Thursday, February 29, 2024
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Monthly Archives: April, 2022

भारत में आय में हो रही वृद्धि के चलते महंगाई का तुलनात्मक रूप से कम होता असर

उक्त योजना के अतिरिक्त राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए) के अंतर्गत भी प्रति माह काफी सस्ती दरों पर (दो/तीन रुपए प्रति किलो) अनाज गरीब वर्ग को उपलब्ध कराया जाता है। चूंकि उक्त योजनाओं के अंतर्गत गरीब वर्ग को सीधे ही खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है

288 कलाकारों,साहित्यकारों और लेखकों का सम्मान करेंगे राजाराम कर्मयोगी

इस श्रृंखला का दूसरा कार्यक्रम 22 मई को किया जाएगा। उनका प्रयास की कला और साहित्य क्षेत्र की कोई भी प्रतिभा सम्मान पाने से वंचित नहीं रहे। सम्मान उपरांत एक स्मारिका का प्रकाशन कराने की भी उनकी योजना है जिससे सम्मान समारोह की स्मृतियां बनी रहें।

प्रो, अच्युत सामंत ने ओडिशा स्पोर्ट्स माडल को भारत में श्रेष्ठ बताया

भुवनेश्वर। बिहार प्रदेश सरकार द्वारा पटना में आयोजित दो दिवसीय बिहार स्पोर्ट्स कन्कल्लेव-2022 का उद्घाटन बिहार सरकार के आर्ट,कल्चर तथा युवा कल्याण मंत्री डा.आलोक...

आर्यमन डालमिया के जनेऊ संस्कार में पहुँचे पुरी के गजपति महाराजा दिव्य सिंहदेव

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनेऊ के 9धागों में 9देवता निवास करते हैं, ओंकार, अग्नि,अनन्त, चन्द्र,पितृ, प्रजापति,वायु, सूर्य तथा समस्त देवगण। यज्ञोपवीत में 9शक्तियों का निवास होता है। उन्होंने बताया कि जनेऊ संस्कार के विषय में ऐसी मान्यता है कि जिस प्रकार इन्द्र को वृहस्पति ने जनेऊ दिया था

विश्व का सर्वाधिक न्यायपूर्ण और स्वतंत्र समाज रहा है हिन्दू समाज

इस प्रकार इस बात के भरपूर और प्रचुर प्रमाण हैं कि जातियां कुलों और व्यवसायों का ऐसा व्यवस्थित तथा सर्वमान्य समूह हैं जो ईसाइयत या इस्लाम आदि के जन्म से हजारों हजार साल पहले से अत्यन्त व्यवस्थित रहे हैं,

श्री राम की छबि पर पाश्चात्य जगत की नस्लीय व पूर्वाग्रही दृष्टि

ऑड्रे तृस्कके जैसे लेखक इन्हीं असत्य प्रसंगों का सहारा लेकर श्री राम जी को नारी विरोधी सिद्ध करना चाहते हैं। भारतीयों के रोम-रोम में बसे राम मर्यादा-पुरुषोत्तम हैं। न कि नारी विरोधी।

चेतना को युग के सापेक्ष बदलते परिदृश्य से रूबरू करवाती हैं विजय की कहानियां

आपको समय-समय पर सृजनात्मक लेखन के साथ राजस्थानी और हिन्दी साहित्य की सेवा के लिए विभिन्न संस्थाओं द्वारा सम्मानित और पुरस्कृत किया जाकर होंसला अफजाई की गई। इनको कोटा सहित प्रतापगढ़,उदयपुर,अलवर, बारां,

लेखन से राष्ट्रपति भवन तक……

वह दिन भी आ गया जब संस्था के आंनद लक्ष्मण खांडेकर, महावीर चंद भंडारी, प्रसन्ना भंडारी और मै 17 अप्रैल की रात देहरादून एक्सप्रेस रेलगाड़ी से दिल्ली के लिए रवाना हुए। दिल्ली में हम भंडारी जी के एक परिचित के यहां जा कर ठहर गए।

स्वतंत्रता आंदोलन के गुमनाम चेहरों को सामने लाना जरूरी: प्रो. कुमार रत्नम

एक अन्य सत्र में जवाहरलाल नेहरू विश्‍वविद्यालय के सेंटर फॉर हिस्‍टोरिकल स्‍टडीज़ के अध्‍यक्ष प्रो. हीरामन तिवारी, हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्‍वविद्यालय के कश्मीर अध्ययन केंद्र में सहायक प्राध्‍यापक डॉ. जयप्रकाश सिंह और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्‍वविद्यालय,

भारत के मार्क्सवादी इतिहासकारों के पापों की कहानी अनंत है

जब श्री अरुण शौरी की पुस्तक “Eminent Historians” ने भारत के बौद्धिक जगत में तहलका मचाना शुरु कर दिया तब पहले तो इन मार्क्सवादी इतिहासकारों ने वही पुराना अहंकारी और पाखंडी रुख अपनाया कि “यह शौरी कौन है?
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