Monday, April 22, 2024
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Monthly Archives: February, 2021

भारत-पाकः शुभ-संकेत

भारत और पाकिस्तान को लेकर इधर कुछ ऐसी खबरें आई हैं कि यदि उन पर काम हो गया तो दोनों देशों के रिश्ते काफी सुधर सकते हैं।

भारत पाकिस्‍तान के बीच 18 साल बाद दूसरी बार युद्धविराम समझौता हुआ

पाकिस्‍तान इस बार इस समझौते को कितना मानता है यह तो आने वाला समय ही बताएगा. उसकी मंशा पर हमेशा से भारत को आशंका रहती है ।

पत्रकारिता की लक्ष्मण रेखा को पवित्र मानकर उसका पालन कीजिए : आलोक मेहता

‘पत्रकारिता की लक्ष्मण रेखा’* विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए मेहता ने कहा कि पत्रकारिता करते समय किसी के प्रति कोई दुराग्रह नहीं रखना चाहिए।

दलित उद्धारक वीर सावरकर

इस प्रकार के अनेक उदहारण वीर सावरकर जी के जीवन से हमें मिलते है जिससे दलित उद्धार के विषय में उनके विचारों को, उनके प्रयासों को हम जान पाते हैं।

कहानी गोरा और बादल की

“मुझे इतना बता दो कि मेरे धणी ने युद्ध कैसा किया? क्या वो वीरों की तरह लड़े? क्या उन्होंने चित्तौड़गढ़ का मान बढ़ाया?”

नेता चमचा दोऊ खड़े, काके लागूँ पाय!

चमचा सर्वगुण संपन्न होता है। उसे सरकारी टेंडर से लेकर सरकारी खरीदी, ट्रांसफर आदि में विशेषज्ञता हासिल होती है। इस मामले में मंत्री और नेता गूगल से ज्यादा भरोसा चमचे पर ही करते हैं।

पीटर मुखर्जी की पुस्तक में कई नई बातें

अपनी किताब में मुखर्जी लिखते हैं कि प्रतिष्ठित शो कौन बनेगा करोड़पति को शुरू में एक लाख के पुरस्कार के साथ कौन बनेगा लखपति का नाम दिया गया था,

ओटीपी से लेकर वेबसाईट तक के लिए सरकार ने सख्त नियम बनाए

•स्व-विनियमित संस्था : प्रकाशकों की एक या ज्यादा स्व-विनियामकीय संस्थाएं हो सकती हैं। ऐसी संस्था की अध्यक्षता उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय का एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश या एक स्वतंत्र

विनायक सावरकर: स्वर्णिम अध्याय का नाम

सावरकर का जीवन आज भी युवाओं में प्रेरणा भर देता है. जिसे सुनकर प्रत्येक देशभक्त युवा के रोंगटे खड़े हो जाते है. विनायक की वाणी में प्रेरक ऊर्जा थी. उसमें दूसरों का जीवन बदलने की

मुद्रा स्फीति को लम्बे समय तक सह्यता स्तर पर बनाए रखना केंद्र सरकार की एक बड़ी सफलता है

सामान्य बोलचाल की भाषा में, मुद्रा स्फीति से आश्य वस्तुओं की क़ीमतों में हो रही वृद्धि से है। इसे कई तरह से आंका जाता है
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