आप यहाँ है :

भाजपा संकल्प पत्र — 2019 हेतु प्रमुख सुझाव

1.*आयकर की सीमा बढ़ाकर कम से कम रु0 8 लाख तक ले जाए; क्योंकि 8 लाख आय वालों को गरीब सवर्ण आरक्षण कानून 2019 के तहत सरकार ने गरीब माना है। फिर गरीबो के ऊपर आयकर थोपना ठीक नहीं !

2.*2 हेक्टेयर तक जोत वाले गरीब कृषकों हेतु रु0 6000/- के अन्नदाता सम्मान राशि को बढ़ाया जाए !

3.*मंहगाई भत्ते एवं पेंशन को सरकार अपने कर्मचारियों को राहत राशि के रूप में देती है फिर इन पर आयकर लगाना विवेकपूर्ण नही। इन्हें आयकर से मुक्त किया जाए !

4.*आयकर एवं जीएसटी सहित सभी प्रत्यक्ष /अप्रत्यक्ष करों को समाप्त करके बैंक ट्रांजेक्शन टैक्स (BTT) लाने का 5 वर्ष पुराने वायदे को पूरा करे ! बड़ी मुद्राओं को यथाशीघ्र बंद करके देश कैशलेस इकॉनमी की तरफ बढ़ें .

5.*शिल्पकार मंत्रालय/ बोर्ड / आयोग/ के 15 वर्ष पुराने आश्वासन को सरकार अब तो पूर्ण करे ! ताकि विश्वकल्याणक शिल्पकारों के उत्थान एवं भारत के तकनीकी एवं औद्योगिक विकास का कार्य सुगमतापूर्वक हो ।

6.*रु0 300 लाख से अधिक विदेशी बैंकों एवं रु0 900 लाख करोड़ से अधिक स्वदेश में पड़े काले धन को राष्ट्रीय संपत्ति घोषित कर उसे कल्याणकारी योजनाओं एवं सर्वांगींण विकास में लगाया जाये।

7.*भ्रष्टाचार के विरुद्ध ज़ीरो टॉलरेंस के मुद्दे पर योग ऋषि बाबा रामदेव एवं शीर्ष संतों के आशीर्वाद एवं सहयोग से भारी बहुमत के साथ सत्ता में आयी नमो सरकार भ्रष्टाचार एवं भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करके भारत से भ्रष्टाचार के कलंक को समाप्त करे ! पक्ष/विपक्ष के विना भेदभाव के!

8.* बेनामी संपत्तियों की सूची जिलेवार जारी हो और उनको प्रभावी ढंग से जब्त किया जाए !

9.*लैंड सीलिंग एक्ट की भांति अधिकतम आय की सीमा (इनकम सीलिंग) का कानून लाकर उसे प्रभावी बनाया जाए ताकि आर्थिक विषमता /खाई को कम हो !

10.* अयोध्या में श्री राम जन्म भूमि पर दिव्य एवं भव्य मंदिर निर्माण की तिथि अविलम्ब सुनिश्चित की जाए ।

11.* नेहरू बेटन के बीच हुए “ट्रांसफर ऑफ पावर एग्रीमेंट” (14 अगस्त 1947 की अर्द्ध रात्रि हुई काली दुरभि संधि) को निरस्तकर भारत को पूर्ण स्वराज प्रदान करे।

12.* विदेशी गोरे अंग्रेजो के बनाये काले कानूनों एवं उसके समूचे भ्रष्ट तंत्र को खत्म किया जाए ! देश काल परिस्थिति के अनुसार कानून एवं विधान हो .

13.* “भ्रष्टाचारमुक्त भारत हमारा जन्म-सिद्ध अधिकार है” के ऋषि – संकल्प को पूर्ण करने हेतु जिले स्तर पर राष्ट्रवादी ईमानदार सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं अधिकारियो के सहयोग से SIT का गठन करते हुए नार्को टेस्ट हेतु हर जिले में लैब बने .

14.* ऐसा जिम्मेदार एवं जबाबदेहतंत्र विकसित हो जिसमें जनसमस्याओं का पारदर्शी ढंग से निर्धारित समय सीमा में विना भागदौड़ एवं पैरवी के निस्तारण हो। जनता के नौकर अधिकारी/कर्मचारी लोकतंत्र/लोकशाही के महत्व को समझें और देश की असली मालिक जनता जनार्दन की जनभवनाओं का अनादर न कर सके !

