Monday, May 27, 2024
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Homeदुनिया भर कीऔर सलमान पर फैसला हो ही गया

और सलमान पर फैसला हो ही गया

हिट ऐंड रन केस में कोर्ट ने बॉलिवुड ऐक्टर सलमान खान को गुनहगार देते हुए पांच साल की सजा सुनाई है। इसका मतलब साफ है कि अब सलमान को सीधे जेल जाना होगा, क्योंकि उनको जमानत देना सेशन्स कोर्ट के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। सलमान को अब जमानत के लिए हाई कोर्ट में जाना होगा। उनके वकील आज ही हाई कोर्ट में बेल की अर्जी दाखिल करने की तैयारी में हैं।
 
जानकारों का कहना है कि अगर सेशन्स कोर्ट सलमान को तीन साल की सजा सुनाता, तो उन्हें यहीं से बेल मिल सकती थी। सलमान पर लगाए गए आरोप इस कदर संगीन थे कि उन्हें इस मामले में कोर्ट ने 5 साल की सजा सुनाई। अब सलमान को हाई कोर्ट से ही जमानत मिल पाएगी।
 
हाई कोर्ट में अपील के लिए सलमान के वकीलों को सेशन्स कोर्ट के फैसले की सर्टिफाइड कॉपी चाहिए, जिसका आज ही मिलना मुश्किल माना जा रहा है। सलमान की दूसरी मुश्किल यह है 10 मई से हाई कोर्ट की छुट्टियां भी शुरू हो रही हैं। ऐसे में हाई कोर्ट से जमानत लेने के लिए सलमान के वकीलों के पास तीन दिन ही बाकी हैं।
 
सलमान खान की कुछ बड़े बजट की फिल्में निर्माणाधीन हैं और इंडस्ट्री का काफी पैसा उन पर लगा हुआ है। इससे पहले संजय दत्त के मामले में कोर्ट ने उन्हें अपनी फिल्में पूरी करने के लिए कुछ वक्त दिया था।
 
 
साल 2002 के हिट ऐंड रन केस में दोषी करार दिए गए बॉलिवुड सुपरस्टार सलमान खान को मुंबई की सेशंस कोर्ट ने 5 साल जेल की सजा सुनाई है। गैर इरादतन हत्या मामले में सलमान के खिलाफ लगे सभी आरोप कोर्ट ने सही पाए।
 
उतार चढ़ावों से भरे 12 साल पुराने इस मामले में न्यायाधीश डी डब्ल्यू देशपांडे ने 49 साल के ऐक्टर के खिलाफ फैसला सुनाया। इस मौके पर सलमान और उनका परिवार अदालत में मौजूद थे। अदालत ने कहा कि सलमान शराब पीकर गाड़ी चला रहे थे और उनके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था।
अदालत ने इस मामले का फैसला सुनाते हुए दिल्ली के बीएमडब्ल्यू निखिल नंदा और अलीस्टेयर परेरा मामले का अनुसरण करते हुए सलमान को दोषी ठहराया। अदालत ने सलमान से पूछा कि फैसले पर उन्हें क्या कहना है तो सलमान ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि हादसे के वक्त वह कार नहीं चला रहे थे।
 
वहीं, इस बीच मीडियाकर्मियों की भारी भीड़ के साथ पुलिसकर्मियों की झड़प भी हो गई। पुलिस ने इसके बाद मीडियाकर्मियों को बाहर कर कोर्ट रूम के दरवाजे को बंद कर दिया।
 
अदालत जिस समय अपना फैसला सुना रही थी, सलमान की आंखों में आंसू थे और वह चुपचाप खड़े थे। फैसले के बाद उनके वकील ने मामले की सजा की मात्रा पर जिरह शुरू की। इस महत्वपूर्ण मामले में आज फैसले को देखते हुए अदालत परिसर में और इसके आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई, जहां सलमान के भाई अरबाज, सोहेल, बहन अर्पिता खान सहित उनका परिवार आज सुबह ही पहुंच गया था।
 
28 सितंबर 2002 की रात को सलमान की टोयोटा लैंड कू्जर बांद्रा के उपनगरीय इलाके में पटरी पर सोए लोगों को कुचलती हुई एक बेकरी में घुस गई थी, जिससे एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य घायल हुए थे। बांद्रा के मेट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट (जिन्होंने सलमान के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने के हल्के आरोप में सुनवाई की थी, जिसमें अधिकतम दो साल की सजा का प्रावधान है) ने 2012 में गैर इरादतन हत्या के अधिक गंभीर आरोप के साथ मामला सेशन कोर्ट को भेज दिया था।
 
जहां अभियोजन इस बात पर अडिग था कि हादसे के वक्त शराब पीकर सलमान ही लैंड क्रूजर चला रहे थे, वहीं सलमान का दावा था कि उस समय उनका ड्राइवर अशोक सिंह ड्राइविंग सीट पर था। सिंह ने भी बचाव पक्ष की इसी बात समर्थन किया। बचाव पक्ष ने यह दलील भी दी कि पुलिस ने स्टीयरिंग व्हील से उंगलियों के निशान नहीं उठाए थे, जिससे यह मालूम चले कि वाहन कौन चला रहा था।
 
अभियोजक प्रदीप घरात का आरोप था कि सलमान एक बार में 'बकार्डी रम' पीने के बाद गाड़ी चला रहे थे। हालांकि सलमान ने इस आरोप से इंकार करते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ एक गिलास पानी पीया था। हादसे में नुरुल्लाह महबूब शरीफ की मौत हो गई थी, जबकि कलीम मोहम्मद पठान, मुन्ना मलाई खान, अब्दुल्लाह रौफ शेख और मुस्लिम शेख घायल हुए थे।
 
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता संतोष दाउंदकर ने एक अर्जी दाखिल कर आरोप लगाया था कि पुलिस ने गलत डॉक्टरों से पूछताछ कर झूठे साक्ष्य पेश किए, जिससे मामले में तीन साल की देरी हुई। उन्होंने याचिका में पुलिस द्वारा मुख्य प्रत्यक्षदर्शी कमाल खान से पूछताछ नहीं किए जाने के संबंध में भी सवाल उठाए थे। सलमान खान को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 भाग 2 (गैर इरादतन हत्या), 279 (लापरवाही से वाहन चलाना), 337 और 338 (गंभीर चोट पहुंचाना अथवा जीवन को खतरे में डालना) और 427 (संपति को नुकसान), के तहत आरोपित किया गया था।
 
 
मोटर वाहन कानून के तहत खान के खिलाफ 34 (ए), (बी) पढ़ें 181 के साथ (नियमों के विरुद्ध वाहन चलाने) और 185 (शराब पीने के बाद तेज रफ्तार से वाहन चलाने) आरोप लगाए गए हैं। उनको बम्बई मद्यनिषेध कानून के तहत भी आरोपित किया गया, जो शराब के नशे में गाड़ी चलाने से जुड़ा है।
 
इससे पहले, सुबह नीली जींस और सफेद कमीज पहने सलमान एक सफेद कार से बांद्रा स्थित अपने आवास से दक्षिण मुंबई स्थित सेशंस कोर्ट पहुंचे। उनके साथ उनके बॉडीगार्ड थे। वहां बाहर लोगों का जमावड़ा था और एक तमिल समूह प्रदर्शन करते हुए ऐक्टर के लिए अधिकतम सजा की मांग कर रहा था जिन्होंने श्रीलंका में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान महिन्दा राजपक्षे का समर्थन किया था।
 

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