ताजा सामाचार

आप यहाँ है :

पत्रिका
 

  • रंग विस्तार – नटरंग प्रतिष्ठान के संग्रहालय से ऑनलाइन प्रसारण

    नटरंग प्रतिष्ठान ने अपने संग्रहालय से ऑनलाइन प्रसारण ‘रंग विस्तार’ के अगले हिस्से में रंग संवाद श्रृंखला का प्रसारण शुरू किया है। नटरंग प्रतिष्ठान इस हफ्ते सुप्रसिद्ध अभिनेता हरेकृष्ण अरोड़ा

  • लता मंगेशकर की भावांजलि- भावार्थ माऊली

    लता मंगेशकर की भावांजलि- भावार्थ माऊली

    लता दीदी का कहना है कि, मुझे महान संत ज्ञानेश्वर के काव्य साहित्य को आज की पीढ़ी के सामने प्रस्तुत करने का गौरव प्रदान हुआ है।

  • मंजुल भारद्वाज का नया नाटक  ‘लोक-शास्त्र सावित्री’ समता का यलगार !

    मंजुल भारद्वाज का नया नाटक ‘लोक-शास्त्र सावित्री’ समता का यलगार !

    कोरोना काल में जब सभी रंगकर्मी दुबक कर बैठे हैं, तुमने ३ जनवरी २०२१ सावित्रीबाई फुले के जन्मदिन पर ‘लोक-शास्त्र सावित्री’ प्रेक्षागृह में लाकर खड़ा कर दिया।

  • वनवासी संस्कृति में रचा बसा छत्तीसगढ़

    वनवासी संस्कृति में रचा बसा छत्तीसगढ़

    छत्तीसगढ़ की कांगेर घाटी करीब 34 कि.मी. लम्बी तराई में स्थित है। यह राष्ट्रीय पार्क होने के साथ-साथ एक बायोस्फीयर रिजर्व भी है। यह उद्यान भारत के सर्वाधिक सुन्दर एवं मनोहारी राष्ट्रीय

  • टेपा सम्मेलन:एक परम्परा के 50 साल

    टेपा सम्मेलन:एक परम्परा के 50 साल

    प्रथम टेपा सम्मेलन से लगाकर 50 वर्ष तक टेपा को पैसे कौड़ी का ठेका उस जमाने के बड़े समाजसेवी लाला अमरनाथ जी और बाद में उनके सुयोग्य पुत्र श्री ओम अमरनाथ जी तथा उनके

  • राजस्थान दिवस पर  बहुरंगी प्रदर्शनी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम

    राजस्थान दिवस पर बहुरंगी प्रदर्शनी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम

    प्रदर्शनी के अवलोकन के पश्चात् संभागीय आयुक्त ने सभी को राजस्थान दिवस की बधाई दी और कहा कि प्रदर्शनी के माध्यम से राजस्थान की कला, संस्कृति एवं वैभव की झलक इस प्रदर्शनी में

  • शक है उन्हें

    शक है उन्हें

    कार में हम तीन थे फिर भी एक सन्नाटा पसरा हुआ था । कार गलियों में बाएँ - दाएँ मुड़ती हुई गंतव्य की ओर बढ़ रही थी । सुकन्या एवं सौरभ के रिश्तों को सुलझाने की हमारी छोटी सी

  • नमस्ते साहब जी

    नमस्ते साहब जी

    जल्दबाजी नहीं है. ये फैक्ट्री के आवासीय परिसर में ही रहने वाले लोग हैं. इन सबकी मंजिल या तो इनका क्वार्टर है या फिर फैक्ट्री का वो गेट जहाँ एक छोटा सा बाज़ार है.

    • By: श्रीकांत उपाध्याय
    •  ─ 
    • In: कहानी
  • भारतीय संगीत का रोचक इतिहास

    भारतीय संगीत का रोचक इतिहास

    भारतीय संगीत प्राचीन काल से भारत मे सुना और विकसित होता संगीत है। इस संगीत का प्रारंभ वैदिक काल से भी पूर्व का है। इस संगीत का मूल स्रोत वेदों को माना जाता है। हिंदू परंपरा मे ऐसा मानना है कि ब्रह्मा ने नारद मुनि को संगीत वरदान में दिया था। पंडित शारंगदेव कृत "संगीत रत्नाकर" ग्रंथ में भारतीय संगीत की परिभाषा "गीतम, वादयम् तथा नृत्यं त्रयम संगीतमुच्यते" कहा गया है। गायन, वाद्य वादन एवम् नृत्य; तीनों कलाओं का समावेश संगीत शब्द में माना गया है। तीनो स्वतंत्र कला होते हुए भी एक दूसरे की पूरक है।

  • महिला प्रौद्योगिकी पार्क ग्रामीण महिलाओं के आत्‍मनिर्भर बनने के सपने को साकार करते हैं

    महिला प्रौद्योगिकी पार्क ग्रामीण महिलाओं के आत्‍मनिर्भर बनने के सपने को साकार करते हैं

    उत्‍तराखंड के देहरादून में यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज़ (यूपीईएस) के कम्‍प्‍यूटर विज्ञान विभाग की प्रोफेसर डॉ. नीलू आहूजा उन प्रयासों को लेकर काफी उत्‍साहित हैं,

Back to Top