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संस्कारवान बच्चे ही देश का सुनहरा भविष्य- कुलसचिव उपाध्याय

कोटा। संस्कारित बच्चे ही देश का सुनहरा भविष्य है बच्चों को ऊंचे सपनों की उड़ान की ओर जाने का उद्देश्य लेकर ही आगे बढ़ना है, सद्विचार एवं लक्ष्य लेकर के चलेंगे तो ऊंचाइयों को छू सकेंगे यह विचार कोटा विश्वविद्यालय के कुलसचिव आरके उपाध्याय ने पत्रकार संगठन आईएफडब्ल्यूजे तथा निशांन्स कोचिंग क्लासेज कोटा के तत्वाधान में शनिवार को बाल दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित बाल संवाद कार्यक्रम में व्यक्त किए ।

कुलसचिव ने बाल संवाद में बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चे देश का भविष्य होते है वो ही देश की अगली पीढ़ी होते है। आज के बच्चे कल के युवा बनेंगे। वह कल को वैज्ञानिक, नेता, दार्शनिक, प्रशासनिक अधिकारी, इंजीनियर, डॉक्टर और दूसरे महत्वपूर्ण पर पदों की शोभा बढ़ाएंगे। यह तभी संभव हो सकेगा जब हम अपने मन में लक्ष्य व समाजवाद एवं सहयोग की परिकल्पना को लेकर के साथ चलेंगे। उन्होंने व्हाट्सएप के दुष्प्रभाव के बारे में भी बताते हुए सचेत रहने तथा अच्छी बातें ही ग्रहण करने तथा नकारात्मक विचार मन में नहीं रखने का आग्रह किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं गांधी दर्शन समिति के पंकज मेहता ने कहा कि पढ़ाई की उम्र ही बच्चों को आगे की दशा और दिशा तय करती है अतः इस उम्र के पड़ाव पर हमें लगन से पढ़ाई करके अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना होगा । उन्होंने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू ने मन वचन और कर्म सदैव राष्ट्रहित में कार्य किया तथा राष्ट्र के विकास की सोच की नीवं भी उन्होंने ही रखी ऐसे में हमें उनके विकास परक सोच के पद चिन्हों पर चलना चाहिए।

नगर निगम कोटा दक्षिण के उपमहापौर पवन मीणा ने कहा कि संस्कारित समाज तब भी विकसित होगा जब बच्चे संस्कारित होंगे और यह संस्कार हमें समाज के संस्कारवान लोगों से सीखने होंगे । उन्होंने बच्चों से सीधा संवाद करते उनकी सोच उनके कार्य उनकी कार्यप्रणाली उसके व्यवहार के बारे में सकारात्मक रवैया हर समय सीखने की प्रवृत्ति रखने का आह्वान किया । उन्होंने विभिन्न उदाहरणों को देते हुए बच्चों से धैर्य संयम संस्कार सील बनते हुए पढ़ाई में ध्यान रखने का आह्वान किया।

बाल संरक्षण समिति के सदस्य अरुण भार्गव ने पंडित जवाहरलाल नेहरू की खुफिया बताते हुए उनके कार्य विचारों को मन में उतारने का बच्चों से आग्रह किया तथा सरकार के बाल संरक्षण के संदर्भ में चलाई जा रही विभिन्न योजना की जानकारी दी तथा बच्चों से अपना लक्ष्य बनाकर उस पथ पर चलने का आग्रह किया।

पत्रकार संगठन आई एफ डब्ल्यू जे के जिला अध्यक्ष के के शर्मा कमल ने सुनहरे भारत के नवनिर्माण में बच्चों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चे मन के सच्चे हैं और अपने जीवन में कुछ कर गुजरने की तमन्ना लेकर लक्ष्य की ओर बढ़ेंगे तो सफलता जरूर मिलेगी बच्चों से पढ़ाई में निरंतरता रखने का आह्वान किया ।
कार्यक्रम में हाडोती होलसेल व्यापार संघ के अध्यक्ष पंकज बागड़ी, निशान्स कोचिंग क्लासेज के सुनील तिवारी, वैलनेस कोच डॉ वितुल खंडेलवाल समेत आईएफडब्ल्यूजे पत्रकार संगठन के पत्रकार गण उपस्थित रहे समारोह के अंत में धन्यवाद कोटा महानगर अध्यक्ष दुष्यंत सिंह गहलोत ने दिया।

बाल संवाद कार्यक्रम में बच्चों ने भी अपने विचार व्यक्त किए तथा वक्ताओं की बातों पर उनके गए पूछे गए प्रश्नों के जवाब भी दिए । कई बच्चों ने अपने कैरियर को लेकर तो कई बच्चों ने विभिन्न बिंदुओं पर वक्ताओं द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब भी दिए तथा क्या सही क्या गलत इस पर भी अपनी हां और ना जाहिर की। कुलसचिव आरके उपाध्याय उपमहापौर पवन मीणा बाल कल्याण समिति के सदस्य अरुण भार्गव ने बच्चों से सीधा संवाद किया।

सफलता कैसे प्राप्त हो, कैसे मेहनत करें, क्या करें, कैसे करें, क्या ना करें इन सब बिंदुओं पर बच्चों को टिप्स देते हुए सफलता के गुर बताए गए। बाल संवाद कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए आगामी समय में नगर निगम, नगर विकास न्यास, जिला प्रशासन, पत्रकार संगठन आईएफडब्ल्यूजे , शिक्षा विभाग कोचिंग संस्थान हॉस्टल एसोसिएशन सभी के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल बाल संवाद कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय भी लिया गया जिसमें 5 से 7 हजार बच्चों से सीधे संवाद किया जावेगा।

बाल संवाद कार्यक्रम के दौरान उपस्थित बालक बालिकाओं का अतिथियों के द्वारा माल्यार्पण एवं टॉफी वितरण कर बाल दिवस की पूर्व संध्या पर सम्मान किया गया तथा बालकों को आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा के लिए सदैव गुरुजनों का सानिध्य रखने तथा बड़ों का आदर एवं मान सम्मान करने की शपथ भी दिलाई।

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