मानो आपातकाल ही आ गया है, जबकि दूसरी ओर बेरहमी से की जा रही हत्याओं पर भी चुप्पी साध कर बैठे रहते हैं।

  • तमिलनाडु में पेप्सी और कोकाकोला का बहिष्कार

    तमिलनाडु में पेप्सी और कोकाकोला का बहिष्कार

    चेन्नै। तमिलनाडु में 1 मार्च (बुधवार) से पेप्सी और कोका कोला समेत कई सॉफ्ट ड्रिंक्स की बिक्री का बंद होना शुरू हो गया है। राज्य के दो बड़े ट्रेड संगठनों ने पेप्सी और कोका कोला के प्रॉडक्ट्स का बहिष्कार करने का फैसला किया था। संगठनों ने इसके पीछे इन बहुराष्ट्रीय कंपनियां द्वारा राज्य में पानी का गलत इस्तेमाल और पर्यावरण पर पड़ने वाले नुकसान को कारण बताया था।

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