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  • हाड़ौती भाषा के सिद्ध-हस्त हस्ताक्षर पंडित  लोकनारायण शर्मा

    हाड़ौती भाषा के सिद्ध-हस्त हस्ताक्षर पंडित लोकनारायण शर्मा

    ( भर्तृहरि साहित्य का हाड़ोती भाषा में अनुवाद कर हो गए लोक भरथरी ) डॉ.प्रभात कुमार सिंघल, कोटा भर्तृहरि का संदेश जन-जन तक पहुँचाने के लिये 104 संस्कृत श्लोकों का हाड़ौती भाषा में दोहानुवाद कर ” लोक भरथरी” उप नाम से विख्यात हुए कवि पंडित लोकनारायण शर्मा हाड़ोती ( राजस्थानी ) भाषा के सिद्ध-हस्त हस्ताक्षर […]

  • देश में प्रशासनिक सुधार की आवश्यकता

    देश में प्रशासनिक सुधार की आवश्यकता

    संघीय स्तर (केंद्रीय स्तर) राज्य स्तर( ईकाई स्तर )एवं स्थानीय स्तर( मूलभूत स्तर) पर प्रशासनिक पारदर्शिता की अति आवश्यकता है। लोकतंत्र में जवाबदेही( उत्तरदायित्व) एवं पारदर्शिता( स्वच्छ छवि) आवश्यक होते हैं ,जो कि लोकतंत्र में शासक शासित के प्रति उत्तरदाई(जवाबदेही) होते हैं, इसलिए उनसे विधाई, कार्यपालिका एवं प्रशासनिक कार्यों में जवाबदेही एवं पारदर्शिता की आशा […]

  • संस्कारों का पतन और कुसंस्कारों का बढ़ावा

    संस्कारों का पतन और कुसंस्कारों का बढ़ावा

    कहीं हम कुसंस्कार को बढ़ावा तो नहीं दे रहे हैं, हमारा देश भारत युवाओं का देश है,किन्तु आज समाज के वर्तमान परिदृश्य को देखा जाए तो हमारे समाज की युवा पीढ़ी संस्कार से विमुख होती जा रही है। समाज के लगभग तीन चौथाई युवा कुसंस्कार नाम के रोग से ग्रसित होते जा रहे हैं । […]

  • नेताजी सुभाषचंद्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ बताते थे वामपंथी…

    नेताजी सुभाषचंद्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ बताते थे वामपंथी…

    लगभग आरंभ से ही कम्युनिस्टों को अपनी वैज्ञानिक विचारधारा और प्रगतिशील दृष्टि का घोर अहंकार रहा है। लेकिन अनोखी बात यह है कि इतिहास व भविष्य ही नहीं, ठीक वर्तमान यानी आंखों के सामने की घटना-परिघटना पर भी उनके मूल्यांकन, टीका-टिप्पणी, नीति, प्रस्ताव आदि प्राय: मूढ़ता की पराकाष्ठा साबित होते रहे हैं। यह न तो […]

  • हम महर्षि मनु पर अभिमान क्यों न करें ?

    हम महर्षि मनु पर अभिमान क्यों न करें ?

    आज यह बात तो लोक में प्रसिद्ध हैं कि आर्य-दर्शन संसारभर के दर्शन में सर्वोच्च हैं । परन्तु हमारे आचार-शास्त्र के विषय में यह प्रशंसा के वाक्य नहीं किये जाते । हम भी इसी में मस्त हो रहते हैं कि हमने विचार में उन्नति की हैं और आचार में ??? यह क्षेत्र हमारा नहीं । […]

  • वेदों में सती प्रथा का कोई  विधान नहीं

    वेदों में सती प्रथा का कोई विधान नहीं

    1875 में स्वामी दयानंद ने पूना में दिए गए अपने प्रवचन में स्पष्ट घोषणा की – “सती होने के लिए वेद की आज्ञा नहीं है” सायण ने अथर्ववेद 19/3/1 के मंत्र में सती प्रथा दर्शाने का प्रयास किया है – यह नारी अनादी शिष्टाचार सिद्ध, स्मृति पुराण आदि में प्रसिद्द सहमरण रूप धर्म का परीपालन […]

  • ‘जल नायक: अपनी कहानियाँ साझा करें’ प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा की

    जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग ने ‘जल नायक : अपनी कहानी साझा कीजिये’ प्रतियोगिता शुरू की है। अब तक माई गव पोर्टल पर प्रतियोगिता के तीन संस्करण शुरू किए जा चुके हैं। पहला संस्करण 01.09.2019 से 30.08.2020 तक जारी किया गया था। दूसरा संस्करण 19.09.2020 से 31.08.2021 तक […]

  • ‘आदि शौर्य – पर्व पराक्रम का’ आयोजन के माध्यम से देश के लोगों ने आदिवासी संस्कृति और विरासत की झलक को देखा: श्री अर्जुन मुंडा

    ‘आदि शौर्य – पर्व पराक्रम का’ आयोजन के माध्यम से देश के लोगों ने आदिवासी संस्कृति और विरासत की झलक को देखा: श्री अर्जुन मुंडा

    नई दिल्ली। केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री अर्जुन मुंडा तथा रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री श्री अजय भट्ट ने आज नई दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में आदि शौर्य पर्व के समापन दिवस की शोभा बढ़ाई। आयोजन के दूसरे दिन 50,000 से अधिक दर्शकों की भारी भीड़ ने यहां पर उपस्थित होकर इस कार्यक्रम […]

  • 26 से 31 जनवरी, 2023 तक लाल किलेमें छह-दिवसीय “भारत पर्व” का आयोजन

    मुख्य विशेषताएं: • क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्रों के साथ-साथ राज्यों/ केंद्रशासित प्रदेशों की सांस्कृतिक मंडलियों द्वारा सांस्कृतिक प्रदर्शन, एक अखिल भारतीय फूड कोर्ट और 65 हस्तकला स्टालों के साथ अखिल भारतीय शिल्प बाजार इस कार्यक्रम का हिस्सा होगा। भारत सरकार द्वारा गणतंत्र दिवस समारोह के हिस्से के रूप में 26 से 31 जनवरी, 2023 तक दिल्ली […]

  • 19 जनवरी 1990 की वो कालीरात, जिसकी सुबह हुई ही नहीं…

    19 जनवरी 1990 की वो कालीरात, जिसकी सुबह हुई ही नहीं…

    कश्मीर में सरेआम हुए थे बलात्कार, रातों-रात मार दिए गए थे सैकड़ों पंडित. मस्जिदों में भारत एवं हिन्दू विरोधी भाषण दिए जाने लगे 04 जनवरी 1990 को कश्मीर के एक स्थानीय अखबार ‘आफ़ताब’ ने हिज्बुल मुजाहिदीन द्वारा जारी एक विज्ञप्ति प्रकाशित की। इसमें सभी हिंदुओं को कश्मीर छोड़ने के लिये कहा गया था। एक और […]

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