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दुनिया मेरे आगे
 

  • एड्स पर नियंत्रण एक बड़ी चुनौती

    एड्स पर नियंत्रण एक बड़ी चुनौती

    एड्स एक ऐसी जानलेवा एवं विषाणु जनित रोग है ,जो मानव के प्रतिरक्षा तंत्र को क्षरण कर देती है। यह बीमारी मानव प्रतिरक्षा विषाणु(HIV) के द्वारा होता है। एचआईवी संक्रमण के पश्चात मानव शरीर की प्रतिरोधक क्षमता घटने लगती है ;जिससे मानव शरीर ' बीमारियों का घर' हो जाता है ।एचआईवी संक्रमण के बाद शरीर में एड्स के लक्षण दिखाई देने लगते हैं, एचआईवी संक्रमण के 10 वर्षों पश्चात एड्स के दुष्प्रभाव दिखाई देते हैं ।एड्स को "अवसरवादी बीमारी" भी कहा जाता है ;क्योंकि यह अवसर पाकर कमजोर प्रतिरक्षा तंत्र पर प्रहार करते हैं ,जिससे मानव शरीर पूर्णतः रूग्ण हो जाता है। एचआईवी संक्रमण मानव के शरीर को इस स्तर तक कमजोर कर देते हैं कि वह प्रतिरक्षा बीमारियों से लड़ने में अक्षम हो जाता है और मानव गंभीर त्रासदी का शिकार हो जाता है ।यह बीमारी संक्रमित रक्त से दूषित सुई या चिकित्सक उपकरणों से फैलता है ।संक्रमण संक्रमित योनि स्राव ,वीर्य और खुले घावों के संपर्क में आने से भी यह बीमारी फैलता है ।संक्रमित महिला के शिशु को स्तनपान कराने से भी यह फैलता है, बिना परहेज लिए किसी के साथ शारीरिक संपर्क स्थापित करने से भी फैलता है।

  • दिव्यांग जनों के सशक्तिकरण के लिए सरकार के प्रयास

    दिव्यांग व्यक्तियों में दृष्टिबाधित ,श्रवण बाधित ,वाक बाधित ,अस्थि दिव्यांग और मानसिक रूप से दिव्यांग शामिल है। भारत सरकार ने दिव्यांगों के प्रति संवेदनशील पहल की है, इसके मुताबिक अब दिव्यांगों को अपमानित करने, धमकी ,देने पिटाई करने पर 6 माह से लेकर 5 वर्ष तक का कठोर सजा का प्रावधान है राजपत्र में प्रकाशित दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 में सख्त प्रावधान किया गया है। यह भारत सरकार का एक सराहनीय और लोक कल्याणकारी राज्य की उपादेयता में सकारात्मक पहल है।

  • अंतरराष्ट्रीय एकजुटता दिवस कि प्रासंगिकता

    अंतरराष्ट्रीय एकजुटता दिवस कि प्रासंगिकता

    1789 में वैश्विक स्तर पर घटित फ्रांस की क्रांति जिसका क्रांतिकारी वाक्य ' स्वतंत्रता ,समानता और बंधुत्व था।बंधुत्व का आशय वैश्विक एकजुटता को बढ़ाना है ।धर्म ,जाति ,लिंग ,भाषा, रंग एवं संप्रदाय के परे एकजुटता की संकल्पना को वैश्विक प्रभाव देना है।

  • चंबल की रोमांचक कहानी

    चंबल की रोमांचक कहानी

    भारत की नदियों की प्रवाह प्रणाली में कोटा से होकर बहने वाली चंबल नदी का अपना विशेष महत्व है। यह नदी मध्य प्रदेश एवं राजस्थान राज्यों में बह कर उत्तर प्रदेश की यमुना नदी में समा जाती है। भारत की यह एक मात्र नदी है जो दक्षिण से उत्तर की ओर बहती है। यह नदी अपने किनारे कई एतिहासिक एवं धार्मिक नगरों एवं स्थानों की पोषक रही है। चंबल एवं इसकी सहायक नदियां विशेष रूप से राजस्थान राज्य की प्रगति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा कर हाड़ोती ही नहीं राजस्थान की जीवन रेखा बन जाती हैं। राजस्थान की भाग्यश्री बनी चंबल नदी एकमात्र सदा प्रवाहिनी नदी है जो वर्ष भर बहती है।

  • क्या टीपू सुल्तान न्यायप्रिय शासक था?

    क्या टीपू सुल्तान न्यायप्रिय शासक था?

    टीपू द्वारा मन्दिरों का विध्वंस दी मैसूर गज़टियर बताता है कि "टीपू ने दक्षिण भारत में आठ सौ से अधिक मन्दिर नष्ट किये थे।”

  • जी- 20 की वर्तमान में उपादेयता

    जी- 20 की वर्तमान में उपादेयता

    ट्रस्टीशिप (न्यासधरिता)की धारणा पृथ्वी को सुरक्षित भविष्य का समाधान है ;पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली अपनाकर जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाकर सतत भविष्य को सफल ,सार्थक एवं स्वास्थ्यप्योगी बनाया जा सकता है।

  • पाँच लाख करोड़ डालर की भारतीय अर्थव्यवस्था ग्रामीण विकास के सहारे ही बनेगी

    पाँच लाख करोड़ डालर की भारतीय अर्थव्यवस्था ग्रामीण विकास के सहारे ही बनेगी

    वर्ष 1991 की जनगणना के अनुसार भारत की 74 प्रतिशत आबादी गावों में निवास करती थी और गावों की आबादी का दो तिहाई हिस्सा सीधे ही कृषि कार्यों से जुड़ा था।

  • जनजातियों के हक में पेसा एक्ट लागू होगा

    जनजातियों के हक में पेसा एक्ट लागू होगा

    जनजातीय गौरव दिवस 15 नवम्बर पर विशेष

  • मधुमेह का बढ़ता ख़तरा

    मधुमेह का बढ़ता ख़तरा

    विश्व मधुमेह दिवस 2021-23 का थीम ‘डायबिटीज़ केयर तक पहुंच, अगर अभी नहीं, तो कब?’ है।

  • जो कभी किसी स्कूल ही नहीं गया वो देश का पहला शिक्षा मंत्री बन गया

    जो कभी किसी स्कूल ही नहीं गया वो देश का पहला शिक्षा मंत्री बन गया

    सही मायने में देखा जाये तो आजाद पूरे भारत को मुगलिस्तान के रूप में देखना चाहते थे।

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