महर्षि भारद्वाज का ‘अंशुबोधिनी’ शास्त्र: प्राचीन भारतीय प्रकाश-विज्ञान की एक दुर्लभ कड़ी
भारतीय ज्ञान-परंपरा में महर्षि भारद्वाज का नाम यंत्र-विज्ञान और वैमानिक शास्त्र के संदर्भ में प्रायः लिया जाता है। उनसे संबद्ध एक कम चर्चित ग्रंथ ‘अंशुबोधिनी’…
भारतीय ज्ञान-परंपरा में महर्षि भारद्वाज का नाम यंत्र-विज्ञान और वैमानिक शास्त्र के संदर्भ में प्रायः लिया जाता है। उनसे संबद्ध एक कम चर्चित ग्रंथ ‘अंशुबोधिनी’…
10 दिवसीय समारोह में खेल, क्विज एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं का होगा आयोजनभुवनेश्वरर। श्री अग्रसेन जयंती समारोह समिति, भुवनेश्वर द्वारा श्री श्री 1008 महाराजा…



पेड़ जीवन के स्रोत की तरह होते हैं... देखते देखते एक पेड़ अपने भीतर जन्म लेने लगता। पेड़ को केवल आँख भर देखते ही नहीं... देखते... देखते ही पेड़ सा हो जाते हैं।…



2008 के मालेगांव बम ब्लास्ट केस (Malegaon blast Case latest update) में एनआईए की विशेष अदालत ने साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर सहित सभी आरोपियों को बरी कर दिया है।…


परंपरा बनाम अवलोकन का मूल विभाजन• वाक्य सिद्धांत• दृक सिद्धांत• त्रुटि सीमाओं को परिमाणित करना• वाक्य प्रणाली में त्रुटियां• महत्वपूर्ण त्रुटि मार्जिन और…



एक छोटी-सी घटना से आया बड़ा विचारकई बार दुनिया को बदलने वाले विचार किसी बड़ी प्रयोगशाला में नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की जिंदगी की एक साधारण-सी घटना से जन्म लेते…



एशियाई खेल, जिसे एशियाड के नाम से भी जाना जाता है, एशिया की सबसे बड़ी खेल प्रतियोगिता है, जो हर चार साल में एक बार आयोजित की जाती है। वे एशिया ओलंपिक परिषद…


साइबर-फिजिकल सिस्टम डिजिटल और फिजिकल दुनिया को जोड़ते हैं, जिससे मशीनें समझ सकती हैं, विश्लेषण कर सकती हैं और समझदारी से प्रतिक्रिया दे सकती हैं। भारत 'नेशनल…



पांडिचेरी। हिंदी विभाग, पांडिच्चेरी विश्वविद्यालय द्वारा भाषा प्रौद्योगिकी कार्यशाला शृंखला की 100वीं कार्यशाला बुधवार, 28 अक्तूबर 2026 को सायं 6:00 बजे आयोजित…



1979-80 का एक वाक़िया। मशहूर फ़िल्म अभिनेत्री ज़ीनत अमान लन्दन में एक सोशल एक्टिविस्ट मुनीज़ा बसीर के घर पर थीं। वहाँ उन्होंने एक गिटार देख कर पूछा कि इसे कौन…



महात्मा गांधी ने अपने जीवन से और विचारों से समूची मनुष्यता को अपनी चाहनाओं और लालसाओं को स्वनियंत्रित करने का एक सूत्र दिया ।जो जीवन और भोजन की सनातन प्राकृत श्रृखंलाओं को अपने प्राकृत स्वरूप में निरन्तर चलते रहने