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मिलाप, व्यक्तिगत और सामाजिक कार्यों के लिए सबसे बड़ी क्राउड फंडिंग साइट

नई दिल्‍ली : व्यक्तिगत और सामाजिक कार्यों के लिए भारत की सबसे बड़ी क्राउड फंडिंग साइट मिलाप ने अब तक 50000 से अधिक व्यक्तिगत और सामाजिक कार्यों (जरूरतों) का समर्थन किया है और लोगों को परोपकार का काम करने में सक्षम बनाया है. मिलाप ने भारत में एक मूक क्रांति शुरू की है, जो आज की डिजिटल दुनिया में लोगों की एक-दूसरे की मदद करने में स्थायी और प्रभावी परिवर्तन लाने में मदद कर रही है. दुनिया भर के 120 देशों के दाताओं और उधारदाताओं के समुदाय ने 300 करोड़ रुपये से भारत में 100000 प्रोजेक्ट्स का समर्थन किया है।

2010 में ग्रामीण गरीबों के लिए एक माइक्रो लेंडिंग प्लेटफॉर्म के रूप में मिलाप शुरू हुआ था. यह अब धीरे-धीरे एक बड़े मंच में बदल गया, ताकि व्यक्ति और दानकर्ता अपनी पहल का प्रदर्शन कर सके. लोग सक्रिय रूप से स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, खेल, आपदा राहत, पर्यावरण और पशु कल्याण के लिए मिलाप के जरिए धन जुटा रहे हैं. वर्तमान में, चिकित्सा आपात स्थिति के लिए भी लोग भारी मात्रा में दान कर रहे हैं. यह मंच लगातार ऑनलाइन धन जुटाने की अवधारणा को अधिक से अधिक भारतीयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा है।

मिलाप पर टिप्पणी करते हुए, मिलाप के सह-संस्थापक और प्रेसीडेंट श्री अनोज विश्वनाथन कहते हैं, “क्राउड फंडिंग प्लेटफार्म के रूप में, हमारा प्राथमिक दृष्टिकोण लोगों को किसी की जरूरत के वक्त सीधे मदद करने में सक्षम बनाना है. पिछले 8 वर्षों में, मिलाप एक पसंदीदा मंच बन गया है. यह स्वास्थ्य देखभाल और संबंधित जरूरतों को वित्त पोषित कर रहा है. लोग अपने दोस्तों, परिवार और समुदायों के पास आते हैं, यदि उन्हें तत्काल चिकित्सा संकट से निपटने के लिए पर्याप्त धनराशि की आवश्यकता होती है. क्राउड फंडिंग अप्रत्याशित जरूरतों को पूरा करने का एक तेज और आसान तरीका हो सकता है.”

मिलाप कई अभियानों के लिए धन जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. इसमें एक 8 महीने की बलात्कार पीड़िता के लिए शुरू किया गया कैंपेन महत्वपूर्ण था.

दिल्ली में पिछले साल सबसे ज्यादा चर्चित अपराध वह था, जब 8 महीने की एक बच्ची के साथ गंभीर अपराध हुआ. उसके 28 वर्षीय चचेरे भाई ने बच्ची के साथ बलात्कार किया था. उसके माता-पिता रोजाना कमाने वाले मजदूर थे, जिन्होंने अपने बच्ची को चचेरे भाई के साथ रखा था, जब वे काम पर जाते थे. वे सोचते थे कि उन्होंने अपने बच्ची को एक संरक्षक के पास रखा है. उन्हें क्या पता था कि संरक्षक ही अपराधी निकलेगा. जब बच्ची को अस्पताल ले जाया गया तो उसकी हालत बहुत खराब थी. सरकार ने पीड़ित परिवार को 50000 रुपये दिया, बच्ची को जिंदा रखने के लिए काफी नहीं था. उपचार के लिए उन्हें लगभग 15000 डॉलर की जरूरत थी. सुनीता देशपांडे ने बच्ची को बचाने के लिए, धन जुटाने के लिए मिलाप पर अभियान शुरू किया. इस अभियान को न केवल भारत में, बल्कि अमेरिका, फिनलैंड आदि जैसे अन्य देशों से जबरदस्त समर्थन मिला. करीब 18000 डॉलर जुटाने में वो सक्षम हो गई. बच्ची के पिता ने कहा, “मेरी बेटी के लिए दिखाए गए इस प्यार और समर्थन के लिए आप सभी को धन्यवाद देने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं. आपके समर्थन ने हमें इस कठिन समय से निकलने में मदद की. मैं इस क्राउड फंडिंग को शुरुउ करने के लिए सुश्री सुनीता देशपांडे जी, हमें समर्थन देने के लिए डीसीडब्ल्यू की स्वातिजी को धन्यवाद देना चाहता हूं. मैं चाहता हूं कि मेरी बेटी बेहतर महसूस करे कि वह सुरक्षित है और उसका परिवार हमेशा उसके साथ है. मैं उसे सबसे अच्छे स्कूल में भेजूंगा. मैं मिलाप के पास आए पैसे को अपने खाते में ले कर उसक बेहतर इलाज कराउंगा और जो पैसा बच जाएगा, उसे उसक एनाम से फिक्स्ड डिपोजिट करवा दूंगा.”

(https://milaap.org/fundraisers/changeindelhi)

100000 से अधिक लोगों के साथ, मिलाप का मुख्य फोकस क्राउड फंडिंग लीडर के रूप में इस मंच को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाना है. दाताओं के विश्वास और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए, दाताओं के डेटा सुरक्षा व विश्वसनीय भुगतान गेटवे के साथ नवीनतम तकनीक और साझेदारी का उपयोग किया जाता है. टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के पीछे कैंपेन आयोजक और दाताओं के लिए क्राउड फंडिंग को आसान बनाने का विचार है.

मिलाप का प्राथमिक लक्ष्य लोगों को जरूरत में किसी व्यक्ति की सहायता करने में सक्षम बनाना है. आज, स्मार्टफोन वाला कोई भी व्यक्ति आसानी से वित्तीय सहायता प्रदान कर सकता है और प्राप्त कर सकता है. मिलाप डिजिटल क्राउड फंडिंग को देश के सबसे दूरस्थ हिस्से के लोगों के लिए भी सुलभ बनाना चाहता है.

अनोज विश्वनाथन ने आगे कहा, ”आज, स्मार्टफोन रखने वाला कोई भी व्यक्ति आसानी से ये काम कर सकता है. आपातकाल से निपटने के लिए लोग अब ऑनलाइन धन जुटा रहे है. बेहतर डिजिटल पहुंच और ऑनलाइन भुगतान सुविधा तत्काल जरूरत के लिए अधिक समर्थन एकत्रित कर सकता है.”

सामूहिक परिणाम प्रभावशाली रहा हैं. क्योंकि मिलाप 120 से अधिक देशों के लोगों का मंच बनाया गया है. एक तरफ, मिलाप की प्रौद्योगिकी टीम ऑनलाइन शॉपिंग जितना आसान उत्पाद बनाती है, दूसरी तरफ, समुदाय टीम अभियान की पुष्टि करती है और एक विश्वसनीय समुदाय बनाने के लिए अभियान आयोजकों को बेहतर स्टोरी बनाने में मदद करती है.

प्रौद्योगिकी के इस दौर में, ऑनलाइन समुदाय के लिए सामाजिक अच्छाई का काम करने के लिए असीमित संभावनाएं हैं. और मिलाप इस क्रांति की मशाल जलाए हुए है.



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