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दिग्विजय कालेज के प्राध्यापकों ने सीखीं कम्प्यूटर की बारीकियां

राजनांदगांव। शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने एक विशेष अभिमुखीकरण कार्यशाला में कम्प्यूटर का प्रभावी प्रशिक्षण प्राप्त किया। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की स्वशासी महाविद्यालयों के लिए संचालित महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत हुई पखवाड़े भर की इस कार्यशाला में विषय विशेषज्ञों और कम्प्यूटर शिक्षकों ने प्राध्यापकों को कम्प्यूटर के व्यावहारिक उपयोग के अनेक पहलुओं को भली भांति समझाया। कार्यशाला के उदघाटन अवसर पर मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं तकनीकी परिषद् के महानिदेशक प्रोफ़ेसर मुकुंद हम्बार्डे थे। अध्यक्षता डॉ.हेमलता मोहबे ने की। विशिष्ट अतिथि शासकीय कमलादेवी महिला महाविद्यालय,राजनांदगांव के प्राचार्य डॉ.राजेश पाण्डेय थे। समापन प्रसंग पर मुख्य अतिथि शासकीय शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ.सुमन सिंह बघेल थी। 

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.आर.एन.सिंह तथा कम्प्यूटर विभागाध्यक्ष डॉ.शबनम खान के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यशाला का उदघाटन करते हुए प्रोफ़ेसर मुकुंद हम्बार्डे ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को समय की ज़रुरत बताते हुए कहा कि कम्यूटर एक सेवक की तरह है। उसके लिए कार्यों की सही जानकारी होने पर ही हम उसकी वास्तविक और अपेक्षित सेवा प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने शोध कार्यों में कम्प्यूटर के उपयोग के तरीकों पर रोचक ढंग से प्रकाश डाला। अध्यक्षता कर रहीं डॉ.हेमलता मोहबे ने अपने प्रेसेंटेशन में कम्प्यूटर की उपयोगिता के विविध पक्षों की जानकारी दी। विशिष्ट अतिथि शासकीय कमलादेवी महिला महाविद्यालय,राजनांदगांव के प्राचार्य डॉ.राजेश पाण्डेय ने कहा कि बदलते युग और परिवेश में कम्प्यूटर हमारी ज़िंदगी का ज़रूरी हिस्सा बन गया है। इसका ज्ञान हर व्यक्ति के लिए आवश्यक है। इससे दक्षता विकास भी होता है। इस दृष्टि से यह कार्यशाला विशेष महत्वपूर्ण है। प्राचार्य डॉ.आर.एन.सिंह ने बताया कि भविष्य में सभी प्राध्यापकों, शिक्षकों के लिए कम्प्यूटर जानना अनिवार्य होगा ताकि कम्प्यूटर के अतिरिक्त कोर्स वे स्वयं पढ़ा सकें। इसलिए कम्प्यूटर सबको सीखना चाहिए। विभागाध्यक्ष डॉ.शबनम खान ने प्रशिक्षण से सम्बंधित विषयों की महत्ता प्रतिपादित की। 

महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ.चन्द्रकुमार जैन ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि कार्यशाला के दौरान अतिथि वक्ता सेंट थॉमस कालेज भिलाई के प्राध्यापक संतोषकुमार मिरी ने एम.एस.ऑफिस पर एकाग्र बहुआयामी जानकारी देकर प्राध्यापकों को लाभान्वित किया। जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्होंने कम्प्यूटर के उपयोग के कई अनछुए पहलुओं की बारीकियां समझायीं। इसी तरह व्याख्यानमाला की कड़ी में कम्प्यूटर शिक्षकों ने वर्ड,एक्सेल,पावर पाइंट, ई मेल बनाना, इंटरनेट सर्फिंग जैसे अनेक व्यावहारिक पक्षों की प्रायोगिक जानकारी दी। कोशिश यह रही कि समय सीमा के भीतर सभी प्रशिक्षु कम्प्यूटर की उपयोगिता से ज्यादा से ज्यादा रूबरू हो सकें, जिससे उसे बेहतर जानने की ललक भी पैदा हो सके। डॉ.शंकर मुनि राय ने प्रशिक्षण कार्यक्रम से अर्जित ज्ञान और उसके उपयोग पर आमने अनुभव साझा किये। 

कार्यशाला के समापन प्रसंग पर मुख्य अतिथि शासकीय शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ.सुमन सिंह बघेल ने प्रशिक्षणार्थी प्राध्यापकों को प्रमाणपत्र और प्रशिक्षण में प्रयुक्त सामग्री प्रदान की। प्रशिक्षण देने वाले शिक्षकों को भी प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। विभागाध्यक्ष डॉ.शबनम खान ने सबके सहयोग का आभार माना। 

संपर्क
डॉ.चन्द्रकुमार जैन 
प्राध्यापक 
शासकीय दिग्विजय स्वशासी 
स्नातकोत्तर महाविद्यालय,
राजनांदगांव ( छत्तीसगढ़ )

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