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  • श्री मनोहर पर्रिकर का ‘झूठा पत्र’, जो ‘सही’ वजह से सुर्खियों में है!

    श्री मनोहर पर्रिकर का ‘झूठा पत्र’, जो ‘सही’ वजह से सुर्खियों में है!

    मनोहर परिकर जी कैंसर से जूझ रहे हैं, अस्पताल के विस्तर से उनका यह संदेश बहुत मार्मिक है, आप भी पढ़ें... इस संदेश के साथ गोआ के मुख्य मंत्री श्री मनोहर पर्रिकर का ये पत्र सोशल मीडिया में छाया हुआ है, जबकि हकीकत ये है कि श्री पर्रिकर ने ऐसा कोई पत्र नहीं लिखा, लेकिन इस पत्र का मजबून इस देश के नेताओँ की आँख खोलने वाला है.....प्रस्तुत है पर्रिकर जी का ये 'झूठा पत्र' जो उन्होंने कभी लिखा ही नहीं

  • मल से मालामाल करने वाले शख्स थे ध्रुवज्योति घोष

    मल से मालामाल करने वाले शख्स थे ध्रुवज्योति घोष

    कोलकाता रोजाना लगभग 75 करोड़ लीटर सीवेज निकालता है।

  • डॉ. स्वामी बोले, जीएसटी व्यवस्था ध्वस्त होने वाली है

    डॉ. स्वामी बोले, जीएसटी व्यवस्था ध्वस्त होने वाली है

    वस्‍तु एवं सेवा कर (GST) पर विपक्षी दलों के साथ ही बीजेपी के अपने नेता ने भी सार्वजनिक तौर पर मोर्चा खोल दिया है। भाजपा के वरिष्‍ठ नेता और राज्‍यसभा सदस्‍य सुब्रमण्‍यम स्‍वामी ने ट्वीट कर कहा कि GST व्‍यवस्‍था ध्‍वस्‍त होने वाली है। उन्‍होंने लिखा, ‘GST व्‍यवस्‍था ढहने के करीब है। रिफंड न होने के कारण व्‍यापारी सड़कों पर उतर सकते हैं। जमा राशि (व्‍यापारियों द्वारा) से आईसीआईसीआई और एचडीएफसी संपन्‍न हो गए हैं।’ यह पहला मौका नहीं है जब भाजपा नेता ने जीएसटी के मौजूदा तौर-तरीकों पर हमला बोला है। वह शुरुआत से ही इसकी कड़ी आलोचना करते रहे हैं। स्‍वामी ने जनवरी में जीएसटी को बड़ी त्रासदी करार देते हुए कहा था कि सरकार इसे सही तरीके से लागू करने में विफल रही है। एसोचैम द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में स्वामी ने कहा था कि जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) की विफलता के कारण जीएसटी अब तक पूरी तरह असफल रहा है। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया था कि जीएसटीएन के जरिये निजी विदेशी बैंकों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा था, ‘जीएसटी में जमा किया जाने वाला कर एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंकों के विशेष खातों में जा रहा है और मुझे विश्वास है कि ये बैंक इन पैसों का उपयोग 30 दिन तक के अल्पावधि ऋण की अदायगी में करते होंगे। दोनों बैंकों में बड़ी हिस्सेदारी विदेशी बैंकों की है।’ उन्‍होंने पिछले साल कहा था कि जीएसटी वाटरलू युद्ध साबित होगा। बता दें कि इस लड़ाई के बाद नेपोलियन के प्रभुत्‍व का खात्‍मा हो गया था।

  • मराठी अभिनेत्री ने  बदल दिया सूखा प्रभावित गाँव का नक्षा

    मराठी अभिनेत्री ने बदल दिया सूखा प्रभावित गाँव का नक्षा

    महाराष्ट्र। हाल ही में मुंबई सबसे बड़ा किसान आंदोलन हुआ था। अपने अधिकार की मांग और समस्याओं को लेकर कई किसान 180 किलोमीटर तक पैदल सफर करके मुंबई पहुंचे थे। इस खबर ने लोगों के बीच किसानों की दुर्दशा को दिखाया और लोग चर्चा करने लगे।

  • विकास के नाम पर पर्यावरण की उपेक्षा क्यों?

    विकास के नाम पर पर्यावरण की उपेक्षा क्यों?

    ‘सबका साथ, सबका विकास’ वर्तमान सरकार का नारा है, यह नारा जितना लुभावना है उतना ही भ्रामक एवं विडम्बनापूर्ण भी है।

  • टीबी से बचाव ही टीबी का बेहतर उपचार

    टीबी से बचाव ही टीबी का बेहतर उपचार

    टीबी (क्षय रोग) एक घातक संक्रामक रोग है जो कि माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस जीवाणु की वजह से होती है।

  • सुभाषजी ने कहा, महिलाएँ किसी भी क्षेत्र में कमजोर नहीं

    सुभाषजी ने कहा, महिलाएँ किसी भी क्षेत्र में कमजोर नहीं

    नई दिल्ली। पिछले कुछ वर्षों से खेल जगत में भारतीय महिलाएं असाधारण उपलब्धियां हासिल कर रही हैं. ज़ी मीडिया ने खेलों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाली महिला खिलाड़ियों को सम्मानित करने के लिए 'जी न्यूज फेयरप्ले' (ZEE News FAIRPLAY) कार्यक्रम का आयोजन किया।

  • आपका फेसबुक पेज आपको किसी दूसरी कंपनी के यहाँ कैसे गिरवी रख देता है

    आपका फेसबुक पेज आपको किसी दूसरी कंपनी के यहाँ कैसे गिरवी रख देता है

    सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक विवादों में घिर गई है। इसके पांच करोड़ यूजर्स की जानकारियां लीक हो गई हैं। फेसबुक के संस्‍थापक मार्क जुकरबर्ग ने भी इस मामले में गलती मानते हुए कहा है कि यूजर्स के डाटा की सुरक्षा करना हमारी जिम्‍मेदारी है लेकिन इस तरह की चूक हुई है.

  • छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया श्री आशाराम ने

    छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया श्री आशाराम ने

    रायपुर। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित आदिवासी बहुल कांकेर जिले के किसान श्री आशाराम नेताम को परंपरागत खेती के बजाय समेकित कृषि प्रणाली अपनाकर आय में पांच गुना बढ़ोतरी के लिए नवाचारी कृषक पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

  • फर्जी खबरों पर लगाम के लिए गूगल ने कमर कसी

    ऑनलाइन ‘फेक न्यूज’ से निपटने की कवायद में जुटी कंपनियों के बीच गूगल ने अब एक नई पहल की है। गूगल के मुताबिक वह ‘फेक न्यूज’ से निपटने के लिए अगले तीन सालों में 300 मिलियन डॉलर खर्च करेगी।

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