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हिन्दी जगत
 

  • गुलामी की भाषा में आजादी का अमृत महोत्सव मनाने में लगा संस्कृति मंत्रालय

    यदि यह प्रमाण पत्र हिंदी या अन्य भारतीय भाषाओं में भी जारी किया जाता तो कितना अच्छा होता। अपनी भाषा के माध्यम से हर भारतीय को गर्व और गौरव होता। स्वतंत्रता के 75 वर्ष बाद भी इस तरह की भाषाई परतंत्रता दुखी करती है। जबकि तकनीकी रूप से ऐसा करना आजकल बहुत आसान है।

  • 25-30 जुलाई 2022 lतक सह शोधार्थियों हेतु अल्पावधि प्रशिक्षण प्रोग्राम

    जिसमे शोध के विभिन्न प्रक्रियाओं और प्रविधि की जानकारी विद्वान वक्ताओं द्वारा दी जाएगी। कार्यक्रम के पश्चात् प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र भी दिया जाएगा। साथ ही इस विषय से सम्बंधित ISBN युक्त शोध आलेखों की एक पुस्तक भी प्रकाशित की जाएगी।

  • समय बोध का कथन है राजकुमार कुम्भज

    समय बोध का कथन है राजकुमार कुम्भज

    इन्दौर का पुराना दृश्य जहाँ जवाहर मार्ग, मल्हारगंज स्थित है, वह पता वर्षों तक कुम्भज जी का स्थायी ठिकाना रहा। कवितागोई की मिठास जो हमेशा युवा रचनाकारों को भी प्रेरणा और हिम्मत देती रही है, उस मिठास का नाम राजकुमार कुम्भज है।

  • हिंदी साहित्य भारती आन्ध्रप्रदेश इकाई  राष्ट्र वंदन अतीत का अभिनंदन

    हिंदी साहित्य भारती आन्ध्रप्रदेश इकाई राष्ट्र वंदन अतीत का अभिनंदन

    एक आभासी (गूगल मीट) गोष्ठी का आयोजन दिनाँक 26-06-2022 को हिंदी साहित्य भारती आन्ध्रप्रदेश इकाई व्दारा राष्ट्र वंदन अतीत का अभिनंदन रामधारीसिंह दिनकर जी को उनके कृतित्व पर समसामयिक जीवनदर्शन पर किया गया ।

  • उत्कल-अनुज हिन्दी वाचनालय,भुवनेश्वर में काव्य संध्या

    उत्कल-अनुज हिन्दी वाचनालय,भुवनेश्वर में काव्य संध्या

    कविता का मुख्य विषयः मां,मां की ममता,मां का दिल,प्रेम,सूनापन आदि जैसे अनेक समसामयिक विषय रहे जिनकी खूब तारीफ तालियों से हुई। आयोजन की प्रारंभिक जानकारी अशोक पाण्डेय ने दी जबकि मंचसंचालन किशन खण्डेलवाल ने किया। श्रोता के रुप में

  • कोटा के साहित्यकार पंचोली को इजिप्ट में साहित्य रत्न सम्मान से सम्मानित

    कोटा के साहित्यकार पंचोली को इजिप्ट में साहित्य रत्न सम्मान से सम्मानित

    पत्रकार के रूप में “नवभारतटाइम्स” और “जनसत्ता” में तीन दशकों तक रिपोर्टिंग की और कुछ समय तक “आउटलुक” पत्रिका के लिए संबद्ध रहे। हैदराबाद मेंं देश के पहले बहुभाषी पोर्टल मे फ़ीचर सम्पादक के रूप में सेवाएं प्रदान की।

  • हिंदी के लिए खुला विश्व-द्वार

    हिंदी के लिए खुला विश्व-द्वार

    ये तीन भाषाएं भारतीय भाषाएं हैं, हालांकि पाकिस्तान और बांग्लादेश को विशेष प्रसन्नता होनी चाहिए, क्योंकि बांग्ला और उर्दू उनकी राष्ट्रभाषाएं हैं। यह खबर अच्छी है लेकिन अभी तक यह पता नहीं चला है कि संयुक्तराष्ट्र के किन-किन कामों को 'जरुरी' मानकर उनमें इन तीनों भाषाओं का प्रयोग होगा।

  • विश्वविजयी हिंदी का आत्म मुग्ध व  कृपण  हिंदी  समाज

    विश्वविजयी हिंदी का आत्म मुग्ध व कृपण हिंदी समाज

    रेत समाधि के अंग्रेजी अनुवाद को पुरस्कार मिलने की बात करके जो अज्ञानी नाक भौं सिकोड़ रहे हैं उनके लिए यह सामान्य बात समझना जरूरी है कि किसी भी देश, भाषा या संस्थान द्वारा शुरू किया गया हो कोई भी अंतरराष्ट्रीय साहित्य पुरस्कार बिना अनुवाद के संभव ही नहीं है।

  • हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए राष्ट्रीय अभियान

    हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए राष्ट्रीय अभियान

    हिन्दी के विकास और विस्तार हेतु जनसमर्थन अभियान, हिन्दी में हस्ताक्षर बदलो अभियान, शिक्षालय की ओर हिन्दी ग्राम, हिन्दी पुस्तकालय, हिन्दी प्रकाशन, मातृभाषा.कॉम, साहित्यकारकोश, संस्मय प्रकाशन आदि अभियान संचालित किए जा रहे हैं।

  • महाराणा प्रताप जयंती पर बाल,युवा एवं साहित्य पुरस्कार से सम्मानित

    महाराणा प्रताप जयंती पर बाल,युवा एवं साहित्य पुरस्कार से सम्मानित

    मुख्य वक्ता किशन लाल वर्मा ने राजस्थानी भाषा की अपनी पुस्तक "किका रो पर ताप " के दोहों से प्रताप के बचपन,जीवन संघर्ष और हल्दीघाटी युद्ध की ओजस्वी वाणी में जानकारी दी। समारोह अध्यक्ष भीलवाड़ा की लेखिका श्रीमती शिखा अग्रवाल, महाराणा वंशज शेखर सिंह सिसोदिया, से. नि. उप.मुख्य अभियंता, कोटा थर्मल बिगुल जैन

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