15.* न्यायिक आयोग का गठन करके कोलेजियम सिस्टम को समाप्त किया जाए। न्यायिक प्रक्रिया को सरल, सुलभ एवं सस्ती या निःशुल्क बनाया जाए। ताकि सबको खासकर गरीबो एवं उपेक्षितों को भी न्याय मिल सके!
16.* इंडिया जैसे अपमान जनक शब्द का सरकारी स्तर पर उपयोग बन्दकर केवल भारत शब्द का ही प्रयोग हो।

17.* “सबका साथ सबका विकास” की सर्वसमावेशी नीति का ईमानदारी एवं पारदर्शी ढंग से पालन सुनिश्चित हो ताकि सामाजिक न्याय के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। कोई भी जाति, समाज, वर्ग समुदाय खुद को वंचित उपेक्षित न महसूस कर सके ! सभी सम्मान एवं स्वाभिमानपूर्वक जीवन जी सकें। राज्यपाल, सांसद, विधायक, मंत्री, बोर्ड्स, निगम, आयोगों के पदाधिकारी एवं सदस्य , विवि कुलपति सभी वर्गों, समाजों के लोग विना भेदभiव के बनाये जाएं। ताकि देश मे समरसता कायम हो।

18.* PMO, CMO सहित किसी भी महत्वपूर्ण कार्यालय में कोई साधारण व्यक्ति कोई आवेदन /अपील / शिकायत भेंजे तो तय समय मे उसका समुचित संतोषजनक जवाब दिया जाना सुनिश्चित किया जाए।

19.* VIP संस्कृति को पूर्णतया खत्म किया जाए। केवल लाल बत्ती या खास रंग की बत्ती तक उसे सीमित न किया जाए। देश की असली मालिक जनता को किसी उच्चाधिकारी/नेता/ मंत्री/CM/PM/ राज्यपाल/ राष्ट्रपति से मिलना प्रतिबन्धित न हो बल्कि उसे सुलभ किया जाए।
20.* सड़क से मांस, शराब, अंडा, मछली की दुकानें हटाकर 500 मीटर दूर किसी बन्द कंपाउंड में ही अनुमति दी जाए। इसे धीरे2 या यथशीघ्र बन्द किया जाए ।

21.* धूम्रपान(बीड़ी, सिगरेट), सुर्ती, गुटखा, दोहरा, शराब पन्नी आदि जहरीले वस्तुओं के निर्माण, बिक्री एवं उपयोग को प्रभावी ढंग से पूर्णतया प्रतिबंधित किया जाए। इसके लिए दंडात्मक प्रावधान हों।

22.* नियुक्तियों में ईमानदारी एवं पूर्ण पारदर्शिता हो। गलत नियुक्तियां निरस्त करके पूरे वेतन भत्ते ब्याज सहित रिकवर किया जाए चाहे प्रकरण कई दशक पुराना हो।

23.* पुलिस की दादागिरी को खत्म करके उसके द्वारा “परित्राणाय साधुनाम विनाशाय च दुष्कृताम..” की नीति (राज धर्म ) का पालन सुनिश्चित किया जाए। थानों को दलालों से मुक्त किया जाए। पुलिस को जनमित्र बनाया जाए।

24.* सरकारी/निजी क्षेत्र की सेवाओं में लगे दलितों, अतिपिछड़े वर्ग के लोगों को विशेष संरक्षण प्रदान किया जाए ! उनका अपमान करने वालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही हो।

25.* जन्मना जाति /धर्म के आधार पर भेदभाव समाप्त हो ! सामंतवाद एवं कथित मनुवाद पर प्रभावी रोक हो।

26.* हर जिले का विकास के राष्ट्र की इकाई की भांति हो जहाँ विश्वस्तरीय एक केंद्रीय विश्वविद्यालय एवं चिकित्सालय सहित सभी संसाधन उप्लब्ध हों . केंद्रीय एवं राज्य विवि के भेदभाव को समाप्त करने हेतु समान अनुदान राशि ( ८५ % केंद्र + १५ % राज्य द्वारा ) प्रदान किया जाये .

27.* हर गाँव में एक विश्वस्तरीय राजकीय विद्यालय हो . ताकि बेहतर शिक्षा के लिए लोगों को शहरों / महानगरों के तरफ न भागना पड़े .

28.* सभी झीलों, गोचरों , पोखरों , तालाबों, वनों या अन्य सार्वजानिक भूमि को भू-माफियाओं से सख्ती से यथाशीघ्र मुक्त कराया जाये .

29.* शिक्षा प्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन हेतु वित्तविहीन एवं स्ववित्त प्रणाली के कलंक को खत्म किया जाये . व्यापक राष्ट्रहित में सामाजिक , आर्थिक सांस्कृतिक राष्ट्रीय , नैतिक एवं अiध्यात्मिक मूल्यों एवं संस्कारों को पुनर्स्थापित करने हेतु वैदिक संस्कारों एवं आधुनिक तकनीक के समन्वय से नए सिरे से एक नयी शिक्षा पद्धति का विकास हो .

— प्रो. (डॉ.) विक्रमदेव “आचार्य”
अधिष्ठाता (डीन), प्रबन्ध संकाय पीयू जौनपुर (उप्र)
अध्यक्ष, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ , पीयू जौनपुर
अध्यक्ष, राष्ट्रीय शिल्पकार महासंघ (अराजनैतिक)
राज्य प्रभारी, सोशल मीडिया(भारत स्वाभिमान)
मो0 7905511452, व्हाट्सएप्प:9919883533
ई-मेल ID:[email protected] comThanks with regards,

image_pdfimage_print


सम्बंधित लेख
 

Back to Top