Sunday, March 3, 2024
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Monthly Archives: May, 2018

कलेक्टर सेवानिवृत्त ड्रायवर को छोड़ने खुद गाड़ी चलाकर उसके घर ले गए

अनबगजन ने ऐसा काम पहली बार नहीं किया है जिसके लिए उन्हें तारीफें मिली हों। मार्च में करूर आए कलेक्टर एक 80 साल की महिला के घर पहुंचे थे जो अकेली रहती हैं। उन्होंने महिला के साथ बातें की और खाना खाया। उन्होंने महिला के लिए 1000 रुपये प्रतिमाह की पेंशन की इंतजाम भी किया।

तटस्थ पत्रकारात्व आज की आवश्यकता – श्री विजय रुपाणी (मा. मुख्यमंत्री, गुजरात)

विश्व संवाद केंद्र, गुजरात द्वारा श्री नारद जयंती के अवसर पर पत्रकार सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस वर्ष सम्मानित पत्रकारों में श्री जपनभाई पाठक (Cyber Journalism), सुश्री आरतीबहेन पटेल (Radio Journalism) श्री कौशिकभाई मेहता, संपादक फूलछाब (Print Media), श्री निर्णय कपूर, Sub-Editor, Invia TV, (Electronic Media) इसके अलावा श्री नगेन्द्र विजयजी (सफारी मैगज़ीन) तथा श्री झवेरीलाल मेहता (Photo Journalist, Gujarat Samachar) को Life Time Achievement पुरष्कार से सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में मुख्य

ये है अर्जुन का अवतारः आँखों पर पट्टी बाँधकर पैरों से निशाना साध लेता है

ये हैं आंध्रप्रदेश के सुब्बाराव लिंगमगुंटला, जिन्हें आप आज का 'अर्जुन' कह सकते हैं। दरअसल ये शब्दभेदी बाण चलाते हैं। चाहे आंखों पर पट्टी ही क्यों न बंधी हो। तैरती मछली की आंख पर भी निशाना साध सकते हैं। इसमें भी चौंकाने वाली बात यह कि केवल हाथों से ही नहीं बल्कि पैरों से भी। अंतरराष्ट्रीय गुरुकुल सम्मेलन में अपनी विधा का प्रदर्शन करने आए सुब्बाराव हजारों की भीड़ में सबसे जुदा थे। 'नईदुनिया' ने इनके हुनर और ख्वाहिशों को जाना।

नईनवेली दुल्हन ने दी तलाक की धमकी देकर परिवार में बलि प्रथा को बंद करवाया

यहां पर रहने वाले कोरी-तंतवाय परिवार में 22 अप्रैल को बेटे विवेक तंतवाय का विवाह कानपुर की एक युवती श्रद्धा तंतवाय से हुआ। विवेक इंदौर के कॉलेज में अतिथि विद्वान है और श्रद्धा ने एमएससी की है।

हम गुरूकुलों को भूल गए, चीन केस स्टडी कर रहा है

सम्मेलन के सुझाव सत्र में अपर्णा ने कहा कि वे गुरुकुल शिक्षा पद्धति पर शोध कर रही हैं, मगर भारत में अब तक कहीं भी केस स्टडी मटेरियल नहीं मिला है। देश में कितने गुरुकुल हैं, वहां कौन-कौन सी शि

लाल बाग बस्ती उजड़ने-बसने की कहानी

नई दिल्ली के मानसरोवर मेट्रो स्टेशन के ठीक बगल में एक बस्ती है लाल बाग। इस जगह जाने से इंडिया और भारत का फर्क नजर आ जाता है। यह बस्ती तीन भागो में बंटी हुई है, पहले भाग में फ्लाईओवर के नीचे राजस्थान का परिवार रहता है, दूसरे भाग में यूपी और बिहार के लोग रहते हैं, तीसरे भाग मे, जो कि रेलवे और मेट्रो की जमीन पर बसा हुआ है वहां पर यूपी के बराबंकी और फैजाबाद जिले के बंजारा, जाट, नट, समुदाय के 300 परिवार रहता है। यह परिवार सड़क से कबाड़ चुनने, ढोल-ताश बजाने और निंबू मिर्च बेचने का काम करता है। बस्ती में पानी के एक टैंकर से यह 300 परिवार अपनी प्यास बुझाते थे और दूसरे तरह के कामों के लिए बस्ती में स्थित रैन बसेरा के मोटर के द्वारा निकले पानी पर निर्भर रहते थे।

रायपुर में मीडिया की सामाजिक जिम्मेदारी पर संगोष्ठी

रायपुर। नया रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद के नवनिर्मित भवन में मीडिया संगोष्ठी के रूप में संवाद और जनसम्पर्क विभाग के अधिकारियों की राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। प्रथम सत्र में मीडिया की सामाजिक जिम्मेदारी विषय पर वरिष्ठ पत्रकार श्री सुनील कुमार ने तथा द्वितीय सत्र में ’पिं्रट मीडिया में रिपोर्टिंग और समाचार लेखन’ पर वरिष्ठ पत्रकार डॉ. हिमांशु द्विवेदी और श्री ज्ञानेश उपाध्याय ने अपने विचार व्यक्त किए। तीसरा सत्र सोशल मीडिया का था, जिसमें अहमदाबाद से आए श्री हिमांशु भायानी, दुर्ग निवासी छत्तीसगढ़ी वेबसाइट ’गुरतुर गोठ’ के सम्पादक श्री संजी

आसाराम की बेटी बोली, मुझे अदालत के फैसले पर पूरा यकीन है

साराम जोधपुर जेल में अपने कर्मों की सजा भुगत रहा है। आसाराम से उसकी बेटी भी अब कोई मतलब नहीं रखना चाहती है। आसाराम की बेटी भारती ने कहा कि उन्हें कोर्ट के फैसले पर यकीन है। जब भारती से पूछा गया कि कोर्ट ने उन्हें दोषी करार दिया है, उनका क्या कहना है इस पर, तो उन्होंने कहा कि न्याय प्रक्रिया पर यकीन रखना चाहिए। बता दें कि कथावाचक रहे आसाराम को ना

पत्रकारिता के क्षेत्र में आज चुनौतियां ज्यादा: सामना करने संघर्ष की जरूरत- श्री बृजमोहन अग्रवाल

प्रेस क्लब रायपुर में ‘छत्तीसगढ़ में हिन्दी पत्रकारिता का विकास एवं चुनौती‘ विषय पर कार्यशाला सम्पन्न रायपुर। छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि पत्रकारिता के क्षेत्र में आज पहले की अपेक्षा ज्यादा चुनौतियां है। पत्रकारिता के मूल्यों को सहेजकर काम करने से इन चुनौतियों का सामना किया जा सकता है। मूल्यों का ह्रास होने के कारण आज पत्रकारिता में तकलीफें बढ़ गयी हंै। श्री अग्रवाल प्रेस क्लब रायपुर में आज पत्रकारिता दिवस के मौके पर ‘छत्तीसगढ़ में हिन्दी

गोबर और मुर्गियों के मल से बनाई बिजली

दोनों भाइयों ने साल 2014 में बिना सरकारी सहायता लिए अपनी फैक्ट्रियों में गोबर गैस प्लांट लगाया था। यह प्लांट रोज दो मेगावॉट बिजली पैदा करता है। उन्होंने बताया कि उन लोगों को रोज 20,000 से 30,000 किलो गाय के गोबर की आवश्यकता पड़ती है। जिस तरह लोग दूध को सफेद सोना कहते हैं, उसी तरह वे लोग गोबर को हरा सोना कहते हैं।
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