अंगूठे और उंगलियों के निशान (Fingerprints) विज्ञान की सबसे महत्वपूर्ण खोजों में से एक हैं। इनका उपयोग आज पहचान (Identification) और अपराधियों को पकड़ने में किया जाता है।
सबसे पहले किसने खोज की?
यह खोज एक व्यक्ति ने नहीं, बल्कि कई लोगों के काम से विकसित हुई।- 1686 में इटली के वैज्ञानिक मार्सेलो मालपीगी ने पहली बार उंगलियों की त्वचा पर बनी महीन रेखाओं (Ridges) का वैज्ञानिक वर्णन किया।
- 1823 में जान इवैंजेलिस्टा पुरकिन्ये ने उंगलियों के निशानों को अलग-अलग प्रकारों (जैसे Loop, Whorl और Arch) में वर्गीकृत किया।
- 1858 में भारत (बंगाल) में कार्यरत ब्रिटिश अधिकारी विलियम हर्शल ने लोगों की पहचान के लिए अंगूठे के निशान का व्यावहारिक उपयोग शुरू किया।
- 1880 में स्कॉटलैंड के डॉक्टर हेनरी फॉल्ड्स ने सुझाव दिया कि अपराधियों की पहचान के लिए भी फिंगरप्रिंट का उपयोग किया जा सकता है।
- बाद में सर फ्रांसिस गाल्टन ने वैज्ञानिक रूप से साबित किया कि हर व्यक्ति के फिंगरप्रिंट अलग होते हैं और जीवनभर लगभग नहीं बदलते।
कैसे पता चला कि हर व्यक्ति के निशान अलग होते हैं?
वैज्ञानिकों ने लाखों लोगों के फिंगरप्रिंट का अध्ययन किया। उन्होंने पाया कि:- एक जैसे जुड़वाँ (Identical Twins) के भी फिंगरप्रिंट अलग होते हैं।
- गर्भ में लगभग 10–16 सप्ताह के दौरान ये रेखाएँ बन जाती हैं।
- इनके बनने पर आनुवंशिकता (Genes) के साथ-साथ गर्भ के अंदर का दबाव, रक्त प्रवाह और सूक्ष्म वातावरण भी असर डालते हैं। इसलिए बिल्कुल समान पैटर्न बनना लगभग असंभव होता है।
- चोट लगने पर ऊपर की त्वचा छिल जाए तो निशान फिर वैसे ही बन जाते हैं। केवल बहुत गहरी चोट या जलने से स्थायी बदलाव हो सकता है।
फिंगरप्रिंट के मुख्य प्रकार
- Loop (लूप) – लगभग 60–70% लोगों में।
- Whorl (व्हॉर्ल) – लगभग 25–35% लोगों में।
- Arch (आर्च) – लगभग 5% लोगों में।
अपराधियों के अंगूठे के निशान का मिलान कैसे किया जाता है?
- घटनास्थल से निशान एकत्र किए जाते हैं
- पाउडर, विशेष रसायनों या आधुनिक प्रकाश तकनीकों से छिपे हुए (Latent) फिंगरप्रिंट दिखाई जाते हैं।
- फिर उनकी फोटो ली जाती है या टेप से उठाकर सुरक्षित किया जाता है।
- डिजिटल स्कैन किया जाता है
- फिंगरप्रिंट को उच्च गुणवत्ता में स्कैन किया जाता है।
- विशेष बिंदुओं की तुलना
विशेषज्ञ इन बातों को देखते हैं:- रेखा कहाँ समाप्त होती है (Ridge Ending)
- दो रेखाओं का अलग होना (Bifurcation)
- छोटे बिंदु (Dots)
- द्वीप (Islands)
- झील जैसी आकृतियाँ (Lakes)
- रेखाओं का कोण और दूरी
- कंप्यूटर से खोज
- आधुनिक पुलिस AFIS (Automated Fingerprint Identification System) जैसे कंप्यूटर सिस्टम का उपयोग करती है।
- कंप्यूटर लाखों रिकॉर्ड में मिलते-जुलते फिंगरप्रिंट खोजकर संभावित मिलान की सूची देता है।
- मानव विशेषज्ञ की पुष्टि
- अंत में फोरेंसिक विशेषज्ञ स्वयं दोनों फिंगरप्रिंट की बारीकी से तुलना करके पुष्टि करते हैं। केवल कंप्यूटर के आधार पर अंतिम निर्णय नहीं लिया जाता।
क्या दो लोगों के फिंगरप्रिंट बिल्कुल एक जैसे हो सकते हैं?
अब तक दुनिया में अरबों लोगों के फिंगरप्रिंट दर्ज किए जा चुके हैं, लेकिन किसी दो अलग व्यक्तियों के पूरी तरह समान फिंगरप्रिंट का प्रमाण नहीं मिला है। इसलिए फिंगरप्रिंट को पहचान का अत्यंत विश्वसनीय तरीका माना जाता है।रोचक तथ्य: यदि आपके दाएँ हाथ के अंगूठे का निशान और बाएँ हाथ के अंगूठे का निशान देखें, तो वे भी एक-दूसरे से अलग होते हैं। इसी कारण पुलिस दोनों हाथों की सभी उंगलियों के निशान रिकॉर्ड करती है।




