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भारतीय मूल्यों को सुरक्षित रखते हुए काम कर रही सरकार: श्री जयवीर सिंह

स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को समझे युवा पीढ़ी : श्री जयवीर सिंह

देश में ‘अग्निपथ’ योजना का दिखेगा सकारात्मक परिणाम: कर्नल बाबूराम कुशवाहा

सेवा भाव और भारतीयता का संदेश देता है क्रांतिकारियों का बलिदान: प्रो. अजय मिश्रा

मातृभूमि के लिए समर्पित लोगों से युवा पीढ़ी को सीख लेनी चाहिए: श्री यतीन्द्र जी

लखनऊ। भारतीय संस्कृति, परम्पराओं, मूल्यों और मान्यताओं को सुरक्षित रखते हुए देश का विकास हो सके, ऐसी संकल्पना के साथ केंद्र की मोदी और प्रदेश की योगी सरकार आगे बढ़ रही है। इसके साथ ही हमारी युवा पीढ़ी भी अपनी परम्पराओं के साथ आगे बढ़े, तभी हम भारत को विश्वगुरु बना सकेंगे। हमारी युवा पीढ़ी स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को समझे और उनसे प्रेरणा ले सके, इस संकल्पना के साथ पीएम नरेंद्र मोदी ने आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम की रूपरेखा रखी थी। उक्त उद्गार मुख्य वक्ता उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने आजादी के अमृत महोत्सव पर आयोजित राष्ट्रहित सर्वोपरि कार्यक्रम के 24वें अंक में व्यक्त किए। यह कार्यक्रम सरस्वती कुंज, निराला नगर के प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) उच्च तकनीकी (डिजिटल) सूचना संवाद केन्द्र में विद्या भारती, एकल अभियान, इतिहास संकलन समिति अवध, पूर्व सैनिक सेवा परिषद एवं विश्व संवाद केन्द्र अवध के संयुक्त अभियान में चल रहा है।

मुख्य वक्ता उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले सेनानियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिकों के बलिदान और त्याग के कारण ही देश की सीमाएं सुरक्षित हैं और आंतरिक शांति बरकरार है। देश की सनातन संस्कृति और मूल्यों की रक्षा करने का काम हमारे पुरोधाओं द्वारा किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आज हमें देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभारी होना चाहिए, जिनकी सोच के फलस्वरूप हम आज़ादी के 75वें वर्ष को आज़ादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से हम उन अज्ञात नायकों से भी परिचित हो रहे हैं, जिनकी कुर्बानी को इतिहास में भुला दिया गया है। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास को विकृत करने का प्रयास किया गया है, जिसे अब सुधारने का पुनीत कार्य हो रहा है। अमृत महोत्सव के माध्यम से आने वाली पीढ़ी को हम अपने देश का सही इतिहास बता पाएंगे। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी शासन से पहले मुगल आंक्रांताओं ने देश की सनातन संस्कृति और मूल्यों को नष्ट करने का प्रयास किया, लेकिन हमारे देश की संस्कृति की रक्षा करने वाले वीरों के कारण वह नष्ट नहीं कर पाएं। उन्होंने कहा कि एकल अभियान और विद्या भारती के पदाधिकारियों ने अपने देश की संस्कृति और सनातन परंपरा को बचाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया, हम सभी ऐसे महापुरुषों के आभारी हैं।

मुख्य अतिथि शौर्य चक्र व सेना मेडल से सम्मानित कर्नल बाबूराम कुशवाहा जी ने कहा कि देश को आजादी ऐसे ही नहीं मिल गई है, इसके लिए लाखों लोगों ने अपनी आहुति दी। उन्होंने विद्या भारती और एकल अभियान द्वारा दूरस्थ, वनवासी और आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वह दिन दूर नहीं, जब आदिवासी लोग शिक्षित व सभी सुख सुविधाओं से परिपूर्ण होंगे। उन्होंने सैन्य सेवाओं के लिए केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई अग्निपथ पथ स्कीम की सराहना करते हुए कहा कि देश में इसका सकारात्मक दूरगामी परिणाम दिखाई देगा। उन्होंने अपने सेना अनुभवों को साक्षा करते हुए भैया बहनों का मार्गदर्शन किया। इसके साथ ही भैया बहनों के प्रश्नों के सवालों के जवाब दिए।

विशिष्ट वक्ता लखनऊ विश्वविद्यालय के भूगर्भ विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अजय मिश्रा जी ने कहा कि देश की आज़ादी के लिए अनेक क्रांतिकारियों ने अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। ऐसे क्रांतिकारियों का बलिदान हम सभी को भारतीयता और सेवाभाव का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि हमें क्रांतिकारियों से समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और त्याग से प्रेरण लेते हुए अपने देश के विकास में योगदान देना चाहिए।

कार्यक्रम अध्यक्ष विद्या भारती के अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री श्री यतीन्द्र जी ने आजादी के अमृत महोत्सव के उद्देश्यों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास गौरवशाली रहा है, जिसकी धरती पर जन्म लेने वाले मातृभूमि को समर्पित युवक व युवतियों से आज की युवा पीढ़ी को सीख लेनी चाहिए और भारत को आगे ले जाने के लिए प्रयास करें।

कार्यक्रम की प्रस्ताविकी अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के सह संगठन मंत्री श्री संजय श्रीहर्ष जी ने रखी। एकल अभियान के अखिल भारतीय महासचिव श्री माधवेन्द्र सिंह ने सभी अतिथियों का परिचय कराया और विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के बालिका शिक्षा प्रमुख श्री उमाशंकर मिश्र जी ने आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रचार प्रमुख श्री सौरभ मिश्रा जी ने किया। इससे पहले ‘न्यूज टाइम्स पोस्ट’ हिन्दी मासिक पत्रिका और श्री राम बाबू पाण्डेय द्वारा लिखित पुस्तक ‘धर्म और हिन्दू’ का विमोचन किया गया।

इस अवसर पर शौर्य चक्र व सेना मेडल से सम्मानित कर्नल बाबूराम कुशवाहा जी की पत्नी आदर्श कुशवाहा, केजीएमयू के चिकित्सक डॉ. नीरज, वरिष्ठ अधिवक्ता श्री आशीष श्रीवास्तव, रेड क्रॉस सोसाइटी के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री सत्यानंद पाण्डेय जी, लखनऊ विवि से श्री आशीष अवस्थी, कर्नल एसबी सिंह, प्रो. महेन्द्र अग्निहोत्री, प्रो. राकेश द्विवेदी, राजेन्द्र बहादुर जी, डॉ प्रशान्त शुक्ल जी, प्रो संजीव द्विवेदी जी, सूबेदार दिनेश पांडेय, विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के सह प्रचार प्रमुख श्री भास्कर दूबे जी, सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर क्यू, अलीगंज लखनऊ के छात्र-छात्राएं सहित कई लोग मौजूद रहे।

भास्कर दूबे

सह प्रचार प्रमुख

मो. – 9554322000

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