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रामायण सर्किट से 9 राज्यों के 15 स्थानों को जोड़ा जाएगा

सरकार ने स्वदेश दर्शन योजना की रामायण परिपथ थीम के तहत उत्तर प्रदेश और बिहार सहित नौ राज्यों में विकास के लिए 15 स्थानों की पहचान की है। हालांकि उसने बिहार के सीतामढ़ी के पुनौरा में सीता के प्राकट्य स्थल परिसर में भगवान राम और सीता के जीवन पर आधारित संग्रहालय बनाने के प्रस्ताव से इंकार किया है। पर्यटन मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने राज्यसभा को मंगलवार को यह जानकारी दी।उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के अयोध्या, नंदीग्राम, श्रृंगवेरपुर और चित्रकूट, बिहार के सीतामढ़ी, बक्सर और दरभंगा, मध्यप्रदेश के चित्रकूट, ओडिशा के महेंद्रगिरी, छत्तीसगढ़ के जगदलपुर, महाराष्ट्र के नासिक और नागपुर, तेलंगाना के भद्राचलम, कर्नाटक के हम्पी और तमिलनाडु के रामेश्वर को स्वदेश दर्शन योजना की रामायण परिपथ थीम के अंतर्गत चिह्नित किया गया है।

एक प्रश्न के लिखित उत्तर में पटेल ने बताया कि पर्यटन मंत्रालय ने राज्य सरकारों से रामायण परिपथ के अंतर्गत विकास के लिए परियोजना प्रस्ताव तैयार करने को कहा है।उन्होंने बताया कि इन परियोजना प्रस्तावों के तहत उत्तर प्रदेश में चित्रकूट और श्रृंगवेरपुर के विकास के लिए 2016-17 में 69.45 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए जिसमें से 52.17 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। इसी तरह उत्तर प्रदेश में ही अयोध्या के विकास के लिए 2017-18 में 133.31 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए जिसमें से 66.65 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।पटेल के अनुसार, इन दोनों परियोजनाओं का कार्य चल रहा है।एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में पटेल ने बताया कि पुनौरा में सीता के प्राकट्य स्थल परिसर में भगवान राम और सीता के जीवन पर आधारित संग्रहालय बनाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

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