राजस्थान की सात हस्तियों को मिलेगा ‘जयपुर शिरोमणि अवॉर्ड’

डॉ. अग्रवाल, परतानी, राठी, गुप्ता, रिद्धि, मेघा व परिहार ने बढ़ाया प्रदेश का गौरव

जयपुर। समाजसेवा, चिकित्सा, व्यवसाय, मीडिया व कला और साहित्य के क्षेत्र में परचम लहराने वाली राजस्थान की सात विभूतियों को ‘राजस्थान शिरोमणि अवॉर्ड’ से सम्मानित किया जाएगा। इस वर्ष का ‘राजस्थान शिरोमणि अवॉर्ड’ प्राप्त करने वालों में प्रतिष्ठित नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. श्याम अग्रवाल, अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण परतानी, डॉ. कपिल राठी, मुस्कान विशेषज्ञ डॉ. रिद्धि राठी शेठ, उद्यमी एवं समाजसेवी महेशचंद्र गुप्ता, गायिका मेघा भारद्वाज एवं राजनीति विश्लेषक निरंजन परिहार के नाम हैं। राजस्थानी समाज की प्रमुख संस्था जयपुर प्रवासी संघ द्वारा समाज के हर वर्ग के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान देनेवाले इन सात प्रमुख लोगों को ‘जयपुर शिरोमणि अवॉर्ड’ प्रदान किया जा रहा है। मुंबई में 15 मई को यह अवॉर्ड समारोह ओशिवारा स्थित माहेश्वरी भवन में होगा, जहां सांगानेर के विधायक अशोक लाहोटी मुख्य अतिथि और कस्टम विभाग के एडिशनल कमिश्नर आलोक शर्मा विशेष अतिथि होंगे। इस अवसर पर जेपीएस की 15 वर्षों की विकास यात्रा पर प्रकाशित पुस्तक का विमोचन भी होगा।

जयपुर प्रवासी संघ के संस्थापक संरक्षक कृष्ण कुमार राठी ने यह जानकारी देते हुए कहा है कि ‘जयपुर शिरोमणि अवॉर्ड’ प्राप्तकर्ताओं का राजस्थान के गौरव को बढ़ाने में अहम योगदान रहा है इसी कारण राजस्थानी समाज में सबका काफी प्रतिष्ठित नाम है। इन लोगों ने अपने अपने क्षेत्र में समाज की जबरदस्त सेवा करने के साथ ही देश भर में राजस्थान के के विकास में बी अहम योगदान दिया है। सेवा के मामले में राजस्थान वैसे भी सदा अग्रणी रहा है, खासकर जयपुर को लोग समाज के हर वर्ग के जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए हर जगह अग्रणी रहते हैं। इनमें से चुनिंदा लोगों को इस वर्ष का ‘जयपुर शिरोमणि अवॉर्ड’ प्रदान किया जा रहा है। राठी का कहना है कि सम्मान राजस्थान की परंपरा का हिस्सा है। समाज के लिए अच्छा काम करने वालों के सम्मान की इस परंपरा को आगे बढ़ाते हुए जयपुर प्रवासी संघ इस बार 7 प्रमुख हस्तियों को ‘जयपुर शिरोमणि अवॉर्ड’ प्रदान करने जा रहा है। ‘जयपुर शिरोमणि अवॉर्ड’ प्राप्त करने वालों को बधाई देते हुए जयपुर प्रवासी संघ ने कहा है कि समाज के हर वर्ग को राजस्थान की सातों विभूतियों का अपने अपने क्षेत्र में सदा योगदान मिलता रहा है।