Thursday, February 29, 2024
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Monthly Archives: July, 2017

प्रेमचंद : संघर्ष और साहस से बने साहित्य-सम्राट

जलियाँवाला बाग काण्ड ने प्रेमचंद पर अमिट प्रभाव डाला था और ब्रिटिश सरकार के चेहरे को देखते हुए गाँधी जी की जनसभा में आने के बाद सहसा यह मानसिक परिर्वतन हुआ कि अब अपनी रचनाओं को किसी बड़े उद्देश्य के प्रति समर्पित करूँ।

गीतों के मसीहा और इन्सानियत की आवाज़

जब मोहम्मद रफी साहब हम सब को छोड़ कर बहुत कम उम्र में चले गये तो लगता था हम और हमारा संगीत तन्हा हो गये हैं।

गोइन्का पुरस्कार समारोह 5 अगस्त को हैदराबाद में

कमला गोइन्का फाउण्डेशन का पुरस्कार समारोह शनिवार दिनांक 5 अगस्त 2017 को सायंकाल पांच बजे से 'फापसी सभागृह' फापसी रोड, रेड हिल्स, हैदराबाद में आयोजित है। इस पुरस्कार समारोह के समारोह अध्यक्षा उस्मानिया विश्वविद्यालय की "हिन्दी विभाग अध्यक्ष" डॉ. शुभदा वांजपे जी होंगी।

जन्म दिन के बहाने एक लाख पेड़ों का संकल्प

किसी का जन्म दिन एक लाख पेड़ों को लगाने के संकल्प की पूर्ति में बदल जाए, ऐसा सुनने में भले ही अच्छा लगे लेकिन वास्तविकता के धरातल पर यह इतना आसान नहीं होता जितना समझा जाता है।

राम जेठमलानीः एक रहस्य भी और खुली किताब भी

बात 2009 की है. मोहम्मद अली जिन्ना पर लिखी गई एक किताब का विमोचन होना था. यह किताब भाजपा नेता जसवंत सिंह ने लिखी थी. देश-विदेश की कई बड़ी हस्तियां इस समारोह में उपस्थित थीं.

गाँधीजी के वारिसों ने गाँधी को क्या दिया

गांधीजी ने अपने बच्चों को सोच-समझ कर आधुनिक, पश्चिमी शिक्षा-पद्धति में नहीं डाला था। किंतु एकाध अपवाद छोड़ दें तो आज उन के अधिकांश वंशज पश्चिमी रंग में रंगे हुए हैं। उन में से कोई भी महात्मा गाँधी की अपेक्षाओं या आदर्शों पर नहीं चला।

देखिये राष्ट्रपति के बाद आपका नंबर कहाँ आता है

भारत के 14वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के बाद रामनाथ कोविंद देश के पहले नागरिक बन गए। जबकि वर्तमान में उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी देश के दूसरे नागिरक हैं। हालांकि इस साल अगस्त में उप राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होने जा रहे हैं

केवल आकाओं को सन्मति दे भगवान

भारतीय लोकतंत्र एक बार फिर शर्मसार हुआ, सांसदों के अमर्यादित व्यवहार ने संसद की गरिमा को धुंधलाया है। कांग्रेस के छह सांसदों ने लोकसभा में जैसी अराजकता एवं अभद्रता का परिचय दिया और जिसके चलते उन्हें पांच दिनों के लिए निलंबित किया गया, यह भारतीय लोकतंत्र की एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है।

चीन धमकाना बंद करें

चीन को लगता है कि आदत हो गई है कि कोई न कोई मसला लेकर भारत को धमकाता रहे । कम से कम अब तक तो चीन को यह अहसास हो जाना चाहिए कि उसकी धमकियों से भारत की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला।

देश के करोडों युवाओं को नई दिशा देने वाले डॉ. कलाम

भारत माँ के सपूत, मिसाइल मैन, राष्ट्र पुरुष, राष्ट्र मार्गदर्शक, महान वैज्ञानिक, महान दार्शनिक, सच्चे देशभक्त ना जाने कितनी उपाधियों से पुकार जाता था भारत रत्न डॉ. ए पी जे अब्दुल कलाम जी को वो सही मायने में भारत रत्न थे।
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