आप यहाँ है :

भारत गौरव
 

  • आदि गुरू शंकराचार्यः पूरे भारत को एक सूत्र में बाँधा

    आदि गुरू शंकराचार्यः पूरे भारत को एक सूत्र में बाँधा

    वैशाख शुक्ल पंचमी यानि 20 अप्रैल को हिंदू धर्म की ध्वजा को देश के चारों कोनों में फहराने वाले और भगवान शिव के अवतार आदि शंकराचार्य का जन्म हुआ था। उनका जन्म 1200 वर्ष पूर्व कोचीन से 5-6 मील दूर कालटी नामक गांव में नंबूदरी ब्राह्राण परिवार में जन्म हुआ था। मात्र 33 वर्ष की अल्पआयु में उन्होंने वैदों और पुराणों से लेकर ब्रह्मसूत्र जैसे कठिन ग्रंथों के जो भाष्य लिखे और उनका विवेचन किया और पैदल ही पूरे भारत की यात्रा कर जो काम किया अगर उसका मूल्यांकन किया जाए तो एक व्यक्ति को इतना सब करने में कम से कम 150 साल लग सकते हैं लेकिन शंकराचार्य ने ये काम मात्र 25 साल के अपने संन्यासी जीवन में कर दिखाया।

  • रायपुर के इस अस्पताल में पैसे से नहीं ‘दिल’ से दिल का इलाज होता है

    रायपुर के इस अस्पताल में पैसे से नहीं ‘दिल’ से दिल का इलाज होता है

    रायपुर। घर का कोई सदस्य बीमार हो तो पैसे की तंगी के कारण बहुत से लोग चाहकर भी बड़े निजी अस्पताल में उसका इलाज नहीं करा पाते। ऐसे में सोचिए उन लोगों की बेबसी जो अपने नन्हें से बच्चे के दिल में छेद की बीमारी का इलाज पैसे की कमी के कारण नहीं करा पाते, लेकिन यहां एक ऐसा अस्पताल है, जहां सुविधाएं तो सब हैं, पर कैश काउंटर नहीं है।

  • श्री भागवत  उज्जैन में गुरूकुल सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे

    श्री भागवत उज्जैन में गुरूकुल सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे

    उज्जैन। महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान उज्जैन में 28 से 30 अप्रैल तक तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय विराट गुरुकुल सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में देश-विदेश के गुरुकुल के तीन हजार प्रतिभागी हिस्सा लेंगे।

  • लोहानी जी ने आज़ाद भारत को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

    लोहानी जी ने आज़ाद भारत को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

    आजाद भारत के पहले स्टीम इंजन को एक बार फिर रेलवे ट्रैक पर उतारा गया है। आजाद 7200 डब्ल्यूपी को बृहस्पतिवार को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से रेलवे बोर्ड अध्यक्ष श्री अश्वनी लोहानी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रेल मंत्रालय की योजना है कि पर्यटकों को लुभाने के लिए भाप इंजनों को फिर से शुरू किया जाए। ऐतिहासिक धरोहर को जीवित कर लोगों को इससे रूबरू कराया जाए।

  • यहाँ काले हिरणों को पर कोई आँख उठाकर नहीं देख सकता

    यहाँ काले हिरणों को पर कोई आँख उठाकर नहीं देख सकता

    सलमान खान को काले हिरण के शिकार के मामले में जेल जाना पड़ा। लेकिन यहां मेजा तहसील की पठारी इलाके में यह वन्य जीव मस्ती में कुलाचे भरते हुए पिछले 18 साल से विचरण कर रहे हैं। ग्रामीण इन पर बच्चों की तरह नजर रखते हैं, जिससे कोई इनका शिकार नहीं कर सकता।

  • मेक इऩ इंडिया से घरेलू कंपनियों को हुआ 50 अरब का फायदा

    मेक इऩ इंडिया से घरेलू कंपनियों को हुआ 50 अरब का फायदा

    सरकारी खरीद में मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने की सरकार की पहल से भारतीय कंपनियों को 50 अरब रुपये से अधिक का फायदा हुआ है। खरीद की शर्तों में बदलाव से घरेलू कंपनियों को रेलवे, गेल इंडिया और ऑयल ऐंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन सहित कई अन्य सरकारी महकमों से ऑर्डर मिले हैं। इस नीति का फायदा उठाने वाली कंपनियों में जिंदल स्टील ऐंड पावर लिमिटेड (जेएसपीएल) भी शामिल है जिसे पहले पटरियों की खरीद प्रक्रिया से अलग रखा गया था। लेकिन नई नीति के तहत उसे पटरियों की आपूर्ति के लिए जारी निविदा में 20 फीसदी ऑर्डर मिलने की संभावना है। यह निविदा कुल 3,000 करोड़ रुपये की हो सकती है जिसमें से 600 करोड़ रुपये का ऑर्डर जेएसपीएल को मिल सकता है।

  • 1857 की क्रांति को  जन-जन तक इन साहित्यकारों ने पहुँचाया

    1857 की क्रांति को जन-जन तक इन साहित्यकारों ने पहुँचाया

    1857 में प्रथम स्वाधीनता संग्राम की विफलता के कारण कुछ भी रहे हों, लेकिन अंग्रेज शासक उस क्रांति से बौखला उठे थे। इस बौखलाहट का ही नतीजा था कि उन्होंने देशवासियों पर इतने जुल्म ढाए कि हिंदी साहित्य और पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग एक दशक तक सन्नाटा छाया रहा। एक पुस्तक जो अंग्रेज सरकार की ओर से प्रकाशित हुई है, उसमें 1857 के स्वाधीनता संग्राम की बाबत दर्ज है, ‘सड़कों के चौरस्तों और बाजारों में जो लाशें टंगी हुई थीं, उनको उतारने में सूर्योदय से सूर्यास्त तक मुर्दे ढोने वाली आठ-आठ गाड़ियां तीन-तीन महीने तक लगी रहीं और इस प्रकार एक स्थान पर छह हजार मनुष्यों को झटपट खत्म करके परलोक भेज दिया गया। बूढ़े आदमियों ने हमें कोई नुकसान नहीं पहुंचाया था, असहाय स्त्रियों से जिनकी गोद में दूध पीते बच्चे थे, हमने उसी तरह बदला लिया जिस तरह से बुरे से बुरे आदमियों से।’

  • गूगल ने ऐसे याद किया बिस्मिल्लाह खाँ को

    गूगल ने ऐसे याद किया बिस्मिल्लाह खाँ को

    गूगल डूडल ने भारत रत्न शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्लाह खां को उनके जन्मदिवस पर अनोखे अंदाज में याद किया है। उस्ताद बिस्मिल्लाह खां को सम्मान देते हुए गूगल ने डूडल उन्हें समर्पित किया है।

  • कभी मजदूरी के लिए भटकते थे, हुनर ऐसा कि पद्मश्री मिली

    कभी मजदूरी के लिए भटकते थे, हुनर ऐसा कि पद्मश्री मिली

    नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को मप्र के आदिवासी गोंड कलाकार भज्जू श्याम को पद्मश्री से अलंकृत किया। उनके समेत 43 हस्तियों को पद्म सम्मान से नवाजा गया।

  • जिनके नयनों में आकाश और मुट्ठी में कला का सौंदर्य है

    जिनके नयनों में आकाश और मुट्ठी में कला का सौंदर्य है

    विचार करें तो किसी संज्ञा-सर्वनाम के भीतर पहले से मौजूद सद्गुण, कौशल तथा वृति को उभारना... विकसित करना ही उसका असल सशक्तिकरण है.

Back to Top